हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है. कुख्यात कौशल-बंबीहा गैंग के सक्रिय सदस्य गौरव उर्फ गौरव गडोली को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है. 4 अगस्त 2026 को उसे भारत पहुंचाया गया. STF के अनुसार वर्ष 2026 में विदेश से वापस लाया गया वह 13वां अपराधी है. इससे पहले अप्रैल में गैंग के ही सदस्य साहिल चौहान को थाईलैंड से भारत लाया गया था.
तीन साल तक विदेश से संभालता रहा गैंग का नेटवर्क
गुरुग्राम के गांव गडोली खुर्द का रहने वाला गौरव गडोली पिछले करीब तीन वर्षों से दुबई और जॉर्जिया में रह रहा था. पुलिस जांच में सामने आया है कि वह विदेश में बैठकर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में गैंग की गतिविधियों के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था. पुलिस का दावा है कि वह फरार गैंगस्टर पवन शोकीन के लिए डब्बा कॉल के जरिए रंगदारी वसूलने और आपराधिक साजिशों को अंजाम दिलाने में मदद करता था.
कौशल गैंग से पारिवारिक रिश्ता भी आया सामने
जांच एजेंसियों के मुताबिक गौरव गडोली का गैंग से केवल आपराधिक नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्ता भी है. वह गैंगस्टर कौशल चौधरी का साला है. उसकी बहन मनीषा, कौशल चौधरी की पत्नी है. पुलिस का कहना है कि मनीषा भी गैंग की गतिविधियों में सहयोग करती रही है. जांच में यह भी पता चला है कि गौरव और मनीषा मिलकर गैंग में नए लोगों की भर्ती कराने तथा आर्थिक नेटवर्क को मजबूत बनाने का काम करते थे.
फर्जी पासपोर्ट से भागा था दुबई
पुलिस के अनुसार गौरव 30 नवंबर 2023 को लखनऊ एयरपोर्ट से दुबई भाग गया था. उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद निवासी साहिल यादव के नाम पर कथित रूप से बनवाए गए फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया. इसी पासपोर्ट के जरिए वह भारत छोड़कर विदेश पहुंचा और वहां से गैंग की गतिविधियां संचालित करने लगा.
कई गंभीर मामलों में वांछित था आरोपी
गौरव गडोली के खिलाफ रंगदारी, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े कुल छह मामले दर्ज हैं. अदालत उसे वर्ष 2022 में भगोड़ा घोषित कर चुकी थी. उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था. भारत छोड़ने के बाद भी गुरुग्राम के बिलासपुर, भोंडसी और सेक्टर-10ए थानों में उसके खिलाफ संगठित अपराध और फर्जी पासपोर्ट से जुड़े नए मामले दर्ज हुए.
केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से हुई कार्रवाई
हरियाणा STF ने केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की. दुबई में हिरासत के बाद उसे भारत डिपोर्ट कराया गया. इस पूरी कार्रवाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और विदेश मंत्रालय का महत्वपूर्ण सहयोग रहा.
विदेश में छिपे गैंगस्टरों पर STF का शिकंजा
हरियाणा STF ने साफ किया है कि विदेश में बैठकर भारत में अपराध करवाने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. इसी कड़ी में STF ने हिमांशु भाऊ, रोहित गोदारा, रणदीप मलिक और अनिल पंडित पर 10-10 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित करने का प्रस्ताव पुलिस महानिदेशक हरियाणा को भेजा है. पुलिस का मानना है कि इनाम घोषित होने से इन अपराधियों के बारे में अहम जानकारी मिलने और उनकी गिरफ्तारी, प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन की कार्रवाई को गति मिलेगी.
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