अगर आपके माथे, गालों या ऊपरी होंठ के आसपास धीरे-धीरे काले धब्बे नजर आने लगे हैं, तो हर बार इसकी वजह धूप, धूल या बढ़ती उम्र नहीं होती. कई बार इसके पीछे मेलाज्मा (Melasma) नाम की एक आम स्किन समस्या भी हो सकती है. यह ऐसी स्थिति है, जिसमें चेहरे के कुछ हिस्सों की त्वचा आसपास की त्वचा के मुकाबले ज्यादा गहरी दिखाई देने लगती है.
खास बात यह है कि यह समस्या महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है और गर्भावस्था या हार्मोन से जुड़े बदलावों के दौरान इसका खतरा बढ़ सकता है. सही समय पर पहचान और इलाज से इसे काफी हद तक संभाला जा सकता है.
मेलाज्मा क्या है?
प्रोफेसर राम अवतार के अनुसार मेलाज्मा एक सामान्य स्किन समस्या है, जिसमें चेहरे पर भूरे या गहरे रंग के धब्बे दिखाई देने लगते हैं. ये धब्बे सबसे ज्यादा माथे, गालों, नाक और ऊपरी होंठ के आसपास नजर आते हैं. कई बार यह धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए शुरुआत में लोग इसे सामान्य टैनिंग या धूप का असर समझ लेते हैं.
चेहरे पर हर काला धब्बा टैनिंग नहीं होता, कई बार इसके पीछे हार्मोनल बदलाव और मेलाज्मा जैसी स्किन कंडीशन भी जिम्मेदार हो सकती है.
मेलाज्मा क्यों होता है, मेलाज्मा के कारण क्या हैं?
मेलाज्मा की वजह अक्सर हार्मोनल बदलाव, धूप के संपर्क और आनुवंशिक होती हैं. सबसे आम मामलों में यह गर्भावस्था, गर्भनिरोधक गोलियां और हार्मोन थेरेपी के मामलों में दिखता है.
मेलाज्मा और सामान्य टैनिंग में क्या अंतर है?
टैनिंग आमतौर पर धूप के कारण पूरी त्वचा पर दिखाई देती है, जबकि मेलाज्मा में चेहरे के कुछ हिस्सों पर अनइवन भूरे या गहरे धब्बे बनते हैं, जो लंबे समय तक रह सकते हैं.

क्या धूप मेलाज्मा को बढ़ा सकती है?
धूप में जाने से आपका मेलाज्मा बढ़ सकता है. असल में सूरज की यूवी किरणें मेलाज्मा को और ज्यादा गहरा बना सकती हैं. इसलिए स्किन की सुरक्षा के लिए धूप से बचाव करना बेहद अहम हो जाता है.
क्या चेहरे के हर काले धब्बे की वजह मेलाज्मा होती है?
प्रोफेसर राम अवतार ने एनडीटीवी को बताया कि चेहरे पर दिखने वाला हर काला धब्बा मेलाज्मा नहीं होताा.अक्सर चेहरे पर काले धब्बे होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे टैनिंग, मुहांसों के निशान, बढ़ती उम्र या अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं. सही कारण जानने के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.
गर्भावस्था में मेलाज्मा का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
मेलाज्मा को कई बार 'प्रेगनेंसी मास्क' भी कहा जाता है, क्योंकि यह गर्भावस्था के दौरान काफी आम है. इसके अलावा गर्भनिरोधक गोलियां लेने वाली महिलाओं या हार्मोन थेरेपी कराने वाली महिलाओं में भी यह समस्या हो सकती है.
किन महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है मेलाज्मा?
कुछ मामलों में गर्भावस्था पूरी होने या हार्मोन थेरेपी बंद होने के बाद मेलाज्मा हल्का पड़ सकता है या खत्म हो सकता है. लेकिन कई लोगों में यह कई साल तक बना रह सकता है.
क्या मेलाज्मा अपने आप ठीक हो सकता है?
कुछ मामलों में गर्भावस्था के बाद या हार्मोनल दवाएं बंद करने के बाद मेलाज्मा हल्का पड़ सकता है. वहीं, कई लोगों में यह लंबे समय तक बना रह सकता है. ऐसे में इसके लिए इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
कब त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए?
ध्यान रखें कि चेहरे पर दिखने वाले हर काले धब्बे की वजह एक जैसी नहीं होती. इसलिए बिना सलाह के कोई क्रीम या घरेलू नुस्खा अपनाने के बजाय पहले सही कारण जानना ज्यादा जरूरी है.
अगर आपके चेहरे पर बिना किसी साफ वजह के काले धब्बे दिखाई देने लगे हैं या वे लगातार बढ़ रहे हैं, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा. सही समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेने से इलाज आसान हो सकता है और त्वचा को आगे होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकता है.
इस बारे में CPU-PSI सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, योग और संस्कार के डायरेक्टर प्रोफेसर राम अवतार ने NDTV से खास बातचीत की है.
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