Apollo Doctor Recommends Correct Black Coffee Dosage : आजकल जिम जाने वाले युवाओं के बीच Pre-workout के रूप में ब्लैक कॉफी का चलन बहुत बढ़ गया है. कई लोग इसे फैट कम करने का शॉर्टकट मानते हैं. लेकिन अपोलो दिल्ली के मशहूर सर्जन डॉ. अंशुमन कौशल ने इस ट्रेंड को लेकर एक जरूरी चेतावनी जारी की है. डॉ. कौशल के अनुसार, लोग बिना विज्ञान समझे इसे अपना रहे हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किया कि अक्सर जिम में लोगों के एक हाथ में डंबल और दूसरे हाथ में ब्लैक कॉफी होती है. वे इसे किसी चमत्कारिक 'फैट-बर्न सप्लीमेंट' की तरह देखते हैं, जो सही नहीं है.
क्या ब्लैक कॉफी लिवर के लिए खतरनाक है?
डॉ. कौशल का कहना है कि लोग बिना तथ्यों की जांच किए यह मान लेते हैं कि कॉफी चर्बी को वैसे ही पिघला देगी जैसे प्रोटीन शेक मांसपेशियों को बनाता है. उन्होंने समझाया कि हालांकि कैफीन फैट जलाने में मदद करता है, लेकिन इसकी गलत मात्रा (Wrong dosage) आपके शरीर के आंतरिक अंगों, खासकर लिवर (Liver) को नुकसान पहुंचा सकती है.
ब्लैक कॉफी कैसे करती है काम?
डॉ. कौशल ने स्पष्ट किया कि ब्लैक कॉफी कोई जादू नहीं है. यह सीधे फैट नहीं जलाती, बल्कि आपके मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को बेहतर बनाती है.
कॉफी में मौजूद कैफीन और 'क्लोरोजेनिक एसिड' (Chlorogenic acid) लिवर को फैट प्रोसेस करने में मदद करते हैं. रिसर्च बताती है कि दिन में 2 से 4 कप कॉफी लिवर फैट को कम कर सकती है और एंजाइम लेवल को सुधारती है. यह फैट सेल्स की एक तरह से 'हाउसकीपिंग' यानी अंदरूनी सफाई में मदद करती है, जिससे शरीर फैट का बेहतर इस्तेमाल कर पाता है.
Also Read: कॉफी में मिलाकर पी लें ये देसी चीज, फिर जो होगा आप सोच भी नहीं सकते हैं
ज्यादा कॉफी पीने के नुकसान: जब दवा बन जाए जहर
डॉ. कौशल ने चेतावनी दी कि जो कैफीन मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, वही अधिक मात्रा में लेने पर शरीर में 'स्ट्रेस रिस्पांस' पैदा कर सकता है.
- हार्मोनल बदलाव: ज्यादा कैफीन से एड्रेनालिन और कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) बढ़ जाते हैं, जिससे शरीर वर्कआउट के लिए तैयार होने के बजाय तनाव में आ जाता है.
- दवा जैसा असर: उन्होंने कहा कि कॉफी एक ड्रग की तरह है. इसकी मात्रा ही तय करती है कि यह आपके लिए दवा का काम करेगी या जहर (Toxic) बन जाएगी.
- साइड इफेक्ट्स: हद से ज्यादा कॉफी पीने से नींद न आना (Insomnia), घबराहट (Palpitations), एसिडिटी, माइग्रेन और शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है.
डॉ. अंशुमन कौशल कहते हैं कि कई लोग जिम जाने से पहले 6-6 कप कॉफी पी लेते हैं. इससे फैट जल्दी कम नहीं होता, बल्कि सेहत का खतरा बढ़ जाता है.
Also Read: घर का खाना खाने के बाद भी रहता है पेट खराब? Nutritionist ने बताईं वो 8 गलतियां, जो हम रोज करते हैं
वजन घटाने के लिए कितनी कॉफी है सही?
सुरक्षित तरीके से फैट बर्न करने के लिए क्या करें
- अधिकतम सीमा: एक दिन में 300 से 400 mg कैफीन ही सुरक्षित है. इसका मतलब है कि आप दिनभर में 3 से 4 कप कॉफी पी सकते हैं.
- नर्वस सिस्टम पर दबाव: इस सीमा से आगे बढ़ने पर मेटाबॉलिज्म तेज नहीं होता, बल्कि आपके नर्वस सिस्टम पर बुरा दबाव पड़ता है.
- सही तरीका: हमेशा बिना चीनी (Unsweetened) और बिना क्रीम वाली ब्लैक कॉफी पिएं. दिन में 2-3 कप सबसे बेहतर हैं.
डॉ. कौशल के अनुसार, फैट बर्न करना मेटाबॉलिक साइंस पर निर्भर करता है, सिर्फ कैफीन पर नहीं. 'मॉडरेशन' यानी सीमित मात्रा में सेवन करना ही सही बायोकेमिस्ट्री है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं