हिमाचल: कांगड़ा के नगरोटा बगवां इलाके के पास जंगल में मंगलवार को भीषण आग लग गई. आग धीरे-धीरे जंगल में फैलने लगी. नैना देवी मंदिर पटियालकर में करीब 200 लोग फंस गए. राहत और बचाव दल ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. तेज हवा चलने की वजह से रेस्क्यू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. आग जंगल में बहुत तेजी से फैल रही थी.
मंदिर में फंसे थे 200 लोग
उपमंडल अधिकारी नागरिक नगरोटा बगवां के मुनीश शर्मा ने NDTV से बताया की पटियालकर (धलूं) में पहाड़ी पर नैना देवी मंदिर है, और शाम को मंदिर में भंडारे और जगराते का आयोजन था. यह मंदिर चारों तरफ से घने जंगल से घिरा हुआ है. जंगल में आग लगने से मंदिर चारो तरफ से आग से घिर गया था, और 200 के लगभग लोग मंदिर में फंस गए थे, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे.

जंगल में करीब 3 किलोमीटर आग फैल गई थी. (Photo- NDTV)
3 किलोमीटर तक फैली आग
मंदिर को जाने वाली सड़क के दोनों तरफ लगभग 3 किलोमीटर के क्षेत्र में भयंकर आग फैली थी. फायर ब्रिगेड की मदद से सबसे पहले सड़क के किनारे लगी आग को बुझाया, जिससे लोगों को सड़क मार्ग से गाड़ियों में निकाला जा सके. सभी को धीरे-धीरे गाड़ियों के माध्यम से सुरक्षित निकाल लिया गया.

तेज हवा की वजह से आग तेजी से फैलने लगी थी. (Photo- NDTV)
शाम 4 बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू
आग बुझाने का काम मंगलवार शाम 4 बजे के आस-पास शुरू कर दिया था, और सड़क के किनारों के आग बुझाते-बुझाते रात को 9:00 बज गए. बच्चों , महिलाओं और बजुर्गों को गाड़ियों में सबसे पहले निकालना शुरू किया, और रात लगभग 11 बजे तक सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया. पूरी रात टीम लगी रही.

मंदिर में मौजूद करीब 200 लोग फंस गए थे. (Photo- NDTV)
तूफान से आग और भड़की
रेस्क्यू ऑपरेशन में तूफान ने काफी बाधा खड़ी की, लेकिन प्रशासन के प्रयासों से सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया. अगर इस आग को नियंत्रित करने में जरा सी भी देर होती तो आस-पड़ोस के लगभग 5000 लोगों को प्रभावित कर सकती थी.
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