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Frequent Urination: क्या ये सिर्फ उम्र का असर है या किसी बीमारी का संकेत? जानिए डॉक्टर की राय

बार-बार पेशाब आना सिर्फ उम्र का असर नहीं हो सकता. डॉक्टरों के मुताबिक यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है, जानिए कारण और कब दिखाएं डॉक्टर.

Frequent Urination: क्या ये सिर्फ उम्र का असर है या किसी बीमारी का संकेत? जानिए डॉक्टर की राय
अगर बार-बार टॉयलेट जा रहे हैं तो हो जाएं सतर्क!
NDTV

कई लोगों को लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ बार-बार पेशाब आना आम बात है. हालांकि बढ़ती उम्र में ब्लैडर यानी मूत्राशय में कुछ बदलाव जरूर आते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगर यह समस्या लगातार बनी रहे या परेशान करने लगे, तो इसे सिर्फ उम्र का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार, बार-बार पेशाब आने के पीछे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, इनमें बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, ओवरएक्टिव ब्लैडर, यूरिन इन्फेक्शन (UTI), डायबिटीज, ब्लैडर स्टोन और कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियां शामिल हैं. अच्छी बात यह है कि इनमें से कई समस्याओं का इलाज संभव है, खासकर अगर समय रहते पहचान हो जाए.

क्या बढ़ती उम्र के साथ बार-बार पेशाब आना नॉर्मल है?

उम्र बढ़ने के साथ पेशाब की सिस्टम में बदलाव आते हैं. ब्लैडर कम पेशाब रोक पाता है और पेशाब को कंट्रोल करने वाली मांसपेशियां पहले जितनी मजबूत नहीं रहतीं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर  यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर एम. गोपीचंद ने NDTV को बताया कि उम्र बढ़ने के साथ ब्लैडर में कम पेशाब जमा हो पाता है, जिसके कारण बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस हो सकती है, खासकर रात के समय.

यूरोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर डॉ. देवेंद्र के. शर्मा का क्या कहना है?

सीके बिरला हॉस्पिटल्स, जयपुर के यूरोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर डॉ. देवेंद्र के. शर्मा ने NDTV से कहा कि कई लोग सोचते हैं कि उम्र बढ़ने पर बार-बार पेशाब आना आम बात है, लेकिन ऐसा सोचना गलत है. उम्र के साथ ब्लैडर में थोड़े बदलाव होते हैं, इसलिए पेशाब ज्यादा लग सकता है. फिर भी इसे सिर्फ बुढ़ापे की वजह से नहीं मानना चाहिए. कई बार बार-बार पेशाब आना किसी बीमारी का इशारा होता है। ऐसे में डॉक्टर से जांच करवाना और इलाज लेना जरूरी है.

बार-बार पेशाब आने के कारण

प्रोस्टेट का बढ़ना

बुजुर्ग आदमियों में यह दिक्कत अक्सर होती है, इसमें प्रोस्टेट ग्रंथि बड़ी हो जाती है और पेशाब की नली को दबाती है, इससे बार-बार पेशाब लगना, अचानक तेज हाजत होना, पेशाब की धार कमजोर पड़ना और पेशाब पूरी तरह न निकलने जैसा लगता है.

ओवरएक्टिव ब्लैडर

यह दिक्कत आदमी और औरत दोनों को हो सकती है, इसमें अचानक से पेशाब की तेज हाजत लगती है, बार-बार वॉशरूम जाना पड़ता है और कई बार पेशाब निकल भी जाता है. 

डायबिटीज

अगर शुगर कंट्रोल में न हो तो बार-बार पेशाब आना इसका पहला लक्षण हो सकता है. जब खून में शुगर बढ़ जाती है तो किडनी उसे बाहर निकालने के लिए ज्यादा काम करती है, इससे पेशाब ज्यादा बनता है. 

पेशाब का इन्फेक्शन और पथरी

UTI या ब्लैडर में पथरी होने से ब्लैडर में जलन होती है. इसकी वजह से बार-बार पेशाब आता है, पेशाब करते समय जलन होती है और बार-बार टॉयलेट जाने का मन करता है.

किडनी और दिमाग से जुड़ी बीमारियां

किडनी खराब होना, स्ट्रोक, पार्किंसन, मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसी बीमारियां भी ब्लैडर के काम करने का तरीका बिगाड़ देती हैं.

डॉ. एम. गोपीचंद, सीनियर कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट, यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबादडॉ. देवेंद्र के. शर्मा

डायरेक्टर - यूरोलॉजी एंड रीनल ट्रांसप्लांट, सीके बिरला हॉस्पिटल्स, जयपुर

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लेखक के बारे में
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अनिता शर्मा
एसोसिएट एडिटर
अनिता शर्मा हिंदी की जानी-मानी हेल्थ जर्नलिस्ट्स में शुमार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है. साल 2006 में अपने... और पढ़ें
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