अर्जेंटीना और स्पेन के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल खेला जाना है. पिछले 22 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में (जिसमें 1950 में उरुग्वे और ब्राज़ील के बीच हुआ मैच भी शामिल है, जो टेक्निकली फ़ाइनल नहीं था, लेकिन जिससे तय हुआ कि वर्ल्ड कप कौन जीतेगा), जीतने वाली टीम ने खिताबी मैच में औसत 2.6 गोल किए हैं. हारने वाली टीम ने औसत 1.1 गोल किए हैं.
हाल के दो वर्ल्ड कप फ़ाइनल में ज़बरदस्त मुकाबले हुए हैं, जिनमें कुल 12 गोल हुए हैं. फ़्रांस ने 2018 में क्रोएशिया को 4-2 से हराया, जबकि अर्जेंटीना और फ़्रांस ने 2022 में 3-3 से बराबरी की.
कम से कम दो गोल करने वाली टीमों ने 17 बार वर्ल्ड कप जीता है; आठ बार ऐसा हुआ है जब किसी टीम ने फ़ाइनल में कम से कम दो गोल किए और फिर भी वह पूछी रह गए.
1990 में वेस्ट जर्मनी ने अर्जेंटीना को, 2010 में स्पेन ने नीदरलैंड को और 2014 में जर्मनी ने अर्जेंटीना को 1-0 के अंतर से हराकर वर्ल्ड कर जीता था. एक बार फाइनल में 0-0 से टाई हुआ था. ब्राज़ील ने 1994 के फाइनल में पेनल्टी शूटआउट में इटली को हराया, जो अब तक अमेरिका की धरती पर खेला गया एकमात्र फाइनल था.
अगर अर्जेंटीना रविवार को जीतता है, तो लियोनेल स्कालोनी — जिन्होंने टीम को 2022 में चैंपियन बनाया था- दो वर्ल्ड कप चैंपियनशिप क्लबों को कोच करने वाले सिर्फ़ दूसरे व्यक्ति होंगे.
इटली 1934 और 1938 में लगातार वर्ल्ड कप चैंपियन बना था, और उन दोनों समय टीम के कोच विटोरियो पॉज़ो थे.
किसी और के पास कोच के तौर पर दो खिताब नहीं हैं. तीन लोग- ब्राज़ील के मारियो ज़ागालो, वेस्ट जर्मनी के फ्रांज बेकेनबाउर और फ्रांस के डिडिएर डेसचैम्प्स- ने खिलाड़ी और कोच दोनों के तौर पर वर्ल्ड कप जीते हैं.
रविवार को जब अर्जेंटीना के स्टार लियोनेल मेसी मैदान पर उतरेंगे, तो वे वर्ल्ड कप फाइनल में खेलने वाले सबसे उम्रदराज फील्ड प्लेयर होंगे. मेसी 39 साल के हैं. स्वीडन के गुन्नार ग्रेन 1958 के फाइनल में ब्राज़ील के खिलाफ़ खेलते समय 37 साल के थे.
मेसी से ज़्यादा उम्र के एकमात्र खिलाड़ी जो फाइनल में खेले थे, वे इटली के गोलकीपर डिनो ज़ॉफ़ थे — जो 40 साल के थे जब उनकी टीम ने 1982 में वेस्ट जर्मनी को हराकर खिताब जीता था. लेकिन फील्ड प्लेयर्स में, रविवार के बाद मेसी अकेले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होंगे.
मेसी ब्राज़ील के कैफू के साथ संयुक्त रूप से तीन वर्ल्ड कप मेन्स फाइनल खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी बनने की स्थिति में भी हैं. कैफू अपने एक मैच में रिज़र्व थे, इसलिए मेसी तीन मौकों पर शुरुआती मैच शुरू करने वाले पहले खिलाड़ी होंगे.
इस वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन युवाओं को मौका दे सकता है. और अगर ला रोजा जीत जाता है, तो अनुभव भी काम आएगा. यह एक दिलचस्प मिक्स है.
स्पेन के दो टीनएजर- लामिन यामल और पाउ क्यूबार्सी, जो 19 साल के हैं- रविवार को अर्जेंटीना के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल में खेलेंगे, और किसी भी टीम की लाइनअप में एक से ज़्यादा टीनएजर नहीं रहे हैं और उन्होंने टाइटल नहीं जीता है.
इसका दूसरा पहलू यह है. अगर स्पेन जीतता है, तो कोच लुइस डे ला फुएंतेड- जो 65 साल के हैं- वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे उम्रदराज साइडलाइन बॉस बन जाएंगे. वो विसेंट डेल बोस्के को पीछे छोड़ देंगे, जो 2010 में स्पेन का पहली बार चैंपियन बनने वाली टीम के कोच थे और तब उनकी उम्र 59 साल थी.
रिकॉर्ड के लिए, FIFA के अनुसार, टीनएजर रविवार को वर्ल्ड कप फाइनल में बिना हारे उतरेंगे. फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबले में अब तक केवल तीन बार ही हुआ है जब टीएनजर ने वर्ल्ड कप फाइनल खेला हो. पेले 17 साल के थे जब उन्होंने 1958 में स्वीडन के खिलाफ फाइनल में ब्राज़ील को जीत दिलाई थी, ग्यूसेप बर्गोमी 18 साल के थे जब इटली ने 1982 में वेस्ट जर्मनी को हराया था, और काइलियन एम्बाप्पे 19 साल के थे जब फ्रांस ने 2018 में क्रोएशिया को हराया था.
स्पेन को अपने पिछले 37 मैचों में कोई हार नहीं मिली है. टीम ने 28 जीते हैं जबकि 9 ड्रॉ हुए हैं. स्पेन, इटली के साथ किसी यूरोपियन पुरुष नेशनल टीम के सबसे लंबे समय तक बिना हारे रहने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.
इटली अक्टूबर 2018 से सितंबर 2021 तक भी लगातार 28 मैच जीता था. उसे 6 अक्टूबर, 2021 को मिलान में स्पेन से 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था.
अर्जेंटीना का भी एक स्ट्रीक ध्यान देने लायक है. उसने लगातार सात वर्ल्ड कप मैच जीते हैं. पुरुषों के इतिहास में वह लगातार वर्ल्ड कप मैच जीतने के मामले में संयुक्त रूप से इटली के साथ दूसरे स्थान पर हैं. वर्ल्ड कप में लगातार सबसे अधिक मैच जीतने का रिकॉर्ड ब्राजील के नाम है, जिसने 2002 और 2006 तक लगातार 11 मैच जीते थे.
यह वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना और स्पेन के बीच सिर्फ़ दूसरी आमने-सामने की भिड़ंत है. 1966 के ग्रुप स्टेज में अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत हासिल की थी.
सभी कॉम्पिटिशन और फ्रेंडली मैचों को मिलाकर, दोनों टीमें 14 बार खेल चुकी हैं. दोनों ही टीम टीम ने छह बार जीत हासिल की है और दो बार टाई हुआ है.
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