- सूरत के लालगेट इलाके में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण हुई
- परिवार हाल ही में उमराह से लौटा था और घर में धार्मिक कार्यक्रम चल रहे थे
- फोरेंसिक जांच में शरीर में जहर नहीं पाया गया, मौत गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस से हुई
गुजरात के सूरत शहर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सुरक्षा इंतजामों और घरेलू उपकरणों के प्रति हमारी सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. लालगेट इलाके में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की रहस्यमयी मौत हो गई थी. इसे शुरुआत में सामूहिक आत्महत्या का मामला समझा जा रहा था लेकिन अब फोरेंसिक जांच में एक 'खतरनाक हादसा' बनकर उभरी है.
उमराह से लौटा था परिवार
घटना 10 फरवरी की है. 36 वर्षीय फैज अहमद यूसुफ सैयद, अपनी पत्नी मुबीना बानू (32) और 12 साल के बेटे नोमान के साथ हाल ही में सऊदी अरब से उमराह कर लौटे थे. घर में धार्मिक कार्यक्रमों का माहौल था और रिश्तेदारों का आना-जाना लगा था. किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उस रात सोने के बाद यह परिवार कभी सुबह का सूरज नहीं देख पाएगा.
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वो एक फोन कॉल, जिसने खोल दिया मौत का दरवाजा
अगली सुबह जब फैज के बड़े भाई उस्मान अहमद ने भतीजे नोमान को स्कूल भेजने के लिए फोन किया, तो किसी ने जवाब नहीं दिया. कई कोशिशों के बाद जब शक हुआ, तो उस्मान भाई के घर पहुंचे. दरवाजा तोड़कर अंदर जाते ही चीख निकल गई. हॉल में मासूम नोमान बेसुध पड़ा था और बेडरूम में पति-पत्नी के शव थे. गनीमत रही कि सातवीं में पढ़ने वाली बेटी फरीन उस रात अपनी दादी के घर रुकी थी, जिससे उसकी जान बच गई.
फोरेंसिक खुलासा: जहर नहीं, कार्बन मोनोऑक्साइड बना काल
स्मिमेर अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉक्टर संदीप रतोली के अनुसार, शुरुआती पोस्टमार्टम में शरीर में किसी भी तरह के जहर के अवशेष नहीं मिले हैं. डॉक्टरों को आशंका है कि बाथरूम में लगे गैस गीजर से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस पूरे घर में फैल गई. ऑक्सीजन की कमी और इस जहरीली गैस के फेफड़ों में भरने से तीनों की दम घुटने (Asphyxiation) से मौत हो गई.
डॉक्टरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्बन मोनोऑक्साइड एक रंगहीन और गंधहीन गैस है. सोते समय बंद और कम हवादार (Ventilation) जगहों पर होना इन मौतों का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है.
बचाव के लिए क्या करें? विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद कुछ बेहद जरूरी सुरक्षा टिप्स साझा किए हैं:
- वेंटिलेशन: गैस गीजर को कभी भी पूरी तरह बंद बाथरूम में न लगाएं. इसे हमेशा खुले या हवादार स्थान पर इंस्टॉल करें.
- नियमित सर्विस: गैस पाइपलाइन और बर्नर की समय-समय पर जांच करवाते रहें.
- अलार्म: संभव हो तो घर में कार्बन मोनोऑक्साइड डिटेक्टर (Alarm) लगवाएं.
- सजगता: यदि बाथरूम का उपयोग करते समय सिर चकराए या भारीपन महसूस हो, तो तुरंत बाहर निकलें.
पुलिस फिलहाल अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और घर के गैस उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है.
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