बुधवार को अटलांटा स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ़ अर्जेंटीना की सेमीफाइनल में 2-1 से रोमांचक जीत के बाद लियोनेल मेसी फीफा वर्ल्ड कप 2026 गोल्डन बूट स्टैंडिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं. एंथनी गॉर्डन के 55वें मिनट के गोल से डिफेंडिंग चैंपियन 85 मिनट तक पिछड़ रही थी. लेकिन फिर मेस्सी ने आखिरी पलों में कमान संभाली और तीन बार की चैंपियन को एक और ज़बरदस्त वापसी कराई. अर्जेंटीना के कप्तान ने पहले कई डिफेंडरों को अपनी ओर खींचा और फिर एन्ज़ो फर्नांडीज को सटीक पास दिया, जिन्होंने 85वें मिनट में गोल करके स्कोर बराबर कर दिया. इसके बाद स्टॉपेज टाइम में मेस्सी ने फिर से असिस्ट किया और सब्स्टीट्यूट लॉटारो मार्टिनेज के लिए दाहिने पैर से एक बेहतरीन क्रॉस दिया, जिस पर मार्टिनेज ने हेडर से विजयी गोल किया.
इंग्लैंड के खिलाफ इन दो असिस्ट मेस्सी अब फीफा वर्ल्ड कप में गोल्डन बूट की रेस में टॉप पर हैं. उन्होंने जारी विश्व कप में 8 गोल और चार असिस्ट किए हैं. जबकि फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे के नाम 8 गोल और 3 असिस्ट हैं.
ग्रुप स्टेज में अल्जीरिया के ख़िलाफ़ मुकाबले में हैट्रिक लगाकर मेस्सी ने अपना वर्ल्ड कप शुरू किया था. इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रिया के ख़िलाफ़ दो गोल किए और जॉर्डन के ख़िलाफ़ सब्स्टीट्यूट के तौर पर आकर फ़्री-किक से गोल किया. फिर उन्होंने राउंड ऑफ़ 32 में काबो वर्डे के ख़िलाफ़ जीत में गोल किया और उसके बाद राउंड ऑफ़ 16 में मिस्र के ख़िलाफ़ एक गोल और एक असिस्ट किया.
अर्जेंटीना के कप्तान ने स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में एलेक्सिस मैक एलिस्टर के लिए एक्स्ट्रा-टाइम में विनिंग गोल करने में मदद की और फिर इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में वापसी करते हुए दो अहम असिस्ट दिए.
अर्जेंटीना को फाइनल में पहुंचाने के अलावा, इस जीत के साथ मेस्सी ने फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज़्यादा असिस्ट देने वाले खिलाड़ी के तौर पर अपना रिकॉर्ड और बेहतर किया. उनके दो असिस्ट से उनके करियर के कुल असिस्ट की संख्या 12 हो गई, जो इस टूर्नामेंट में किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे ज़्यादा है. इनमें से दस असिस्ट तो सिर्फ़ नॉकआउट मैचों में आए हैं.
मेस्सी टूर्नामेंट के छह अलग-अलग संस्करणों में कम से कम एक असिस्ट करने वाले पहले फुटबॉलर भी हैं. इस आंकड़े के साथ वे अर्जेंटीना के दिग्गज डिएगो माराडोना (आठ असिस्ट) और जर्मनी के पियरे लिटबार्सकी (सात असिस्ट) से काफी आगे हैं.
मेस्सी अब वर्ल्ड कप फ़ाइनल में 'गोल्डन बूट' जीतने के प्रबल दावेदार के तौर पर उतरेंगे. हालांकि यह रेस अभी खत्म नहीं हुई है. एम्बाप्पे, जिन्होंने मेस्सी के आठ गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, के पास अपने गोल की संख्या बढ़ाने का एक आखिरी मौका होगा, जब फ्रांस तीसरे स्थान के लिए होने वाले प्लेऑफ़ मैच में इंग्लैंड का सामना करेगा. वहीं, मेस्सी अर्जेंटीना की कप्तानी करते हुए एक और शानदार वर्ल्ड कप अभियान को यादगार बनाना चाहेंगे, क्योंकि उनके पास ट्रॉफ़ी और गोल्डन बूट, दोनों ही जीतने का सुनहरा मौका है.
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