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This Article is From Sep 18, 2017

प्रद्युम्न की क्‍लास में आए 4 ही बच्‍चे, हत्या के 9 दिन बाद खुला रयान इंटरनेशनल स्कूल

प्रद्युम्‍न की क्‍लास में 4 बच्‍चे ही आए जिसमें से दो बच्‍चे अपने पैरेंट्स के साथ आए थे ताकि अपना एडमिशन कैंसिल करवा सकें. स्‍कूल में सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम किए जाने के बावजूद बच्‍चों के मन में डर बैठा हुआ है.

प्रद्युम्न की क्‍लास में आए 4 ही बच्‍चे, हत्या के 9 दिन बाद खुला रयान इंटरनेशनल स्कूल
  • प्रद्युम्‍न की क्‍लास में सिर्फ 4 बच्‍चे आए
  • स्‍कूल का एडमिनिस्‍ट्रेशन हरियाणा सरकार के पास
  • सीबीएसई ने स्‍कूल को भेजा है नोटिस
गुरुग्राम: प्रद्युम्न की हत्या के 9 दिन बाद गुरुग्राम का रयान इंटरनेशनल स्कूल सोमवार को दोबारा खुला. पहले दिन प्रद्युम्‍न की क्‍लास में सिर्फ 4 बच्‍चे आए जिसमें से दो बच्‍चे स्‍कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट के लिए अपने अपने पैरेंट्स को साथ लेकर आए थे. सात साल के मासूम प्रद्युम्‍न की 8 सितंबर को हत्‍या कर दी गई थी जिसके आरोप में रयान इंटरनेशनल स्‍कूल के बस कंडक्‍टर 42 वर्षीय अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया था. हत्‍या के बाद सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कंडक्टर अशोक कुमार को उसी टॉयलेट के नजदीक देखा गया जहां प्रद्युम्‍न की हत्‍या की गई थी.

प्रद्युम्‍न क्‍लास 2 का छात्र था. उसकी हत्‍या की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. सुरक्षा इंतजाम के बाद सोमवार को पहली बार स्‍कूल का कामकाज शुरू हुआ. इस बीच प्रद्युम्न के पिता ने सीबीआई जांच शुरू होने तक स्कूल दोबारा खोलने पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि स्कूल खुलने के बाद सबूतों से छेड़छाड़ हो सकती है. साथ ही सुरक्षा कमियों को दूर किए बिना स्कूल खोलना दूसरे बच्चों के लिए ख़तरनाक हो सकता है. ऐसे में सीबीआई जांच शुरू होने तक स्कूल न खोला जाए.

सीबीएसई ने रयान को भेजा नोटिस, पूछा - क्‍यों न रद्द कर दी जाए स्‍कूल की मान्‍यता

सुभाष गर्ग भी अपने बच्‍चे को लेकर स्‍कूल पहुंचे थे. प्रद्युम्‍न की हत्‍या के बाद जब उसे हॉस्‍पीटल ले जाया जा रहा था तो उस दौरान सुभाष गर्ग भी मौजूद थे. उनका कहना था कि यहां डरने जैसी कोई बात नहीं है. स्‍कूल में सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं. हरियाणा सरकार स्‍कूल के एडमिनिस्‍ट्रेशन का काम देख रही है. हालांकि कई दूसरे पैरेंट्स ऐसे भी थे जो अपने बच्‍चे का एडमिशन कैंसि‍ल कराने आए थे. उनका कहना था कि मुझे पता है कि स्‍कूल में अब डरने जैसी कोई बात नहीं है. मैंने अपने बच्‍चे को समझाने की कोशि‍श की लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं है. ऐसे में मिड-टर्म में किसी दूसरे स्‍कूल में एडमिशन मुश्‍कि‍ल है लेकिन मुझे यहां से बच्‍चे को ले जाना ही होगा. क्‍लास 1 में पढ़ने वाले एक बच्‍चे की मां शशि का कहना था कि उसे स्‍कूल की सुरक्षा व्‍यवस्‍था पर भरोसा नहीं है. वह अपने बेटे को स्‍कूल नहीं भेजेगी.

VIDEO: स्‍कूल की सुरक्षा पर भरोसा नहीं, नाम कटवाने आए अभिभावक

प्रद्युम्‍न की हत्‍या के मामले में स्‍कूल के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है जिसमें से दो की गिरफ्तारी भी हो चुकी है जबकि इसके तीन फाउंडर मेंबर अभी अपनी गिरफ्तारी पर कोर्ट से स्‍टे ऑडर ले चुके हैं.

स्‍कूल में ऐसा कोई ठोस सिस्‍टम नहीं है जो आने वाले लोगों और बस स्‍टाफ की सही से जांच कर सके. इस बीच सीबीएसई ने भी स्‍कूल को नोटिस भेजकर पूछा है कि क्‍यों न उसकी मान्‍यता रद्द कर दी जाए.
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