क्या हो अगर बूढ़ा होना... हमारी मर्ज़ी पर निर्भर हो जाए? सुनने में यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लगता है ना? लेकिन दुनिया के सबसे मशहूर भविष्यवादियों (futurists) में से एक का मानना है कि 2032 तक, AI हमें कुछ ऐसा हासिल करने में मदद कर सकता है जिसे 'लॉन्जिविटी एस्केप वेलोसिटी' (longevity escape velocity) कहते हैं.
इस मुश्किल नाम को भूल जाइए. इसका असली मतलब क्या है, सीधे शब्दों में समझिए:
मान लीजिए कि आप जितने भी साल बूढ़े होते हैं... साइंस आपको उससे कहीं ज़्यादा साल की एक सेहतमंद ज़िंदगी तोहफ़े में वापस दे देती है.
यानी, आपका शरीर लगातार बुढ़ापे की तरफ बढ़ने के बजाय...
...मेडिकल साइंस की मदद से उस आखिरी मंज़िल (मौत) को और आगे धकेलता जाता है.
यह भविष्यवाणी की है रे कर्ज़वील (Ray Kurzweil) ने- जो एक कंप्यूटर साइंटिस्ट, इन्वेंटर और भविष्यवादी हैं. उन्होंने नेत्रहीनों के लिए पहली रीडिंग मशीनों में से एक का आविष्कार किया था, बाद में गूगल में डायरेक्टर ऑफ इंजीनियरिंग बने, और दशकों पहले ही तकनीकी बदलावों की सटीक भविष्यवाणी करने के लिए जाने जाते हैं—फिर चाहे वो इंटरनेट का दौर हो या आज की AI क्रांति.
कर्ज़वील का मानना है कि AI दवाओं की खोज की रफ्तार को बहुत तेज़ कर देगा, जिससे हम बीमारियों... और यहाँ तक कि खुद बुढ़ापे के इलाज के बेहद करीब पहुँच जाएंगे.
और ऐसा बड़ा सोचने वाले वो अकेले नहीं हैं. गूगल के AI चीफ और नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डेमिस हसाबिस ने भी कहा है कि AI आगे चलकर तमाम बीमारियों को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकता है.
और इस बात से 80 के दशक का वो मशहूर गाना याद आता है - फॉरेवर यंग… आई वांट टू बी फॉरेवर यंग…
पर क्या आप सच में हमेशा के लिए जीना चाहते हैं?
सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल -
1. Longevity Escape Velocity क्या है?Longevity Escape Velocity एक ऐसा सिद्धांत है, जिसके अनुसार मेडिकल साइंस और तकनीक इतनी तेजी से आगे बढ़े कि इंसान जितनी तेजी से बूढ़ा हो रहा है, उससे ज्यादा तेजी से उसके स्वास्थ्य और जीवनकाल को बढ़ाया जा सके.
2. रे कर्ज़वील कौन हैं?रे कर्ज़वील एक प्रसिद्ध अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक, आविष्कारक और भविष्यवादी हैं. वे Google में Director of Engineering रह चुके हैं और तकनीक से जुड़ी कई भविष्यवाणियों के लिए जाने जाते हैं.
3. रे कर्ज़वील ने 2032 को लेकर क्या भविष्यवाणी की है?उनका मानना है कि 2032 तक AI दवाओं की खोज और मेडिकल रिसर्च को इतना तेज कर सकता है कि इंसान बुढ़ापे की प्रक्रिया को काफी हद तक धीमा करने में सक्षम हो जाए.
4. क्या AI सचमुच बुढ़ापा रोक सकता है?
फिलहाल ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि AI बुढ़ापा पूरी तरह रोक सकता है. हालांकि AI नई दवाओं की खोज, बीमारी की पहचान और स्वास्थ्य अनुसंधान को तेज बनाने में मदद कर रहा है.
5. AI स्वास्थ्य क्षेत्र में किस तरह उपयोग हो रहा है?AI का इस्तेमाल नई दवाएं विकसित करने, कैंसर जैसी बीमारियों की पहचान करने, जीन रिसर्च और व्यक्तिगत उपचार (Personalized Medicine) में किया जा रहा है.
6. क्या कुछ वैज्ञानिक रे कर्ज़वील की बात से सहमत हैं?कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि AI मेडिकल साइंस में बड़ी क्रांति ला सकता है. Google DeepMind के CEO और नोबेल पुरस्कार विजेता डेमिस हसाबिस भी कह चुके हैं कि AI भविष्य में कई बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
7. क्या इंसान 150 साल या उससे ज्यादा जी सकेगा?यह अभी केवल संभावना और शोध का विषय है. वैज्ञानिक समुदाय में इस पर बहस जारी है और कोई निश्चित निष्कर्ष सामने नहीं आया है.
8. क्या बुढ़ापा खुद एक बीमारी है?कई शोधकर्ता बुढ़ापे को एक जैविक प्रक्रिया मानते हैं, जबकि कुछ वैज्ञानिक इसे ऐसी स्थिति मानते हैं जिसे चिकित्सा विज्ञान की मदद से धीमा किया जा सकता है.
9. AI से सबसे बड़ा फायदा क्या हो सकता है?AI की मदद से नई दवाएं बनाने का समय कम हो सकता है, दुर्लभ बीमारियों का इलाज तेजी से खोजा जा सकता है और लोगों को लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीने में सहायता मिल सकती है.
10. क्या हमेशा के लिए जीना संभव होगा?फिलहाल इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि AI और मेडिकल साइंस जीवनकाल बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन अमरता (Immortality) अभी भी विज्ञान की पहुंच से बाहर है.
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