Rapid Hepatitis B Detection: हेपेटाइटिस-B (HBV) दुनिया भर में एक गंभीर लेकिन अक्सर साइलेंट संक्रमण है. कई लोगों को सालों तक पता ही नहीं चलता कि वे इस वायरस से संक्रमित हैं. जब तक लक्षण दिखते हैं, तब तक लिवर को काफी नुकसान हो चुका होता है. यही कारण है कि समय पर जांच और सही इलाज बेहद जरूरी है. यूरोपियन मेडिकल जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में प्रकाशित एक नई डायग्नोस्टिक स्टडी ने उम्मीद की एक नई किरण दिखाई है. इस शोध में बताया गया कि एक नया पॉइंट-ऑफ-केयर फिंगरस्टिक टेस्ट, जिसे एक्सपर्ट एचबीवी वायरल लोड टेस्ट (Xpert HBV Viral Load test) कहा जाता है, केवल उंगली से खून की एक छोटी बूंद लेकर एक घंटे के भीतर HBV की वायरल लोड रिपोर्ट दे सकता है. यह टेस्ट पारंपरिक और महंगे लैब टेस्ट जितना ही सटीक और भरोसेमंद पाया गया लेकिन ज्यादा तेज, सरल और सुलभ.
क्यों जरूरी है ऐसा टेस्ट?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने टारगेट रखा है कि 2030 तक HBV को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में खत्म किया जाए. इसके लिए 90% संक्रमित लोगों का डायग्नोस, 80% जरूरतमंद मरीजों को एंटीवायरल इलाज. लेकिन 2022 के आंकड़े चिंताजनक हैं:
- लगभग 26 करोड़ लोग क्रॉनिक HBV से संक्रमित थे.
- केवल 14% का ही डायग्नोस हुआ.
- और सिर्फ 8% पात्र मरीजों को इलाज मिल रहा था
WHO ने माना है कि HBV DNA टेस्टिंग की कमी, इलाज की पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा है.

पारंपरिक टेस्ट की समस्या क्या है?
- स्टैंडर्ड HBV DNA टेस्ट में नस से खून लिया जाता है, प्लाज्मा तैयार किया जाता है.
- सेंट्रल लैब में सैंपल भेजा जाता है.
- कई बार मरीज को बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है.
यह पूरी प्रक्रिया समय लेने वाली और महंगी है. खासकर ग्रामीण और संसाधन-सीमित देशों में यह बड़ी चुनौती है.
नए फिंगरस्टिक टेस्ट की खासियत:
इस स्टडी में 6 अस्पतालों से 246 क्रॉनिक HBV मरीजों को शामिल किया गया. रिजल्ट बेहद सकारात्मक रहे.
सटीकता के आंकड़े:
- 100 IU/mL से ज्यादा HBV DNA वाले 97% मरीजों की सही पहचान.
- 100 IU/mL से कम वालों में 90.3% की सही पहचान.
- 2,000 IU/mL से ज्यादा वायरल लोड वाले 95.3% मरीजों की पहचान
- हाई वायरल लोड न होने वाले 95% लोगों की सही पहचान.
यह टेस्ट रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (RT-PCR) तकनीक पर बेस्ड है, जो 60 मिनट में वायरल लोड का रिजल्ट देता है.
जीनोटाइप पर सीमाएं
हालांकि, शोधकर्ताओं ने बताया कि अलग-अलग HBV जीनोटाइप्स पर पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं था. बहुत ज्यादा वायरल लोड वाले मरीजों की संख्या भी कम थी. इसके अलावा, टेस्ट की पुनरावृत्ति (Reproducibility) का इवेल्युएशन नहीं किया गया.
यह मॉडल खासतौर पर लाभदायक हो सकता है:
- कम और मध्यम आय वाले देशों में.
- दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए.
- कठिन पहुंच वाले समुदायों में.
- HBV से संक्रमित गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व देखभाल में
HBV की समय पर पहचान और सही इलाज ही लिवर कैंसर और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचा सकता है. नया फिंगरस्टिक टेस्ट स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, सस्ता और सुलभ बना सकता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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