England vs Argentina: सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन सच यही है कि इंग्लैंड और अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी कभी भी किसी सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच में आमने-सामने नहीं आए हैं. पिछले पांच विश्व कप गुजर चुके हैं और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण दोनों टीमों के बीच फ्रेंडली मैच की संभावनाएं भी लगातार कम होती गई हैं.
चार साल पहले इंग्लैंड वेम्बली में अर्जेंटीना से भिड़ने के बेहद करीब पहुंच गया था, लेकिन सिर्फ एक पेनल्टी शूट-आउट ने यह मुकाबला होने से रोक दिया. हर बार किस्मत ने दोनों के बीच एक दीवार खड़ी कर दी, जिससे फुटबॉल जगत को मेसी बनाम इंग्लैंड की बहुप्रतीक्षित टक्कर देखने को नहीं मिली. आइए उन मौकों पर नजर डालते हैं, जब मेसी और इंग्लैंड की टक्कर बस कुछ कदम दूर रह गई थी.
इंग्लैंड और अर्जेंटीना की पिछली भिड़ंत 12 नवंबर 2005 को स्विट्जरलैंड में खेले गए एक फ्रेंडली मैच में हुई थी. हर्नान क्रेस्पो और वाल्टर सैमुअल के गोलों से अर्जेंटीना ने दो बार बढ़त बनाई, लेकिन माइकल ओवेन ने मैच के आखिरी चार मिनट में दो गोल दागकर इंग्लैंड को 3-2 से यादगार जीत दिला दी. दिलचस्प बात यह है कि इस मैच में लियोनेल मेसी भी इंग्लैंड के खिलाफ उतर सकते थे. हालांकि, 18 वर्षीय मेसी अपने सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू के दौरान मिले रेड कार्ड के कारण एक मैच के निलंबन की सजा भुगत रहे थे और मैदान पर नहीं उतर सके.
डेब्यू पर रेड कार्ड, छूट गया ऐतिहासिक मुकाबला
ईएसपीएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2005 में हंगरी के खिलाफ अपने सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू में मेसी सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान पर आए थे, लेकिन एक मिनट के भीतर ही उन्हें रेड कार्ड दिखा दिया गया. ड्रिब्लिंग करते समय पीछे से चुनौती देने वाले विल्मोस वैनजाक को कोहनी मारने के कारण उन्हें बाहर भेजा गया था. यही निलंबन बाद में इंग्लैंड के खिलाफ संभावित पहले मुकाबले में उनकी गैरमौजूदगी की वजह बना.
वर्ल्ड कप 2006: दोनों की राह क्वार्टर फाइनल में थमी
जर्मनी में खेले गए 2006 विश्व कप में इंग्लैंड ग्रुप बी में अपराजित रहा और राउंड ऑफ 16 में इक्वाडोर को 1-0 से हराया. लेकिन क्वार्टर फाइनल में वेन रूनी के रेड कार्ड के बाद टीम पुर्तगाल से पेनल्टी शूटआउट में हारकर बाहर हो गई. दूसरी ओर, यह मेसी का पहला विश्व कप था. उन्होंने सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ गोल और असिस्ट के साथ अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई. अर्जेंटीना ने मैक्सिको को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन वहां मेजबान जर्मनी से पेनल्टी शूटआउट में हार गई. दोनों टीमों के बाहर होने से फाइनल में संभावित इंग्लैंड-अर्जेंटीना मुकाबले की सारी उम्मीदें खत्म हो गईं.
वर्ल्ड कप 2010 में भी छूटा मौका
दक्षिण अफ्रीका में आयोजित 2010 विश्व कप में इंग्लैंड का अभियान निराशाजनक रहा. राउंड ऑफ 16 में जर्मनी के खिलाफ 4-1 की हार आज भी फ्रैंक लैम्पार्ड के विवादित 'घोस्ट गोल' के लिए याद की जाती है. अगर वह गोल मान लिया गया होता और इंग्लैंड मैच जीत जाता, तो क्वार्टर फाइनल में उसका सामना 23 वर्षीय मेसी की अर्जेंटीना से हो सकता था. हालांकि ऐसा नहीं हुआ. उधर, मेसी शानदार फॉर्म में होने के बावजूद टूर्नामेंट में गोल नहीं कर सके और क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना को जर्मनी से 4-0 की करारी हार झेलनी पड़ी.
वर्ल्ड कप 2014: मेसी फाइनल तक पहुंचे, इंग्लैंड ग्रुप से बाहर
ब्राजील वर्ल्ड कप इंग्लैंड के इतिहास के सबसे खराब अभियानों में से एक रहा. इटली और उरुग्वे से हार और कोस्टा रिका से ड्रॉ के बाद टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई. इसके उलट मेसी अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ विश्व कपों में से एक खेल रहे थे. उन्होंने ग्रुप स्टेज में चार गोल किए और अर्जेंटीना को स्विट्जरलैंड, बेल्जियम तथा नीदरलैंड को हराकर फाइनल तक पहुंचाया. हालांकि फाइनल में जर्मनी ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब जीत लिया औरमेसी-इंग्लैंड मुकाबले का इंतजार एक बार फिर अधूरा रह गया.
वर्ल्ड कप 2018: इंग्लैंड सेमीफाइनल में, मेसी की जल्दी विदाई
रूस विश्व कप में इंग्लैंड ने 1990 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचकर शानदार प्रदर्शन किया. टीम ने कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में हराया और फिर स्वीडन को मात दी. वहीं अर्जेंटीना का अभियान संघर्षभरा रहा. टीम मुश्किल से नॉकआउट में पहुंची और राउंड ऑफ 16 में भावी चैंपियन फ्रांस से हारकर बाहर हो गई. चूंकि दोनों टीमें ड्रॉ के अलग-अलग हिस्सों में थीं, इसलिए उनके बीच मुकाबले की एकमात्र संभावना फाइनल थी, जो कभी साकार नहीं हो सकी.
वर्ल्ड कप 2022: मेसी का सपना पूरा, इंग्लैंड फिर चूक गया
कतर विश्व कप में इंग्लैंड ने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और सेनेगल को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. हालांकि फ्रांस के खिलाफ हैरी केन की अहम पेनल्टी चूक ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. दूसरी तरफ मेसी ने वह कर दिखाया, जिसका उन्हें वर्षों से इंतजार था. अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और क्रोएशिया को हराने के बाद फ्रांस के खिलाफ रोमांचक फाइनल जीतकर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की. अगर इंग्लैंड फ्रांस को हरा देता तो फाइनल में मेसी और हैरी केन की बहुप्रतीक्षित टक्कर देखने को मिल सकती थी, लेकिन यह मौका भी हाथ से निकल गया.
वेम्बली में भी नहीं मिल सके मेसी और इंग्लैंड
इंग्लैंड के पास विश्व कप से बाहर भी मेसी का सामना करने का शानदार मौका था. यदि गैरेथ साउथगेट की टीम जुलाई 2021 में खेले गए यूरो 2020 फाइनल में इटली को हरा देती, तो वह यूरोपीय चैंपियन बनकर 2022 फाइनलिसिमा में अर्जेंटीना से भिड़ती. मगर वेम्बली में ल्यूक शॉ के शुरुआती गोल के बावजूद इंग्लैंड पेनल्टी शूटआउट में हार गया. नतीजतन इटली ने जून 2022 में अर्जेंटीना का सामना किया, जहांमेसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को 3-0 की जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए.
यूरो 2024 फाइनल के बाद भी किस्मत ने साथ नहीं दिया
तीन साल बाद इंग्लैंड फिरमेसी से टकराने के करीब पहुंचा. यूरो 2024 के फाइनल में जीत उसे 2026 फ़ाइनलिसिमा के लिए क्वालिफाई करा सकती थी, जहां उसका सामना कोपा अमेरिका 2024 चैंपियन अर्जेंटीना से होता. लेकिन स्पेन ने फाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया. बाद में आयोजक फ़ाइनलिसिमा के लिए उपयुक्त तारीख तय नहीं कर सके और प्रस्तावित स्पेन-अर्जेंटीना मुकाबला भी रद्द हो गया.
2026 में खत्म होगा लंबा इंतजार
करीब दो दशकों से ज्यादा समय तक फुटबॉल फैंस मेसी और इंग्लैंड को एक-दूसरे के खिलाफ देखने का इंतजार करते रहे. कभी रेड कार्ड, कभी पेनल्टी शूटआउट, कभी मुश्किल ड्रॉ और कभी गलत समय पर मिली हार ने इस मुकाबले को टाल दिया. लेकिन अब किस्मत ने आखिरकार दोनों को एक ही मंच पर ला खड़ा किया है. बुधवार को होने वाला विश्व कप सेमीफाइनल सिर्फ अर्जेंटीना और इंग्लैंड की भिड़ंत नहीं होगा, बल्कि मेसी और इंग्लैंड के बीच वर्षों से अधूरी रह गई कहानी का सबसे बड़ा अध्याय भी होगा.
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