विज्ञापन

मैंने रोटी का आटा गूंथने में किया ये छोटा सा बदलाव, रूई जैसी मुलायम बनती है रोटियां, घंटो रहती हैं फ्रेश

आप भी बच्चे के रोटियां ना खाने से परेशान रहती हैं तो आज हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स एंड टिप्स बताने वाले हैं जिससे आपकी रोटियां ऐसी बनेंगी कि छोटा बच्चा भी 3-4 रोटियां खा जाएगा

मैंने रोटी का आटा गूंथने में किया ये छोटा सा बदलाव, रूई जैसी मुलायम बनती है रोटियां, घंटो रहती हैं फ्रेश
इस तरह से बनाएं रोटियां, बनेंगी रूई जैसी मुलायम. ( AI Image)

How to Make Soft Roti: अक्सर माओं की ये शिकायत होती है कि उनका बच्चा अच्छे से खाना नहीं खाता. खासकर रोटियां खाने में तो उनके बड़े नखरे होते हैं. ऐसे में हर मां का एक ही सवाल होता है कि वह आखिर रोटियों में ऐसा क्या डालें कि बच्चे इसे खाने में दिलचस्पी दिखाएं. आप भी बच्चे के रोटियां ना खाने से परेशान रहती हैं तो आज हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स एंड टिप्स बताने वाले हैं जिससे आपकी रोटियां ऐसी बनेंगी कि छोटा बच्चा भी 3-4 रोटियां खा जाएगा. आपको बस आटा गूंथते वक्त उसमें ये चीज मिलानी है.तो आइए जानते हैं कि वो एक चीज क्या है.

इस तरह बनाएं सॉफ्ट रोटियां (Here's how to make soft rotis)

Latest and Breaking News on NDTV
आटे में मिलाएं ये एक चीज

आटे गूंथते वक्त इसमें थोड़ा घी मिलाएं. घी ना हो तो तेल भी मिला सकते हैं. आटा गूंथने के बाद भी इस पर हल्का का घी लगाकर छोड़ दें और उसे सूखने से बचाने के लिए एक गीले कपड़े से ढक दें. इससे आटा मुलायम बनता है और रोटियां बिल्कुल सॉफ्ट होती हैं. छोटे बच्चे भी इसे मजे से खाएंगे.

आटा गूंथने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें

आटा गूंथने के लिए ठंडे पानी के बजाय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने से आपकी रोटियों की बनावट में काफी फर्क आ सकता है. गुनगुना पानी आटे को ज्यादा नरम करता है, जिससे ग्लूटेन एक्टिवेट होता है और आटा अधिक लचीला और बेलने में आसान हो जाता है. इससे आटा ज्यादा चिकना और मुलायम बनता है, जिससे रोटियां भी ज्यादा नरम बनती हैं.

ये भी पढ़ें: बची हुई रोटी से मिनटों में बनाएं टेस्टी चाऊमीन, बच्चों को भी आएगी खूब पसंद

आटे को एक जैसा बेलें

रोटियों एक जैसा बेलने के लिए उन पर बेलते समय हल्का और एक जैसा दबाव डालें, और आटे के किसी भी हिस्से पर बहुत ज्यादा जोर न डालें. आटा बेलने के लिए हल्के से सूखे आटे का इस्तेमाल करें, लेकिन बहुत ज्यादा आटा न लगाएं, क्योंकि इससे रोटी सूखी हो सकती है.

History of Samosa- Swaad Ka Safar | समोसे का इतिहास | जानें ईरान से भारत कैसे पहुंचा समोसा

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com