Heatwave Health Risks: भारत इन दिनों मानो आग के गोले में बदल गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया के 20 सबसे गर्म शहरों में से 19 भारत में हैं. प्रयागराज से लेकर बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक तापमान 44-45 डिग्री छू रहा है. मौसम विभाग पहले ही लू का अलर्ट जारी कर चुका है, और आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं. लेकिन, सवाल सिर्फ तापमान का नहीं है, सवाल है कि इस भीषण गर्मी में आपका शरीर अंदर से क्या झेल रहा है. क्या आपने कभी सोचा है कि 45 डिग्री में शरीर कैसे प्रतिक्रिया देता है? पसीना क्यों अचानक खतरा बन सकता है? और किन लोगों के लिए यह गर्मी जानलेवा साबित हो सकती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं इस हीट अटैक की पूरी कहानी.
40-45 डिग्री में शरीर के अंदर क्या होता है? | What Happens Inside the Body at 40-45 Degrees?
जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाता है, तो शरीर का कूलिंग सिस्टम यानी पसीना ही मुख्य सहारा होता है. लेकिन, 45 डिग्री के आसपास यह सिस्टम भी फेल होने लगता है.
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1. डिहाइड्रेशन (Dehydration)
गर्मी में शरीर तेजी से पानी खोता है. ज्यादा पसीना निकलने से शरीर में पानी और जरूरी नमक (इलेक्ट्रोलाइट्स) कम हो जाते हैं. इसके लक्षणों में चक्कर आना, कमजोरी, मुंह सूखना शामिल हैं. इससे शरीर के अंग ठीक से काम नहीं कर पाते.

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2. हीट स्ट्रोक (Heat Stroke)
यह सबसे खतरनाक स्थिति है, जब शरीर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है और कंट्रोल नहीं होता. इसके लक्षणों में तेज बुखार, बेहोशी, उलझन शामिल है. समय पर इलाज न मिले तो जान जा सकती है.
3. ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव
गर्मी में शरीर की नसें फैल जाती हैं, जिससे बीपी अचानक गिर सकता है. इससे चक्कर, बेहोशी या हार्ट पर दबाव पड़ सकता है.
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पसीना कैसे राहत भी, खतरा भी?
पसीना शरीर को ठंडा करता है, लेकिन जब यह बहुत ज्यादा होने लगे तो खतरा बढ़ जाता है. ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और सोडियम की कमी हो जाती है. इससे इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस हो सकता है. मांसपेशियों में ऐंठन, इर्रेगुलर हार्टबीट. कई बार शरीर इतना थक जाता है कि पसीना आना बंद हो जाता है. यह हीट स्ट्रोक का संकेत है, जो बेहद खतरनाक है.

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किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
हर कोई गर्मी से प्रभावित होता है, लेकिन कुछ लोग ज्यादा जोखिम में होते हैं. इनमें बच्चे और बुजुर्ग हैं. इनका शरीर तापमान कंट्रोल करने में कमजोर होता है. इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं में भी डिहाइड्रेशन और थकान का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. साथ ही जिन लोगों को दिल और बीपी की समस्या है, गर्मी में ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है. जो लोग बाहर काम करने रहे हैं, मजदूर, डिलीवरी बॉय, ट्रैफिक पुलिस इन पर सबसे ज्यादा असर हो सकता है.
भारत क्यों बन रहा है हीट कैपिटल?
हाल के आंकड़ों के अनुसार, भारत इस समय वैश्विक हीटवेव का केंद्र बना हुआ है. बिहार के भागलपुर, ओडिशा के तालचेर और पश्चिम बंगाल के आसनसोल जैसे शहर 44 डिग्री तक पहुंच चुके हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के कई शहर 43 डिग्री के आसपास हैं.
दक्षिण भारत भी पीछे नहीं कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान 40–45 डिग्री के बीच बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार, जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाता है, तब लू घोषित की जाती है और फिलहाल देश के कई हिस्से इसी स्थिति में हैं.
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज:
- दिन में 11 से 4 बजे तक धूप से बचें.
- खूब पानी और ORS लें.
- हल्के, ढीले और कॉटन कपड़े पहनें.
- बाहर निकलते समय सिर ढकें.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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