विज्ञापन

सड़क किनारे दिखने वाला ये पीला फूलदार पेड़ है ‘रामबाण’, कब्ज से लेकर स्किन तक देता है राहत

आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसका इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है. इसकी खूबसूरती की वजह से इसे राजवृक्ष कहा जाता है और इसे फल लंबे होते हैं इसलिए इसे दीर्घ फल कहा जाता है. इसके फूल ग्लोडल कलर के होते हैं इसलिए इसे स्वर्णांग कहते हैं.

सड़क किनारे दिखने वाला ये पीला फूलदार पेड़ है ‘रामबाण’, कब्ज से लेकर स्किन तक देता है राहत
Amaltas Benefits: कब्ज, स्किन और पाचन के लिए फायदेमंद

Benefits of the Amaltas: आपने भी सड़क किनारे ग्लोडल फूलों वाले इस पेड़ को देखा होगा, इसके हेल्थ बेनिफिट्स से आप अंजान होंगे. हम बात तक रहे हैं अराग्वध (Cassia fistula) की. इसे इंडियन लेबर्नम या अमलतास भी कहा जाता है. अमलतास एक प्राचीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाता है, इसलिए इसे रोग निवारक भी कहा जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसका इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है. इसकी खूबसूरती की वजह से इसे राजवृक्ष कहा जाता है और इसे फल लंबे होते हैं इसलिए इसे दीर्घ फल कहा जाता है. इसके फूल ग्लोडल कलर के होते हैं इसलिए इसे स्वर्णांग कहते हैं. आइए जानते हैं कि अमरतास के पौधे का कौन सा हिस्सा क्या फायदा पहुंचाता है.

अमलतास क्या है?

अमलतास (Cassia fistula), जिसे इंडियन लेबर्नम या गोल्डन शॉवर ट्री भी कहा जाता है, आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी है. इसके फूल, पत्तियां, जड़ और खासकर फल का गूदा स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है.

अमलतास के फायदे (Amaltas Ke Fayde | Benefits of the Amaltas) 


1. त्वचा की समस्याओं में राहत

अमलतास की पत्तियां और जड़ त्वचा रोगों में उपयोगी मानी जाती हैं. इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो स्किन इंफेक्शन और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. 

Latest and Breaking News on NDTV

2. कब्ज और पाचन के लिए फायदेमंद : 

इसका फल गूदा एक माइल्ड लैक्सेटिव (रेचक) की तरह काम करता है, जिससे मल त्याग आसान होता है और कब्ज की समस्या में राहत मिलती है. 

रिसर्च में भी पाया गया कि Cassia fistula कब्ज में कुछ हद तक मददगार हो सकता है.

3. वात-पित्त बैलेंस करता है : 

आयुर्वेद के अनुसार अमलतास शरीर के वात और पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे शरीर का संतुलन बना रहता है.

4.  सूजन और घाव में लाभ : 

इसके पत्तों और छाल का उपयोग पारंपरिक रूप से सूजन कम करने और घाव भरने में किया जाता है.

5. शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद : 

अमलतास को आयुर्वेद में डिटॉक्सिफाइंग हर्ब माना जाता है, जो शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com