- विवाद दो हफ्ते पहले शुरू हुआ, जब एक स्कूल में मलाला की किताब पढ़ने के लिए दी गई.
- बजरंग दल ने कश्मीर पर मलाला के पुराने रुख का हवाला देकर विरोध किया.
- इसके बाद, कुछ लोग एक जगह इकट्ठा होकर किताब पढ़ने की योजना बनाए. वहां पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की.
गुजरात के अहमदाबाद में मलाला यूसुफजई की किताब को लेकर बवाल मच गया है. बुक पढ़ रहे सिविल सोसाइटी के लोगों पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है. सिविल सोसाइटी के लोग अहमदाबाद के एक मैदान में जमा होकर मलाला यूसुफजई की किताब 'I Am Malala' पढ़ रहे थे, जिसका बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. सोशल मीडिया के जरिए ऐलान करते हुए अहमदाबाद के एक गार्डन में आज किताब पढ़ने का कार्यक्रम तय किया गया था. मौके पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, अहमदाबाद में यह विवाद करीब दो हफ्ते पहले शुरू हुआ. वहां के एक स्कूल ने अपने छात्रों को मलाला यूसुफजई की एक किताब पढ़ने के लिए दी थी. बजरंग दल के सदस्यों ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कश्मीर मुद्दे पर यूसुफजई के पुराने रुख का जिक्र किया और भारत-विरोधी बताया.
इसके बाद, अब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट आया कि सिविल सोसाइटी के लोग वस्त्रपुर के गार्डन में इकट्ठा होंगे और मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ेंगे. स्कूल के फैसले के बाद, कांग्रेस के पार्थिवसिंह कथवाडिया और सिविल सोसाइटी के अन्य लोगों सहित कई नेता और स्थानीय लोग वस्त्रपुर के AUDA गार्डन में इकट्ठा हुए. इस दौरान उन्होंने स्कूल के सिलेबस में किताब को फिर से शामिल करने की मांग की.
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जमावड़े की खबर मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंच कर इस इवेंट का विरोध किया. उन्होंने इसे भारत-विरोधी नैरेटिव का समर्थन बताया. मामला तब और बढ़ गया, जब कार्यकर्ताओं ने उस ग्रुप का सामना किया और कहा कि यूसुफजई के काम का प्रचार तुरंत रोका जाए.
बाद में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ रहे लोगों के साथ मारपीट की. मामले में जांच शुरू की गई है.
सिविल सोसायटी के लोगों का दावा है कि भारत में सभी किताबें पढ़ने का अधिकार है. वहां न सिर्फ मलाला यूसुफजई की किताब, बल्कि गांधी, नेहरू और दूसरों की किताबें भी रखी गई थीं और पढ़ी जा रही थीं.
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
अहमदाबाद पुलिस ने बजरंग दल के उन कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिन्होंने म्युनिसिपल गार्डन में मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ रहे सिविल सोसाइटी के लोगों के साथ मारपीट की थी. 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने वास्त्रापुर के AUDA गार्डन में किताब पढ़ने के एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सिविल सोसाइटी के सदस्यों और राजनीतिक हस्तियों के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में दो नामजद लोगों और 18 अज्ञात लोगों की भीड़ के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि चल रही जांच के तहत स्थानीय CCTV फुटेज के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.
अहमदाबाद पुलिस के एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई है, "इस घटना में, वास्त्रापुर पुलिस स्टेशन में 2 नामजद आरोपियों और करीब 18 अन्य लोगों की भीड़ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और कानूनी कार्रवाई की गई है. CCTV फुटेज के आधार पर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और अपराध की आगे की जांच चल रही है."
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