FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से मात दी. मुकाबले के 84वें मिनट तक टीम 0-1 से पीछे थी, लेकिन आखिरी पलों में दो गोल दागकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. मैच समाप्त होने के बाद जश्न के दौरान अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने दर्शकों की ओर से दिया गया एक बैनर हाथ में लिया, जिस पर स्पेनिश भाषा में "Las Malvinas son Argentinas" लिखा था. इसका अर्थ है, "मालविनास अर्जेंटीना का है." अर्जेंटीना फॉकलैंड द्वीपों को मालविनास नाम से संबोधित करता है और लंबे समय से उन पर अपना दावा जताता रहा है.
हालांकि, इस घटना के बाद FIFA की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. संगठन के नियम खेल आयोजनों के दौरान राजनीतिक, वैचारिक, धार्मिक या विवादित संदेशों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं देते. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐसे मामलों में 5,000 से 20,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस ने बैनर उठाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि मालविनास का मुद्दा उनके देश के इतिहास का बेहद संवेदनशील हिस्सा है. उन्होंने कहा कि टीम मैदान पर सिर्फ जीत के लिए नहीं, बल्कि अपने पूरे देश और उन लोगों के सम्मान के लिए भी खेल रही थी जिनका इस इतिहास से गहरा जुड़ाव रहा है. उनके मुताबिक, खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला सामान्य फुटबॉल मैच से कहीं अधिक मायने रखता था.
वहीं, डिफेंडर लिसैंड्रो मार्टिनेज से जब पूछा गया कि क्या इस बैनर ने 1982 के संघर्ष से जुड़े पूर्व सैनिकों की भावनाओं को छुआ होगा, तो उन्होंने जवाब दिया कि टीम अपने देशवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहती थी और उन्हें निराश नहीं कर सकती थी.
फॉकलैंड या मालविनास द्वीपों को लेकर ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच दशकों से संप्रभुता का विवाद चला आ रहा है. दक्षिण अटलांटिक में स्थित इस द्वीपसमूह की आबादी करीब 3,500 है. यह ब्रिटेन से लगभग 13,000 किलोमीटर दूर, जबकि अर्जेंटीना के तट से करीब 480 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अर्जेंटीना का दावा है कि 1833 में ब्रिटेन ने अवैध रूप से इन द्वीपों पर कब्जा किया था, जबकि ब्रिटेन अपने अधिकार को ऐतिहासिक रूप से वैध बताता है.
दोनों देशों के बीच 1982 में करीब दस सप्ताह तक युद्ध चला था. इस संघर्ष में अर्जेंटीना के 649 सैनिक, ब्रिटेन के 255 सैनिक और तीन स्थानीय नागरिकों की जान गई थी. युद्ध की समाप्ति उसी वर्ष स्पेन में आयोजित FIFA वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी, जिसमें अर्जेंटीना और इंग्लैंड दोनों ने हिस्सा लिया था.
इस पूरे घटनाक्रम पर ब्रिटेन के मंत्री काइल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फुटबॉल को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्व कप की मूल भावना खेल को राजनीति से अलग रखना है और अब यह तय करना FIFA का काम है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाए.
(AP इनपुट के साथ)
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