Chirata Benefits In Hindi: भारत को जड़ी-बूटियों और औषधीय पौधों का खजाना कहा जाता है और ऐसे ही एक पौधे का नाम है चिरायता. चिरायता एक बारहमासी औषधीय पौधा है, जो मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों और ठंडी जलवायु वाले क्षेत्रों में उगता है.
चिरायता की खासियत क्या है?
चिरायता बहुत कड़वी होती है, लेकिन इसकी कड़वाहट ही इसकी ताकत है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को बढ़ाती है.
-
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज

चिरायता कौन-कौन सी बीमारी में काम आता है?
- चिरायता का इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से किया जाता रहा है. बुखार, खांसी और जुकाम जैसी छोटी-छोटी बीमारियों में यह काफी लाभकारी मानी जाती है.
- इसकी जड़ और पत्तियों में एंटी-वायरल गुण पाए जाते हैं, जो वायरल संक्रमण से होने वाले लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं.
- इसके अलावा, यह एनीमिया में भी सहायक है क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन और खनिज तत्व खून बनाने में मदद करते हैं. लिवर के लिए भी चिरायता बेहद फायदेमंद है.
- इसमें पाया जाने वाला यौगिक 'स्वेरचिरिन' लिवर को नुकसान से बचाता है और हेपेटाइटिस जैसी लिवर संबंधी समस्याओं में भी लाभकारी है.
- पाचन तंत्र के लिए यह औषधि वरदान के समान है, इसकी कड़वाहट पाचन रसों को सक्रिय करती है और अपच, गैस या कब्ज जैसी दिक्कतों में राहत देती है.
- आयुर्वेद में इसे खून साफ करने वाली औषधियों में भी शामिल किया गया है. यह भूख बढ़ाने, पेट के कीड़ों को नष्ट करने और जोड़ों के दर्द को कम करने में भी मदद करता है.
- त्वचा के लिए भी यह बहुत उपयोगी है, क्योंकि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं और त्वचा रोगों में फायदा पहुंचाते हैं.
चिरायता कब और कैसे पीना चाहिए?
चिरायता को इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं. इसका काढ़ा, पाउडर और चिरायता पानी सभी अलग-अलग समस्याओं में काम आते हैं. काढ़ा बुखार, इम्यूनिटी और लिवर के लिए अच्छा है, पाउडर पाचन और खून साफ करने में सहायक है और चिरायता का पानी हल्के बुखार और डिटॉक्स के लिए उपयोग किया जाता है.
चिरायता का सेवन करते समय सावधानी क्यों बरतनी चाहिए?
हालांकि चिरायता बहुत कड़वी और शक्तिशाली है, इसलिए इसे अधिक मात्रा में इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है. लंबे समय तक नियमित इस्तेमाल से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है.
इसे भी पढ़ें: Shubh Ratri: रात को सोने से पहले कैसा होना चाहिए आपका Hair Care Routine?
Watch Video:
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं