Signs of Disease: आजकल ऑफिस, जिम या घर हर जगह पानी की बोतल हाथ में लिए लोग दिख जाते हैं. सेहत के लिए पानी पीना जरूरी है, इसमें कोई शक नहीं. लेकिन, अगर आप नोटिस करें कि दिन में बार-बार बोतल खाली हो रही है, प्यास बार-बार लग रही है और मुंह सूखता (Dry Maouth) ही रहता है, तो यह सिर्फ अच्छी आदत नहीं, बल्कि शरीर का चेतावनी संकेत भी हो सकता है. कई लोग इसे मौसम, काम का दबाव या ज्यादा बोलने की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि हकीकत में यह कुछ बीमारियों की शुरुआती घंटी हो सकती है.
सामान्य प्यास और असामान्य प्यास में फर्क?
गर्मी, एक्सरसाइज, नमकदार खाना या बुखार में प्यास लगना सामान्य है. लेकिन, अगर बिना ज्यादा मेहनत के भी प्यास लगती रहे, पानी पीने के बाद भी संतुष्टि न मिले, रात में उठकर पानी पीना पड़े. तो, यह असामान्य प्यास मानी जाती है और इसकी वजह तलाशना ज़रूरी हो जाता है.
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1. डायबिटीज (शुगर) का शुरुआती संकेत
बार-बार प्यास लगना डायबिटीज का सबसे आम शुरुआती लक्षण माना जाता है. जब खून में शुगर बढ़ जाती है, तो शरीर उसे बाहर निकालने के लिए ज्यादा पेशाब बनाता है. इससे शरीर में पानी की कमी होती है और प्यास बढ़ जाती है.
साथ में दिखने वाले संकेत:
- बार-बार पेशाब आना
- अचानक वजन कम होना
- ज्यादा थकान
- मुंह का सूखना
अगर प्यास के साथ ये लक्षण भी हों, तो फास्टिंग और पोस्ट-प्रांडियल शुगर टेस्ट कराना समझदारी है.
2. डिहाइड्रेशन नहीं, हो सकता है इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस
कई लोग दिनभर सिर्फ सादा पानी पीते रहते हैं, लेकिन नमक और मिनरल्स की भरपाई नहीं होती. इससे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है, जिसमें प्यास बनी रहती है.
कब शक करें?
- बहुत ज्यादा पसीना आता हो
- कमजोरी या चक्कर
- सिरदर्द
ऐसे में ORS, छाछ, नारियल पानी जैसे विकल्प मददगार हो सकते हैं.
3. किडनी से जुड़ी समस्या
किडनी का काम शरीर से टॉक्सिन्स और एक्स्ट्रा पानी निकालना है. जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर का पानी संतुलन बिगड़ सकता है और प्यास बढ़ सकती है.

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ध्यान देने वाले लक्षण:
- पेशाब के रंग या मात्रा में बदलाव
- चेहरे या पैरों में सूजन
- थकान
4. थायरॉइड या हार्मोनल गड़बड़ी
कुछ हार्मोनल समस्याओं में शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे प्यास और पसीना बढ़ सकता है.
संकेत:
- दिल की धड़कन तेज
- वजन में अचानक बदलाव
- नींद की परेशानी
5. दवाओं का साइड इफेक्ट
ब्लड प्रेशर, एलर्जी, डिप्रेशन या पेशाब बढ़ाने वाली (डाययूरेटिक) दवाएं भी ज्यादा प्यास का कारण बन सकती हैं. अगर दवा शुरू करने के बाद यह समस्या बढ़ी है, तो डॉक्टर से बात करें खुद से दवा बंद न करें.
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6. मानसिक तनाव और एंग्जायटी
लगातार तनाव में रहने से मुंह सूखना और बार-बार पानी पीने की आदत बन सकती है। इसे कई लोग शारीरिक प्यास समझ लेते हैं.
संकेत:
- बेचैनी
- हाथ-पैर ठंडे लगना
- बार-बार निगलने की जरूरत
कब सतर्क होना जरूरी है?
- अगर 2-3 हफ्तों से लगातार असामान्य प्यास
- बार-बार बोतल भरनी पड़ रही हो
- साथ में कमजोरी, वजन बदलाव या पेशाब में फर्क दिखे
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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