विज्ञापन

England vs Argentina: सेमीफाइनल से पहले बंद कमरे में इंग्लैंड की तैयारी, अर्जेंटीना को देंगे टक्कर

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल बुधवार देर रात 12.30 बजे से अटलांटा स्टेडियम (जॉर्जिया) में खेला जाएगा. इंग्लैंड टीम के फुटबॉल इतिहास पर 'पेनल्टी कर्स' (शाप) का साया हमेशा से रहा है. साल 1990, 1996, 1998 (अर्जेंटीना के ही खिलाफ) और यूरो 2020 के फाइनल की दर्दनाक यादें आज भी इंग्लिश फैंस के जेहन में ताजा हैं.

England vs Argentina: सेमीफाइनल से पहले बंद कमरे में इंग्लैंड की तैयारी, अर्जेंटीना को देंगे टक्कर
जूड बेलिंगहैम और हैरी केन
IANS

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल देर रात 12.30 बजे से (भारतीय समय के अनुसार) अटलांटा स्टेडियम (जॉर्जिया) में खेला जाएगा. इस मुकाबले में साल 1966 की चैंपियन इंग्लैंड की भिड़ंत डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना से होगी. इस एक्शन से पहले इंग्लैंड के फैंस के लिए डराने वाली बात यही है कि इस टीम के फुटबॉल इतिहास पर 'पेनल्टी कर्स' (शाप) का साया हमेशा से रहा है. साल 1990, 1996, 1998 (अर्जेंटीना के ही खिलाफ) और यूरो 2020 के फाइनल की दर्दनाक यादें आज भी इंग्लिश फैंस के जेहन में ताजा हैं.  इस मानसिक ब्लॉक को तोड़ने के लिए इंग्लैंड के फुटबॉल एसोसिएशन (FA) ने बाकायदा स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट्स की एक टीम तैयार की है, जो खिलाड़ियों को 'थ्री-सेकंड रूल' (गेंद रखने के बाद सांस लेने की तकनीक) और विजुअलाइजेशन सिखाती है.

बंद कमरे में तैयार होती है इंग्लैंड की टीम

एक तरफ इंग्लैंड के साइकोलॉजिस्ट बंद कमरों में शांति और ध्यान सिखाते हैं, वहीं अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को दूसरी टीम के खिलाड़ियों पर दबाव बनाने के लिए जाना जाता है. मार्टिनेज पेनल्टी लेने आ रहे खिलाड़ी को गेंद छूने नहीं देते, रेफरी से बहस करके समय खराब करते हैं, गोल लाइन पर अजीब डांस करते हैं. वह शूटर की आंखों में देखकर तरह-तरह के हथकंडों से उसका ध्यान भंग करते हैं. वह जानते हैं कि दबाव में खिलाड़ी का दिमाग जितना शांत रहने की कोशिश करेगा, उसे भड़काना उतना ही आसान होगा.

मैदान पर तनाव से पहले आर्टिफिशियल टेंशन

खेल विज्ञान के अनुसार, जब कोई खिलाड़ी अत्यधिक तनाव में होता है, तो उसका दिमाग 'फाइट-ऑर-फ्लाइट' (लड़ो या भागो) मोड में चला जाता है. इंग्लैंड के मनोवैज्ञानिक खिलाड़ियों को आर्टिफिशियल टेंशन में प्रैक्टिस कराते हैं. लेकिन जब सामने 80 हजार दर्शकों का शोर हो और गोलपोस्ट के बीच दिबू मार्टिनेज जैसा गोलकीपर आपको चिढ़ा रहा हो, तो सारी थ्योरी धरी की धरी रह जाती है. यह लड़ाई 'लैब में तैयार परफेक्शन' बनाम 'सड़क की जांबाजी' की है.

मार्टिनेज से होगा हैरी केन का सामना

इंग्लैंड के बुकायो साका को यूरो 2020 की पेनल्टी मिस करने के बाद जो नस्लीय नफरत झेलनी पड़ी थी, उसके बाद उन्होंने खुद को मानसिक रूप से बहुत मजबूत किया है. वहीं कप्तान हैरी केन, जो दुनिया के सबसे सटीक पेनल्टी टेकर्स में से एक हैं, उनका सामना मार्टिनेज से होगा. मार्टिनेज के पास केन की पेनल्टी किक के बॉडी लेंग्वेज का पूरा डेटाबेस है.

रैफरी की भूमिका पर रहेगी नजर

फीफा ने हाल ही में 'एंटी-मार्टिनेज रूल' (जिसके तहत गोलकीपर पेनल्टी लेने वाले खिलाड़ी को ध्यान भटकाने के लिए छू नहीं सकता या चिढ़ा नहीं सकता) लागू किया है. लेकिन दिबू इस नियम की सीमाओं को अच्छी तरह जानते हैं. वे रेफरी की नजरों से बचकर ऐसी हरकतें करते हैं जो नियम की परिधि में नहीं आतीं, लेकिन शूटर का ध्यान पूरी तरह भटका देती हैं. इस मनोवैज्ञानिक थ्रिलर में रैफरी की भूमिका किसी जज जैसी होगी जो खेल के नियमों और दिबू की चतुराई के बीच बैलेंस बनाए रखेगा.

अर्जेंटीना भले ही डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर सेमीफाइनल में उतर रहा है, लेकिन खिताब बचाने का उनका सफर आसान नहीं रहा. लियोनेल स्कालोनी की टीम ग्रुप स्टेज से तो आसानी से आगे बढ़ गई, लेकिन नॉकआउट के सफर में उनकी हिम्मत और जज्बे की बार-बार परीक्षा हुई. काबो वर्डे और स्विट्जरलैंड को हराने के लिए इस टीम को एक्स्ट्रा टाइम की जरूरत पड़ी. 'राउंड ऑफ 16' में मिस्र के खिलाफ 'मेसी एंड कंपनी' ने 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की थी.

इंग्लैंड को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का इंतजार

दूसरी तरफ, थॉमस ट्यूशेल के नेतृत्व में इंग्लैंड का सफर तुलनात्मक रूप से ज्यादा स्थिर रहा है. दबाव में 'थ्री लायंस' ने डिफेंस में अनुशासन और संयम दिखाया है. हालांकि, उनके प्रदर्शन में कभी-कभी उम्मीदों के मुताबिक कमी देखी गई है. ऐसा लगा है कि सेमीफाइनल में पहुंचने के बावजूद टीम ने अभी तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया है.

इंग्लैंड की टीम:

  • गोलकीपर: जॉर्डन पिकफोर्ड, डीन हेंडरसन, जेम्स ट्रैफर्ड.
  • डिफेंडर: एजरी कोंसा, निको ओ'रेली, जॉन स्टोन्स, मार्क गुएही, टीनो लिवरामेंटो, डैन बर्न, रीस जेम्स, जेड स्पेंस, जेरेल क्वांसाह.
  • मिडफील्डर: डेक्लान राइस, इलियट एंडरसन, जूड बेलिंगहैम, जॉर्डन हेंडरसन, कोबी मैनू, मॉर्गन रोजर्स, एबेरेची एजे.
  • फॉरवर्ड: बुकायो साका, हैरी केन, मार्कस रैशफोर्ड, एंथोनी गॉर्डन, ओली वॉटकिंस, नोनी मडुके, इवान टोनी.

अर्जेंटीना की टीम:

  • गोलकीपर: एमिलियानो मार्टिनेज, गेरोनिमो रूली, जुआन मुसो.
  • डिफेंडर: नाहुएल मोलिना, गोंजालो मोंटिएल, क्रिस्टियन रोमेरो, लियोनार्डो बालेरडी, निकोलस ओटामेंडी, लिसेंड्रो मार्टिनेज, निकोलस टैग्लियाफिको, फैसुंडो मदीना.
  • मिडफील्डर: लिएंड्रो पेरेडेस, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, रोड्रिगो डी पॉल, जियोवानी लो सेल्सो, एक्सक्विएल पलासियोस, एंजो फर्नांडीज, वैलेन्टिन बारको
  • फॉरवर्ड: लियोनेल मेसी, जूलियन अल्वारेज, लाउ तारो मार्टिनेज, थियागो अल्माडा, निकोलस पाज, निकोलस गोंजालेज, गिउलिआनो शिमोन, जोस मैनुअल लोपेज.

ये भी पढ़ें- आज रात फुटबॉल फील्ड पर युद्ध का बदला, अर्जेंटीना-इंग्लैंड मैच से पहले फॉकलैंड की लड़ाई क्यों याद कर रहे लोग?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
2026 FIFA World Cup, Football
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com