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मोरबी का रहस्यमयी कुआं हुआ शांत, पांच दिन तक उठती रहीं लहरें; अब वैज्ञानिक तलाश रहे वजह

पिछले चार-पांच दिनों से पानी में लगातार उठ रहीं लहरें अचानक थम गई हैं. अब भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम इस अनोखी घटना के कारणों की जांच कर रही है.

मोरबी का रहस्यमयी कुआं हुआ शांत, पांच दिन तक उठती रहीं लहरें; अब वैज्ञानिक तलाश रहे वजह
गुजरात में पिछले चार-पांच दिनों से पानी में लगातार उठ रहीं लहरें अचानक थम गई हैं.

गुजरात के मोरबी जिले के वीरपरडा गांव में पिछले कई दिनों से लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बना रहस्यमयी कुआं अब पूरी तरह शांत हो गया है. करीब चार से पांच दिनों तक लगातार हिलता-डुलता और लहरें पैदा करता रहा कुएं का पानी शुक्रवार सुबह से स्थिर नजर आ रहा है. हालांकि पानी की हलचल भले ही रुक गई हो लेकिन इस अनोखी घटना का रहस्य अभी भी बना हुआ है.

पांच दिनों तक बना रहा कौतूहल का विषय

इस कुएं में पानी की असामान्य हलचल सबसे पहले 2 अगस्त को देखी गई थी. खेत मालिक प्राणजीवन सदारिया ने बताया था कि जब वह खेत पहुंचे तो कुएं का पानी किनारों तक उछल रहा था. इसके बाद लगातार कई दिनों तक पानी में लहरें उठती रहीं. यह खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लेकर राजमार्ग से गुजरने वाले लोग भी इस दृश्य को देखने पहुंचने लगे.

भूकंप की आशंका भी जताई गई

लगातार उठ रही लहरों को देखकर कुछ लोगों ने इसे भूकंप से जोड़कर भी देखा. हालांकि जिला प्रशासन और भूवैज्ञानिकों ने शुरुआती जांच में ऐसी किसी आशंका से इनकार किया. विशेषज्ञों का कहना था कि भारी बारिश के बाद भूजल के पुनर्भरण और जमीन के भीतर फंसी हवा के बाहर निकलने जैसी प्राकृतिक प्रक्रियाएं इसकी वजह हो सकती हैं.

तेज हवा के बावजूद बिल्कुल स्थिर रहा पानी

शुक्रवार को इलाके में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं. इसके बावजूद कुएं के पानी में किसी तरह की हलचल नहीं दिखी. पानी का अचानक शांत हो जाना लोगों के बीच चर्चा का नया विषय बन गया है. ग्रामीणों का कहना है कि जिस पानी में कई दिनों तक लगातार लहरें उठ रही थीं वह अचानक कैसे शांत हो गया यह समझ से परे है.

"पानी के नीचे फंसी हो सकती है हवा"

इस घटना पर कलेक्टर स्वप्निल खरे कहते हैं कि सोशल मीडिया पर विरपार्डा के कुएं के बारे में चल रही खबरों के आधार पर, ज़िले के भू-वैज्ञानिकों ने आज उस जगह का दौरा किया. उनकी शुरुआती जांच से पता चलता है कि पानी में हलचल शायद पानी के नीचे फंसी हवा की वजह से हो रही है. जब फंसी हुई हवा अपनी जगह बदलती है, तो पानी की सतह पर हलचल होती है. गुजरात ग्राउंडवाटर रिसर्च इंस्टीट्यूट से भी कहा गया है कि वे इस मामले की विस्तार से जांच करें और रिपोर्ट सौंपें."

जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर स्वप्निल खरे के निर्देश पर भूगर्भ विज्ञान विभाग की विशेष टीम मौके पर पहुंची है. टीम कुएं और आसपास के भूगर्भीय हालात का अध्ययन कर रही है. इसके अलावा गांधीनगर स्थित भूकंप अनुसंधान संस्थान से भी तकनीकी सलाह ली जा रही है.

रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल प्रशासन और ग्रामीण दोनों विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. सभी की नजर इस बात पर है कि आखिर कुएं में कई दिनों तक चली रहस्यमयी हलचल की वास्तविक वजह क्या थी और उसका अचानक रुकना किस प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है. जब तक जांच पूरी नहीं होती तब तक मोरबी का यह कुआं लोगों के लिए एक अनसुलझी पहेली बना रहेगा.

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