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Sea Food खाने के हैं शौकीन तो हो जाएं सावधान! बन सकते हैं अंधे! नए वायरस को लेकर वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

Covert Mortality Nodavirus: हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र में पाए जाने वाला एक वायरस अब इंसानों की आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

Sea Food खाने के हैं शौकीन तो हो जाएं सावधान! बन सकते हैं अंधे! नए वायरस को लेकर वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
Covert Mortality Nodavirus
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Covert Mortality Nodavirus: हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र में पाए जाने वाला एक वायरस अब इंसानों की आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकता है. यह वायरस पहले झींगा और दूसरे समुद्री जीवों में मिलता था, लेकिन अब इसे एक नई आंखों की बीमारी से जोड़ा जा रहा है. अगर यह बीमारी बढ़ती है तो यह आंखों की रोशनी तक छीन सकती है. इस खोज ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारा खाना भी अब बीमारी का कारण बन सकता है.

क्या है यह वायरस और बीमारी?

इस वायरस का नाम Covert Mortality Nodavirus यानी CMNV है. यह वायरस खासतौर पर झींगा (Lobster) और कई समुद्री जीवों में पाया जाता है. वैज्ञानिकों ने इसे एक आंखों की बीमारी से जोड़ा है, जिसे Persistent Ocular Hypertension Viral Anterior Uveitis कहा जाता है. इस बीमारी में आंखों के अंदर दबाव बढ़ जाता है और सूजन (Swelling) हो जाती है. इससे नजर धुंधली हो सकती है और समय के साथ रोशनी कम हो सकती है.

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रिसर्च में क्या पता चला?

चीन में की गई इस स्टडी में 70 मरीजों को शामिल किया गया. इन सभी मरीजों को आंखों की यह समस्या थी. जांच में पाया गया कि उनकी आंखों के अंदर वायरस जैसे कण मौजूद थे. खास बात यह रही कि इन मरीजों के शरीर में CMNV के खिलाफ एंटीबॉडी (Antibody) भी मिली. वैज्ञानिकों ने इस वायरस को चूहों पर भी टेस्ट किया. चूहों में भी वही लक्षण दिखाई दिए जो इंसानों में देखे गए थे. इससे यह संकेत मिलता है कि यह वायरस बीमारी से जुड़ा हो सकता है.

कैसे हो सकता है संक्रमण?

रिसर्च के मुताबिक करीब 70 प्रतिशत मरीजों का संपर्क कच्चे समुद्री खाने या समुद्री जीवों से हुआ था. यानी कच्चा या अधपका सीफूड खाना एक वजह हो सकती है. हालांकि कुछ ऐसे मामले भी सामने आए जहां मरीजों का ऐसा कोई संपर्क नहीं था. इससे यह शक भी बढ़ता है कि यह संक्रमण दूसरे तरीकों से भी फैल सकता है.

कितना है खतरा?

वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इस पर और रिसर्च की जरूरत है. लेकिन अगर यह सच साबित होता है तो यह पहली बार होगा जब समुद्री वायरस को इंसानों की आंखों की बीमारी से जोड़ा जाएगा. चिंता की बात यह है कि यह वायरस अब तक कई समुद्री प्रजातियों में मिल चुका है और दुनिया के अलग अलग हिस्सों में मौजूद है. ऐसे में इसका खतरा आगे बढ़ सकता है.

कैसे करें बचाव?

डॉक्टरों की सलाह है कि कच्चा या अधपका समुद्री खाना खाने से बचें. समुद्री चीजों को छूने के बाद हाथ जरूर धोएं. अगर आंखों में दर्द, लालपन या धुंधलापन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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