Spain vs Argentina, FIFA World Cup 2026: FIFA वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन से दिल तोड़ने वाली हार के बावजूद अर्जेंटीना के हेड कोच लियोनेल स्कैलोनी ने अपने खिलाड़ियों पर गर्व जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें दुख तो है, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में टीम की कोशिशों के लिए वे "हमेशा आभारी" रहेंगे. मेटलाइफ स्टेडियम में स्पेन से एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हारने के बाद स्कैलोनी ने फ़ाइनल तक पहुँचने के लिए अपने खिलाड़ियों की तारीफ़ की और उनसे कहा कि वे हार में भी वैसी ही गरिमा बनाए रखें जैसी जीत में दिखाई थी.
मैच के बाद AFA के X हैंडल के अनुसार स्कैलोनी ने कहा, "अभी मुझे दुख हो रहा है; लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि मैं इन लड़कों का हमेशा आभारी रहूंगा, क् तक पहुँचना बहुत बड़ी बात है. हम जीत में महान हैं और हमें हार में भी महान बने रहना होगा, और हमें याद रखना होगा कि हमने क्या किया है. हमने अपना सब कुछ झोंक दिया."
🏆 #FIFAWorldCup Lionel Scaloni: "Tristeza siento ahora; pero principalmente tengo un agradecimiento eterno a estos chicos, porque llegar hasta acá cuesta un montón. Somos grandes en la victoria y tenemos que ser grandes en la derrota, y nos acordamos de lo hecho. Dimos todo". pic.twitter.com/tqcVBrdH7F
— 🇦🇷 Selección Argentina ⭐⭐⭐ (@Argentina) July 19, 2026
लियोनेल स्कैलोनी: "अभी मुझे दुख हो रहा है; लेकिन मुख्य रूप से मैं इन लड़कों का हमेशा आभारी रहूंगा, क्योंकि यहां तक पहुंचना बहुत मुश्किल काम है. हम जीत में महान हैं और हमें हार में भी महान बने रहना होगा और हमें अपनी उपलब्धियां याद रखनी होंगी. हमने अपना सब कुछ झोंक दिया."
स्पेन ने मेटलाइफ़ स्टेडियम में हुए फ़ाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हराकर अपना दूसरा वर्ल्ड कप ख़िताब जीता. सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में निर्णायक गोल करके ख़िताब पक्का किया. डे ला फ़ुएंटे की देखरेख में स्पेन ने मज़बूत डिफ़ेंस और अनुशासित खेल के दम पर शानदार सफ़र तय किया और फ़ुटबॉल का सबसे बड़ा इनाम जीतने के रास्ते में आठ मैचों में सिर्फ़ एक गोल खाया.
इस जीत के साथ स्पेन ने UEFA यूरो 2024 ख़िताब के साथ FIFA वर्ल्ड कप का ताज भी अपने नाम कर लिया, जो डे ला फ़ुएंटे की कप्तानी में एक और बड़ी उपलब्धि है. मुकाबले की बात करें तो, स्पेन ने डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम के बाद 1-0 से हराकर अपना दूसरा FIFA वर्ल्ड कप खिताब जीता. सब्स्टिट्यूट फेरान टोरेस ने निको विलियम्स के हेडर असिस्ट पर 106वें मिनट में निर्णायक गोल किया.
12 सेव करने के बावजूद, अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज टोरेस के शॉट को नहीं रोक पाए. स्पेन का बॉल पर कब्ज़ा ज़्यादा रहा और उन्होंने ज़्यादा मौके बनाए, जबकि अर्जेंटीना नॉर्मल टाइम में एक भी शॉट नहीं ले पाया और रेगुलेशन टाइम के आखिर में एंज़ो फर्नांडीज को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद बाहर कर दिया गया, जिससे टीम 10 खिलाड़ियों की रह गई.
स्पेन की जीत ने उनके बिना कोई मैच हारे वर्ल्ड कप अभियान को पूरा किया और UEFA यूरो 2024 की जीत के बाद 2026 का वर्ल्ड खिताब भी उनके नाम कर दिया. इस मुकाबले के दौरान, स्पेन के 19 साल के लैमिन यमल और पाउ कुबारसी FIFA वर्ल्ड कप फाइनल में खेलने वाले चौथे और पांचवें टीनएजर बन गए. वे ब्राज़ील के पेले (1958 में 17 साल), इटली के ग्यूसेप बर्गोमी (1982 में 18 साल) और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे (2018 में 19 साल) की लिस्ट में शामिल हो गए; ये सभी पांचों खिलाड़ी जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे.
र्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी ने भी एक नया रिकॉर्ड बनाया; वे 39 साल और 25 दिन की उम्र में FIFA वर्ल्ड कप फाइनल में खेलने वाले सबसे उम्रदराज़ आउटफील्ड खिलाड़ी बन गए. उन्होंने स्वीडन के गुन्नार ग्रेन का रिकॉर्ड तोड़ा, जो 1958 के फाइनल में ब्राज़ील के खिलाफ खेलते समय 37 साल और 241 दिन के थे.
2026 का फाइनल मेस्सी का तीसरा FIFA वर्ल्ड कप फाइनल था; इससे पहले वे 2014 और 2022 के टूर्नामेंट में भी खेले थे. वे ब्राज़ील के दिग्गज खिलाड़ी काफ़ू के बाद इस मुकाम तक पहुँचने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने, जिन्होंने 1994, 1998 और 2002 के फाइनल में खेला था.
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