मौजूदा समय में फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे (Kylian Mbappe) किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में वह फ्रांस के लिए दनादन गोल दाग रहे हैं. मगर क्या आपको पता है एम्बाप्पे जो आज हैं, वह कभी नहीं हो पाते. अगर उनकी मां ने उन्हें जीवन का सबसे बड़ा सबक नहीं सिखाया होता. जी हां एम्बाप्पे भी बचपन में आम बच्चों की तरह खेलते दौरान काफी डरते थे. जिसके बाद एक दिन उनकी मां ने उन्हें जीवन का सबसे बड़ा सबक सिखाया.
बताया जाता है कि एम्बाप्पे जब काफी छोटे थे. तब वह एक बार बड़े स्टेडियम में खेलते हुए काफी डर गए थे. जिसकी वजह से उनका प्रदर्शन मैच में कुछ खास नहीं रहा था. मैच के बाद उनकी मां मैदान में आईं और उनका कान पकड़कर कहा, 'तुम 60 गोल मिस कर दो, कोई परवाह नहीं. मगर तुम डर की वजह से खेलने से मना करते हो, तो यह डर जिंदगी भर तुम्हारा पीछा करते रहेगा.' जिससे उन्होंने सबक लिया और उनके अंदर का डर हमेशा के लिए खत्म हो गया.
'बोंडी' में हुआ था एम्बाप्पे का जन्म
एम्बाप्पे का जन्म 20 दिसंबर साल 1998 में पेरिस के बाहरी इलाके 'बोंडी' (Bondy) में हुआ था. यह एक ऐसा उपनगर था जो अपनी गरीबी, प्रवासियों और अपराध के लिए मशहूर था. बचपन में एम्बाप्पे के घर वालों के पास बहुत पैसे या सुविधाएं नहीं थीं. मगर इसी इलाके ने उन्हें जीवन की कड़वी सच्चाइयों और संघर्ष का सामना करना सिखाया.
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में धमाल मचा रहे हैं एम्बाप्पे
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एम्बाप्पे फ्रांस की तरफ से धमाल मचा रहे हैं. खबर लिखे जाने तक उन्होंने टूर्नामेंट में कुल छह मैच खेले हैं. इस बीच उन्होंने संयुक्त रूप से सर्वाधिक आठ गोल दागे हैं. यहीं नहीं इस दौरान उन्होंने दो असिस्ट भी किए हैं. फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में वह सबसे तेज 20 गोल पूरे करने वाले खास खिलाड़ियों की लिस्ट में भी शामिल हो गए हैं.
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