फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से पहले काबो वर्दे के गोलकीपर वोजिन्हा (Vozinha) को बहुत कम लोग जानते थे. मगर स्पेन के खिलाफ संपन्न हुए मुकाबले के बाद हर किसी के जुबां पर अब उनका नाम है. मगर ये शोहरत उन्हें रातों रात नहीं मिली है. 40 साल की उम्र में दुनिया के अन्य खिलाड़ी जहां रिटायरमेंट के बारे में विचार करते हैं. उन्होंने अपनी शाहस और जज्बे से हर किसी को दीवाना बना दिया है. फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने हाथ में उठा चुकी स्पेन के खिलाफ मुकाबले से पहले हर किसी को लग रहा था कि काबो वर्दे की टीम उनके सामने आसानी से घुटने टेक देगी. मगर जब मुकाबला शुरू हुआ तो वोजिन्हा गोलपोस्ट के सामने 'अंगद' बनकर खड़े हो गए. विपक्षी टीम ने 92 फीसद सटीक पास के साथ खेलते हुए आठ बार टारगेट पर शॉट लगाए. मगर वह वोजिन्हा को भेद नहीं पाए. 40 वर्षीय गोलकीपर ने आठ में से सात बार किले की दीवार बनकर विपक्षी टीम की गोल को रोक दिया. छह बार तो वोजिन्हा ने बॉक्स के अंदर अकेले गोल बचाया और टीम के ड्रॉ हुए मुकाबले में हीरो बन गए.
वोजिन्हा के संघर्ष की कहानी
वोजिन्हा का असल नाम जोसिमार जोस एवोरा डियास है. मगर लोग उन्हें प्यार से वोजिन्हा बुलाते हैं. वोजिन्हा का जन्म केप वर्डे के मिंडेलो में हुआ था. उन्हें बचपन से ही फुटबॉल खेलने का शौक था. मगर उनका सफर आसान नहीं रहा. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मिली रातों रात कामयाबी से पहले उन्हें काबो वर्दे, मोल्दोवा, रोमानिया, साइप्रस और पुर्तगाल में खुद को काफी तरासना पड़ा. उस कठिन मेहनत का उन्हें अब जाकर परिणाम मिला है.

वोजिन्हा फीफा वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाले बने दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी
बीते कल स्पेन के खिलाफ 40 वर्ष की उम्र में डेब्यू करते हुए वोजिन्हा फीफा वर्ल्ड कप में खेलने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं. पहले स्थान पर मिस्र के पूर्व गोलकीपर एस्साम एल हदरी का नाम आता है. जिन्होंने 45 साल की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप 2018 में डेब्यू किया था.

आर्थिक और वीजा कारणों की वजह से वोजिन्हा की मां को नहीं मिला अमेरिका का वीजा
स्पेन के खिलाफ ऐतिहासिक ड्रॉ के बाद वोजिन्हा काफी भावुक हो गए थे. जिसके पीछे की वजह उनकी मां थीं. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने नम आंखों के साथ कहा, 'मैं दादा-दादी के साथ पला-बढ़ा. अब वो इस दुनिया में नहीं हैं. मेरी मां वीजा की वजह से स्टेडियम तक नहीं आ पाईं. जिस पल के लिए मैं पूरी जिंदगी मेहनत करता रहा.'

काबो वर्दे की तरफ से खेलते हुए वोजिन्हा का प्रदर्शन
वोजिन्हा ने काबो वर्दे की तरफ से साल 2012 में डेब्यू किया था. उसके बाद से अब तक वह अपनी टीम की तरफ से 89 मुकाबलों में शिरकत कर चुके हैं. जहां उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा. जिसकी वजह से उनका नाम काबो वर्दे के प्रभावशाली फुटबॉलरों में गिना जाता है.
यह भी पढ़ें- Vozinha: सबसे बड़ी उम्र में FIFA वर्ल्ड कप डेब्यू, आते ही ऐसा धमाका किया कि 10 घंटे में 5 मिलियन फॉलोअर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं