Folarin Balogun, FIFA World Cup 2026: चार्ल्स डी केटेलेरे के दो गोल और एक गोल करने में मदद से बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर विश्व कप फुटबॉल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई और मेजबान टीम की अपनी घरेलू धरती पर अंतिम आठ में पहुंचने की उम्मीद को खत्म कर दिया. मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन की हो रही थी, लेकिन वह इस अहम मैच में गोल करने में नाकाम रहे. पूरे टूर्नामेंट में तीन गोल करने वाले बालोगुन बेल्जियम की मजबूत डिफेन्स लाइन और गोलकीपर थिबो कोर्टुआ को नहीं भेद सके.
ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद खेल सके मुकाबला
बालोगुन को बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ पिछले मैच में रेड कार्ड मिला था, जिसके चलते उन पर अगले मुकाबले का खुद ही प्रतिबंध लग गया था. हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद फीफा ने उनका निलंबन एक साल के लिए स्थगित कर दिया और उन्हें बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति दे दी.
BREAKING: President Trump reveals the details of his conversation with FIFA President Gianni Infantino over the controversial red card call on star American player Folarin Balogun.
— Fox News (@FoxNews) July 6, 2026
"All I did was ask for a review because I didn't think it was a foul. And, you know, again, I'm… pic.twitter.com/MD5Q9t44th
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो को फोन कर अमेरिकी फुटबॉल टीम के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को दिखाए गए रेड कार्ड के रिव्यू का अनुरोध किया था. हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने कार्ड को रद्द करने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैंने सिर्फ यह कहा था कि इस फैसले की समीक्षा की जाए, क्योंकि मुझे नहीं लगा कि यह फाउल था. मैंने यह नहीं कहा कि आपको फैसला बदलना ही होगा."
फीफा के फैसले पर हुआ विवाद
फीफा के इस फैसले ने फुटबॉल जगत में बहस छेड़ दी. यूरोपीय फुटबॉल महासंघ (UEFA) ने इसे खेल की निष्पक्षता के खिलाफ बताया, जबकि बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने भी बालोगुन के खेलने पर सवाल उठाए.
अमेरिका के इकलौते गोल में निभाई अहम भूमिका
हालांकि बालोगुन गोल नहीं कर सके, लेकिन अमेरिका के इकलौते गोल की शुरुआत उन्हीं से हुई. 31वें मिनट में बेल्जियम के डिफेंडर ब्रैंडन मेकेले ने उन्हें गोल से करीब 25 गज दूर फाउल कर दिया. इस पर मिली फ्री-किक को मलिक टिलमैन ने शानदार तरीके से गोल में बदल दिया. मैच के दौरान बालोगुन ने कई मौकों पर अपनी रफ्तार से बेल्जियम की डिफेन्स को चुनौती दी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.
कोर्टुआ ने रोका सबसे बड़ा मौका
बालोगुन का सबसे अच्छा मौका 82वें मिनट में आया, जब उनके बाएं पैर के शॉट को बेल्जियम के गोलकीपर थिबो कोर्टुआ ने शानदार बचाव करते हुए रोक दिया. इंजुरी टाइम के दूसरे मिनट में उनकी जगह हाजी राइट को मैदान पर उतारा गया.
तीन गोल के साथ खत्म हुआ पहला विश्व कप
25 वर्षीय बालोगुन ने इस विश्व कप में तीन गोल किए और 2010 विश्व कप में लैंडन डोनोवन के तीन गोल के अमेरिकी रिकॉर्ड की बराबरी की. वह 1930 के बाद विश्व कप के एक मैच में दो गोल करने वाले पहले अमेरिकी खिलाड़ी भी बने. हालांकि, उनका पहला विश्व कप टीम को क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंचा सका. अमेरिका भी 2002 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी करने से चूक गया.
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