गुरुग्राम के सोहना रोड पर टैक्सी ड्राइवरों ने एक स्कूली छात्रा को घेरकर परेशान किया. डर के मारे लड़की ने खुद को कार के भीतर लॉक कर लिया और मां को कॉल लगाया. जब लड़की की मां मौके पर पहुंची तो पुलिस को 20 से ज्यादा बार कॉल भी किए, लेकिन मदद नहीं पहुंची. यह पूरा मामला तब शुरू हुआ, जब एक कार और टैक्सी की टक्कर हो गई. टक्कर के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और गाड़ी में बैठी नाबालिग लड़की को टैक्सी ड्राइवर ने घेर लिया. स्थिति इस हद तक बिगड़ गई थी, लेकिन पुलिस आधे घंटे तक नहीं पहुंची.
कार चालक से मारपीट
पीड़िता की मां के अनुसार, इस दौरान कार चालक के साथ मारपीट भी की. मौके पर मौजूद टैक्सी चालकों ने कार को घेर लिया. बार-बार दरवाज़ा खोलने की कोशिश की. इसी डर से छात्रा ने खुद को कार के भीतर लॉक कर लिया था. घर पर कॉल कर पूरे मामले की जानकारी दी. छात्रा की मां ने बताया, "मेरी बेटी ने पुलिस को पहला फोन शाम 5.02 बजे किया, जिसके बाद पुलिस ने 5.10 बजे फोन करके उसकी लोकेशन भी पूछी. जब उन्हें कोई मदद नहीं मिली तो उसने (बेटी) मुझे वीडियो कॉल किया और इस बारे में बताया. लड़की की मां ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को 20 से अधिक बार कॉल किया, लेकिन पुलिस टीम लगभग 37 मिनट बाद मौके पर पहुंची.
लड़की की मां ने ड्राइवर को दिए 2 हजार
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद छात्रा पर पैसे देकर समाझौता करने का भी दवाब बनाया गया. लड़की ने ड्राइवर को 2 हजार रुपये भी दिए. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की लापरवाही पर गुस्सा भी नजर आ रहा है. एक यूजर ने लिखा कि 10 मिनट में डिलीवरी हो जाती है, लेकिन पुलिस को 37 मिनट लगना चिंताजनक है.
जानिए पुलिस ने क्या कहा
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह मामला सोशल मीडिया टीम के संज्ञान में आया है. फिलहाल प्रकरण में जांच जारी है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुलिस टीम को मौके पर पहुंचने में इतना समय क्यों लगा. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी."
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