शुक्रवार को स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर फ्रांस के खिलाफ़ एक ज़बरदस्त वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई. यह मैच काफ़ी रोमांचक रहा और इसका फ़ैसला बेल्जियम के गोलकीपर सेने लैमेन्स की एक गलती से हुआ. लॉस एंजिल्स के बेहद गर्म सोफ़ी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में फ़ैबियन रुइज़ ने आधे घंटे के खेल के बाद गोल करके स्पेन को बढ़त दिलाई, लेकिन बेल्जियम की टीम ने वापसी की और 41वें मिनट में चार्ल्स डी केटेलेरे ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया. इस टूर्नामेंट में स्पेन के ख़िलाफ़ हुआ यह पहला गोल था.
जब क्वार्टर-फ़ाइनल का रोमांच बढ़ता जा रहा था और मैच एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ रहा था, तभी पाउ कुबारसी ने 25 यार्ड की दूरी से एक ज़ोरदार शॉट मारा, जिसे मैनचेस्टर यूनाइटेड के गोलकीपर लैमेन्स रोक नहीं पाए.
88वें मिनट में रीबाउंड पर गोल करने के लिए मिकेल मेरिनो बिल्कुल सही जगह पर मौजूद थे.
लैमेन्स के लिए यह दिल तोड़ने वाला पल था, लेकिन मेरिनो - जिन्होंने 'राउंड ऑफ़ 16' में पुर्तगाल के ख़िलाफ़ भी निर्णायक गोल किया था - ने 70,492 दर्शकों के बीच मौजूद स्पेनिश फ़ैन्स की ओर मुड़कर जश्न मनाया.
मेरिनो ने लगातार दूसरे विनिंग गोल के बारे में कहा,"यह एक इत्तेफ़ाक जैसा लगता है, और अगर आप तैयारी के साथ उतरें, तो ऐसा फिर से हो सकता है. मैं बहुत खुश हूं. मुझे शक है कि ऐसा दोबारा होगा, देखते हैं क्या होता है." उन्होंने यह गोल 86वें मिनट में मैदान पर आने के ठीक दो मिनट बाद किया था.
मेरिनो ने कहा कि स्पेन सेमी-फ़ाइनल में फ़्रांस का सामना करने के लिए उत्साहित है.
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