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AQI 500 पार, आंखों में जलन? डॉक्टर ने बताए पॉल्यूशन से आंखों को बचाने के 6 आसान तरीके

How To Protect Eyes from Air Pollution: जब AQI ज्यादा होता है तो हवा में धूल, धुआं, कार्बन कण और रासायनिक गैसें बढ़ जाती हैं. ये सभी सीधे आंखों की सतह पर जमा होकर जलन, खुजली, लालिमा और पानी आने जैसी समस्याएं पैदा करते हैं.

AQI 500 पार, आंखों में जलन? डॉक्टर ने बताए पॉल्यूशन से आंखों को बचाने के 6 आसान तरीके
एयर पॉल्यूशन से आंखें सूखने लगती हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

Air Pollution Effects on Eyes: सर्दियों के आते ही देश के कई शहरों में वायु क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI खतरनाक लेवल तक पहुंच जाता है. कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर और कुछ जगहों पर 400-500 के पार दर्ज किया जा रहा है, जिसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है. आमतौर पर इस प्रदूषण का असर फेफड़ों और दिल पर पड़ने की बात की जाती है, लेकिन हमारी आंखें भी इस जहरीली हवा का सबसे पहला शिकार बनती हैं. जब AQI ज्यादा होता है तो हवा में धूल, धुआं, कार्बन कण और रासायनिक गैसें बढ़ जाती हैं. ये सूक्ष्म कण सीधे आंखों की सतह पर जमा होकर जलन, खुजली, लालिमा और पानी आने जैसी समस्याएं पैदा करते हैं.

कई लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे आंखों में रेत चली गई हो. लंबे समय तक इस स्थिति को नजरअंदाज किया जाए तो ड्राई आई, एलर्जी कंजंक्टिवाइटिस और यहां तक कि कॉर्निया को नुकसान भी हो सकता है. कंसल्टेंट ऑप्थल्मोलॉजिस्ट, डॉ. राहुल, अग्रवाल आई हॉस्पिटल ने बताए प्रदूषण से आंखों को बचाने के असरदार तरीके.

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प्रदूषण का आंखों पर असर | Pollution Effects on the Eyes

सामान्य स्थिति में हमारी आंखों पर एक पतली आंसू की परत होती है, जो उन्हें नमी और सुरक्षा देती है. लेकिन, प्रदूषित हवा इस परत को जल्दी सुखा देती है. नतीजतन आंखें सूखने लगती हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से आंखों की बीमारी से जूझ रहे लोगों में यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है.

कैसे रखें आंखों का ख्याल? | How to Take Care of Your Eyes?

​1. ​बाहर निकलते समय आंखों को ढकें: जब भी घर से बाहर जाएं, बड़े साइज के चश्मे या सनग्लास पहनें, ताकि धूल और धुएं के कण सीधे आंखों में न जाएं.
​2.​ आंखों को न रगड़ें: जलन या खुजली होने पर आँखों को रगड़ने से बचें, इससे कण अंदर चले जाते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ता है.
​3.​ आर्टिफिशियल टीयर्स का उपयोग: डॉक्टर की सलाह से लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें, इससे आंखों की नमी बनी रहती है.
​4.​ घर के अंदर साफ हवा रखें: संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और घर की नियमित सफाई करें, ताकि धूल कम रहे.
​5.​ स्क्रीन टाइम कम करें: मोबाइल और कंप्यूटर का ज़्यादा इस्तेमाल आंखों को और सूखा बना देता है. हर 20 मिनट में आंखों को आराम दें.
​6.​ पानी और पोषण: पर्याप्त पानी पिएं और हरी सब्जियां, फल तथा ओमेगा-3 से भरपूर डाइट लें, जो आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद हैं.

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कब जाएं डॉक्टर के पास?

अगर आंखों में लगातार लालिमा, तेज दर्द, धुंधला दिखना या बहुत ज्यादा पानी आना जैसी शिकायत हो, तो इसे हल्के में न लें. तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें.

बढ़ता AQI केवल पर्यावरण की समस्या नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की सेहत से जुड़ा मुद्दा है. थोड़ी सी सावधानी और सही आदतें अपनाकर हम प्रदूषण के इस दौर में भी अपनी आंखों को सुरक्षित रख सकते हैं.

यह लेख कंसल्टेंट ऑप्थल्मोलॉजिस्ट, डॉ. राहुल, अग्रवाल आई हॉस्पिटल से बातचीत पर आधारित है)

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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