Bagpat Ghevar History: सावन आते ही मिठाईयों की दुकानों पर चारो ओर घेवर ही नजर आते हैं. हाल ही में आरएलडी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें बागपत के अमीनगर सराय का मशहूर घेवर खिलाया. इतना ही नहीं, जयंत चौधरी ने पीएम मोदी को इस मिठाई की खासियत के बारे में भी बताया. इसी वजह से PM मोदी को परोसा गया बागपत का घेवर इन दिनों सुर्खियों में है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये मिठाई सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी अनोखी विरासत के लिए भी मशहूर है? राजस्थान की रसोई से निकलकर देशभर में पहचान बनाने वाले घेवर की कहानी कई सौ साल पुरानी मानी जाती है. यहां जानते हैं बागपत के इस घेवर का इतिहास?
200 साल से भी पुराना माना जाता है इतिहास
घेवर को राजस्थान की पारंपरिक मिठाइयों में सबसे खास माना जाता है. कुछ इतिहासकारों का कहना है कि इसकी शुरुआत जयपुर, जोधपुर और बीकानेर क्षेत्र में हुई थी. ऐसा माना जाता है कि ये मिठाई करीब 200 साल पुरानी है और सावन में विशेष रूप से बनाई जाती थी. गर्मी और नमी वाले मौसम में इसे बनाने की तकनीक विकसित हुई, जो आज भी कई कारीगरों के लिए एक चुनौती मानी जाती है.
सावन और तीज से जुड़ा है घेवर का गहरा रिश्ता
राजस्थान में हरियाली तीज और रक्षाबंधन का त्योहार घेवर के बिना अधूरा माना जाता है. पुराने समय में बेटियों को मायके से सिंदारा भेजने की परंपरा थी, जिसमें घेवर मुख्य रूप से शामिल किया जाता था. धीरे-धीरे ये परंपरा राजस्थान से हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैल गई.
बागपत का घेवर क्यों है खास?
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के अमीनगर सराय का घेवर काफी ज्यादा मशहूर है. ये घेवर अपनी अलग बनावट और स्वाद के लिए जाना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि स्थानीय कारीगर पीढ़ियों से पारंपरिक तरीके से यहां इसे तैयार कर रहे हैं. इसी कारण से जयंत चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी को इसी इलाके का घेवर खिलाया, जो एक चर्चा का विषय बना.
कैसे बनता है घेवर?
घेवर तैयार करने के लिए सबसे पहले घी को बर्फ की मदद से मक्खन जैसा बनाया जाता है. इसके बाद इसमें ठंडा पानी और मैदा डालकर घोल तैयार किया जाता है. इस घोल को खोलते हुए तेल में धीरे-धीरे करके डाला जाता है. घोल को एक विशेष टेक्नीक से डाला जाता है, जिससे घेवर का आकार जालीदार और छत्ते जैसा बनता है. बाद में इसे चाशनी में डुबोकर तैयार किया जाता है. परोसते समय इसपर मावा, मलाई और चॉकलेट जैसी चीजें डाली जाती हैं.
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