- राखी के मौके पर चार भाई बहन- अखिलेश, अवधेश, सरोज, राजकुमारी हादसे का शिकार हो गए.
- हादसा इतना भयानक था कि तीन की मौके पर ही मौत हो गई.
- इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई तो पता चला सब खराब हैं.
हरियाणा के फरीदाबाद में एक परिवार के लिए रक्षाबंधन का त्योहार एक बुरे सपने में बदल गया, जब चार भाई-बहनों का खुशी-खुशी हुआ मिलन कुछ ही घंटों में एक दुखद घटना में बदल गया. शनिवार सुबह फरीदाबाद में एक बस स्टैंड के पास तेज रफ्तार टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी की चपेट में आने से तीन भाई-बहनों की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल होने की वजह से अस्पताल में भर्ती है. अखिलेश, अवधेश, सरोज और राजकुमारी ये चारों भाई-बहन रक्षाबंधन मनाने के लिए अखिलेश के घर इकट्ठा हुए थे. उन्होंने साथ में रात बिताई, त्योहार मनाया और बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी. लेकिन उनमें से किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि अगली सुबह उनके साथ बिताया गया आखिरी वक्त होगा.
टक्कर इतनी जोरदार थी कि अखिलेश और अवधेश की मौके पर ही मौत हो गई. उनकी बहनें, सरोज और राजकुमारी, गंभीर हालत में अस्पताल ले जाई गईं. बचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद, शनिवार रात करीब 9:30 बजे सरोज की चोटों के कारण मौत हो गई.
सरोज की मौत के साथ, इस हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान जा चुकी है. राजकुमारी अभी भी फरीदाबाद के SSB अस्पताल में भर्ती हैं. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, अवधेश, सरोज और राजकुमारी पलवल के कुलेना के रहने वाले थे, जबकि चारों भाई-बहन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमेठी के खड़कपुर के रहने वाले थे.
चश्मदीदों की आंखों देखी...
तेज आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे एक स्थानीय निवासी ने वहां का भयानक मंजर बयां किया. उन्होंने बताया कि जब वे बाहर निकले, तो उन्होंने चारों भाई-बहनों को सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा देखा. दोनों भाइयों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक बहन गंभीर रूप से घायल थी. टक्कर के तुरंत बाद फॉर्च्यूनर का ड्राइवर मौके से भाग गया, जिससे यह मामला 'हिट एंड रन' का बन गया. पुलिस ने BNS की धाराओं 281, 125A और 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है, जो लापरवाही से गाड़ी चलाने, चोट पहुंचाने और लापरवाही के कारण मौत होने से संबंधित हैं. पुलिस अब ड्राइवर की तलाश कर रही है और दुर्घटना की वजहों की जांच कर रही है.
हादसे में शामिल गाड़ी 'यूनिमेक ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड' के नाम पर रजिस्टर्ड थी. इस दुखद घटना ने दुर्घटना वाली जगह पर सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में गाड़ियां अक्सर तेज रफ्तार से गुजरती हैं, जिससे बस स्टैंड के पास इंतजार कर रहे लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाता है.
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नहीं काम कर रहे इलाके में लगे CCTV कैमरे...
चिंता की बात यह भी है कि इलाके में लगे CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं. इससे जांच करने वालों के लिए यह पता लगाना और मुश्किल हो सकता है कि दुर्घटना असल में कैसे हुई और भागने वाले ड्राइवर की पहचान करना भी कठिन हो सकता है.
पास के एक ढाबे के मालिक टक्कर की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि इस इलाके में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना एक आम समस्या रही है. उन्होंने दावा किया कि वह खुद भी पहले इसी जगह पर तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आने से बाल-बाल बचे थे.
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