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ज्वार की रोटी खाने से शरीर में क्या होता है? किस समय लेना सबसे ज्यादा फायदेमंद? किसे खाना चाहिए और किसे नहीं?

Jowar Ki Roti Khane Ke Fayde: ज्वार एक ग्लूटेन-फ्री मोटा अनाज है जो आजकल हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा बनता जा रहा है. खासकर उन लोगों के लिए जो गेहूं कम करना चाहते हैं या शुगर कंट्रोल में रखना चाहते हैं, ज्वार की रोटी एक अच्छा विकल्प मानी जाती है.

ज्वार की रोटी खाने से शरीर में क्या होता है? किस समय लेना सबसे ज्यादा फायदेमंद? किसे खाना चाहिए और किसे नहीं?
Jowar Ki Roti Khane Ke Fayde
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Jowar Ki Roti Khane Ke Fayde: ज्वार एक ग्लूटेन-फ्री (Gluten Free) मोटा अनाज है जो आजकल हेल्दी डाइट (Healthy Diet) का अहम हिस्सा बनता जा रहा है. खासकर उन लोगों के लिए जो गेहूं (Wheat) कम करना चाहते हैं या शुगर (Sugar) कंट्रोल में रखना चाहते हैं, ज्वार की रोटी एक अच्छा विकल्प मानी जाती है. ज्वार की रोटी में फाइबर, प्रोटीन (Protein), आयरन और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है.

डायबिटीज वालों के लिए फायदेमंद 

ज्वार में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है. यह पेट में धीरे-धीरे पचता है. इसी वजह से इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है. जब खाना धीरे पचता है तो शरीर में कार्बोहाइड्रेट भी धीरे-धीरे रिलीज होते हैं. इससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ती. यही कारण है कि डायबिटीज (Diabetes) या प्री-डायबिटीज वाले लोगों के लिए ज्वार फायदेमंद माना जाता है.

पेट में ब्लोटिंग या भारीपन होता है कम 

ज्वार की एक और खास बात यह है कि यह आंतों में चिपकता नहीं है. गेहूं की तुलना में इससे कम ब्लोटिंग (Bloating) या भारीपन महसूस होता है. जिन लोगों को गेहूं खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या होती है, उनके लिए ज्वार राहत दे सकता है.

वजन कम करने में मिलती है मदद 

वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी ज्वार की रोटी मददगार हो सकती है. इसे खाने के बाद भूख जल्दी नहीं लगती. बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम होती है. इससे कैलोरी कंट्रोल में रहती है और धीरे-धीरे वजन कम (Weight Loss) करने में सहायता मिल सकती है.

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किस समय ज्वार की रोटी लेना सबसे ज्यादा फायदेमंद?

अगर आपकी लाइफस्टाइल ज्यादा एक्टिव नहीं है, आप दिनभर बैठकर काम करते हैं, इंसुलिन रेजिस्टेंस है या मोटापा कम करना चाहते हैं, तो ज्वार की रोटी लंच (Lunch) में लेना अच्छा विकल्प हो सकता है. दोपहर के समय पाचन क्रिया बेहतर रहती है, इसलिए इसे लंच में खाना ज्यादा सही माना जाता है.

ये लोग सावधानियां बरतें 

हालांकि हर किसी के लिए ज्वार सही हो, यह जरूरी नहीं है. अगर आपका पाचन बहुत कमजोर है या उम्र 60 साल से ज्यादा है और पाचन शक्ति कम हो गई है, तो ज्वार भारी लग सकता है. ऐसे में डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है.

ध्यान रखें, ज्वार की रोटी हेल्दी जरूर है, लेकिन तभी जब आपका शरीर उसे सही तरह से पचा सके. संतुलित मात्रा में और सही समय पर खाई गई ज्वार की रोटी सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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