Sakat Chauth Vrat 2026: हिंदू धर्म में सकट चौथ व्रत का बहुत महत्व है. यह व्रत हर वर्ष माघ मास की चतुर्थी तिथि पर रखा जाता है. साल 2026 में यह व्रत 6 जनवरी मंगलवार के दिन मनाया जाएगा. सकट चौथ को तिलकुट चौथ, (Tilkut Chauth 2026) तिलकुट चतुर्थी, संकटा चौथ आदि नामों से जाना जाता है. संतानों को सभी आपदाओं से बचाने के लिए यह व्रत किया जाता है. इस दिन भगवान श्रीगणेश की पूजा और व्रत का विधान है. इस व्रत में चंद्रमा पूजन का भी महत्व होता है. व्रत का समापन चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने के बाद होता है. तो चलिए जानते हैं इस दिन भगवान गणेश को किस चीज का लगाया जाता है भोग.
सकट चौथ स्पेशल रेसिपी- Sakat Chauth Special Recipe:
भगवान गणेश को जो चीज सबसे ज्यादा प्रिय है वो है मोदक और लड्डू. आप गणेश जी को इन चीजों का भोग लगा सकते हैं.
मोदक कैसे बनाएं- (How To Make Modak)
मोदक बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में गुड़ और नारियल को धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक गुड़ पूरी तरह पिघल न जाए और मिश्रण गाढ़ा न हो जाए. इलायची पाउडर मिलाएं और ठंडा होने दें. एक बर्तन में पानी उबालें, उसमें घी मिलाएं, फिर धीरे-धीरे चावल का आटा डालें और अच्छी तरह मिलाएं ताकि गांठें न पड़ें. गैस बंद करके ढक दें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. जब यह थोड़ा ठंडा हो जाए तो हाथ से अच्छी तरह गूंथकर चिकना आटा बना लें. आटे की छोटी लोई लेकर उसे कटोरी जैसा आकार दें. इसमें 1-2 चम्मच भरावन सामग्री भरें और किनारों को एक साथ लाकर मोदक का आकार दें. सभी मोदक तैयार करने के बाद, इन्हें 10-15 मिनट के लिए स्टीम (भाप में पकाएं).
ये भी पढ़ें- पेट की चर्बी को करना है कम, तो ओलोंग चाय का करें सेवन, मिलेंगे हैरान करने वाले लाभ

कैसे बनाएं मोतीचूर के लड्डू- (Motichoor ke Laddu)
मोतीचूर के लड्डू बनाने के लिए सबसे पहले बेसन में पानी मिलाकर एक पतला बैटर बनाएं. घी या तेल गरम करें. एक छेद वाली कलछी को गरम घी के ऊपर रखें और उस पर बैटर डालें ताकि छोटी-छोटी बूंदीयां तेल में गिरें. बूंदी को हल्का सुनहरा होने तक तलकर निकाल लें. चीनी और पानी को एक पैन में तब तक उबालें जब तक एक तार की चाशनी न बन जाए. इलायची पाउडर और केसर मिलाएं. तली हुई बूंदी को चाशनी में डालें और कुछ घंटे तक भिगो दें ताकि वे चाशनी सोख लें. अपने हाथों को चिकना करके मिश्रण के छोटे लड्डू बनाएं.
सकट चौथ का महत्व- Sakat Chauth 2026 Importance:
पौराणिक कथा के अनुसार, माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन ही भगवान गणेश ने माता पार्वती और भगवान शिव की परिक्रमा की थी. इसलिए इस व्रत को संतान के लिए फलदायी माना गया है. इस व्रत को करने से संतान को दीर्घायु की प्राप्ति होती है और संतान तनाव, रोग और नकारात्मकता से दूर रहते हैं. यह व्रत सकट माता के साथ गणपति की कृपा भी बरसाता है. इस व्रत के पुण्य प्रभाव से विघ्नहर्ताा गणेश जी सभी संकटों को दूर करके सुख-सौभाग्य प्रदान करते हैं.
सकट चौथ का शुभ मुहूर्त- (Sakat Chauth 2026 Date and Shubh Muhurat)
पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि 6 जनवरी 2026 को प्रात:काल 08:01 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 07 जनवरी 2026 को प्रात:काल 06:52 बजे समाप्त होगी. ऐसे में सकट चौथ का पावन पर्व 06 जनवरी 2026, मंगलवार के दिन ही मनाया जाएगा.
World Heart Day: दिल की बीमारियां कैसे होंगी दूर, बता रहे जाने-माने पद्मभूषण डॉक्टर TS Kler
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं