Football star Lamine Yamal's family story: फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया. इस जीत के बाद सबसे ज्यादा 19 साल के लामिन यमाल चर्चा में रहे. भले ही लामिन यमाल ने कोई गोल नहीं किया लेकिन मेसी के साथ उनकी पुरानी तस्वीर से लेकर फाइनल में मेसी के खिलाफ खेलने तक उनकी कहानी लोगों की जुवां पर रही. एक ओर जहां उनकी और मेसी की कहानी ने फैन्स का दिल जीता तो वहीं लामिन यमाल के संघर्ष भरी कहानी ने भी फैन्स के दिलों को छू लिया.
मैच के बाद प्रेस से बात करते हुए यमाल काफी इमोशनल हो गए और उन्होंने अपनी मां और पिता के संघर्षों को याद किया. उन्होंने बताया कि कैसे उनकी मां ने 16 साल की उम्र में उनको जन्म दिया था था. उन्होंने ये भी बताया कि उनका बचपन काफी गरीबी में बिता है. पिता रोज सुबह घर से बाहर निकल कर खाने के लिए सामग्री इकट्ठा किया करते थे जिससे उनका और उनकी मां का पेट भर सके.
मैच के कुछ घंटों बाद, स्पेन के युवा फॉरवर्ड प्रेस से बात करने आए और प्रेस वार्ता के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मैच को लेकर आपको ऊपर दबाव था. इस सवाल का जवाब देते हुए यमाल ने अपने पिता और मां के संघर्षों को याद किया और कहा कि उनकी कुर्बानियों के आगे मैच का यह दबाव कुछ नहीं है.
लामिन यमाल ने मां-पिता की कुर्बानियों को किया याद
पिता करते थे कबाड़ इकट्ठा, मां ने 16 साल की उम्र में दिया था जन्म
रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मां शीला एबाना, इक्वेटोरियल गिनी के बाटा से कैटेलोनिया आ गई थीं और 16 साल की उम्र में उन्होंने यमाल को जन्म दिया. उनके पिता मुनीर नसराउई बचपन में ही मोरक्को से स्पेन आ गए थे और बाद में गुजारा करने के लिए कबाड़ इकट्ठा करने और दूसरे छोटे-मोटे काम करते थे. जब यमाल लगभग तीन साल के थे, तब उनके माता-पिता अलग हो गए.यमाल ज्यादातर मटारो के रोकाफोंडा इलाके में पले-बढ़े, जो मजदूर वर्ग का इलाका है. वहां वे एक छोटे से फ्लैट में रहते थे, जिसमें किचन और बेडरूम असल में एक ही कमरे हुआ करते थे.
मेसी औऱ यमाल की यादगार कहानी
2026 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में एक ऐसी तस्वीर सामने आई जो स्पेन और अर्जेंटीना के बीच हुए मैच के नतीजे से कहीं ज्यादा अहम साबित हुई. मैच खत्म होने की सीटी बजने के बाद, लामिन यमाल कुछ देर के लिए स्पेन के जश्न से अलग हुए और सीधे लियोनेल मेसी के पास गए, जो हार मिलने के बाद मैदान पर काफी इमोशनल नजर आए थे. मेसी के पास जाकर यमाल ने उनसे हाथ मिलाया और एक-दूसरे को भावुक होकर गले लगाया, यह पल जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
मैच के कुछ घंटों बाद, स्पेन के युवा फॉरवर्ड ने बताया कि वह अर्जेंटीना के कप्तान के पास इसलिए गए थे ताकि वे उनके प्रति सम्मान दिखा सकें और उनके करियर के सबसे मुश्किल पलों में से एक में उन्हें अपना समर्थन दे सकें.
मेसी से मिलकर क्या बातचीत हुई
यामल ने उस खिलाड़ी के साथ हुई छोटी सी बातचीत को याद करते हुए बताया, "मैंने बस उनसे कहा, 'मुझे खेद है', " यामल ने कई बार इस खिलाड़ी को अपना आदर्श और रोल मॉडल बताया है. स्पेन के फॉरवर्ड ने यह भी कहा कि मेसी ने उन्हें खिताब जीतने और पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी. इस तरह, यह बातचीत दो ऐसे खिलाड़ियों के बीच सम्मान का आधार बन गई जो अपने करियर के बिल्कुल अलग-अलग पड़ाव पर हैं.
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