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किचन गार्डनिंग से होगी बचत, पौधों में लगेंगी पत्तों से ज्यादा सब्जियां, बस अपनाना होगा ये घरेलू नुस्खा

Fitkari Pani Ke Fayde: सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे पोस्ट देखने को मिलते हैं, जिनमें पौधों की अच्छी सेहत के लिए तरह-तरह के घरेलू उपाय बताए जाते हैं. ऐसा ही एक उपाय फिटकरी को लेकर भी है, जिसमें बताया जाता है कि फिटकरी का पानी डालने से पौधे तेजी की तरह बढ़ते हैं और गमलों में 100 की जगह 200 फूल आने लगते हैं, लेकिन क्या यह सच में इतना चमत्कारिक है?

किचन गार्डनिंग से होगी बचत, पौधों में लगेंगी पत्तों से ज्यादा सब्जियां, बस अपनाना होगा ये घरेलू नुस्खा
फिटकरी का छिड़काव कब करना चाहिए?

Fitkari Pani Ke Fayde: सर्दियों में गाजर, पालक, मेथी, सरसों का साग, गाजर, मूली, चुकंदर और शलजम जैसी सब्जियों का आनंद खूब उठाया जाता है जितनी यह सब्जियां खाने में स्वादिष्ट होती हैं शरीर के लिए उतनी ही लाभदायक भी हैं. ज्यादातर लोग इन्हें बाजार से खरीद कर खाते हैं, वहीं, कुछ लोग अपने किचन गार्डन मे सब्जियां उगाते हैं. टमाटर, बैंगन, मूली, शलगम, गाजर, हरी मिर्च जैसी बहुत सी सब्जियां हैं जिन्हे आप घर मे उग सकते हैं. कुछ लोग बालकनी में गमलों मे भी सब्जियां उगते हैं. कई बार इन पौधों मे कीड़े लग जाते हैं तो कई बार ये मुरझा जाती हैं. ऐसे मे आपके घर की बालकनी या किचन गार्डन में लगे पौधे हरे भरे रहें और उनमें कीड़े न लगे इसमें आपकी मदद कर सकती हैं घर मे रखी फिटकरी. यह जानिए कैसे यह आपके कितचे गार्डन के लिए फायदेमंद हो सकती है. 

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे पोस्ट देखने को मिलते हैं, जिनमें पौधों की अच्छी सेहत के लिए तरह-तरह के घरेलू उपाय बताए जाते हैं. ऐसा ही एक उपाय फिटकरी को लेकर भी है, जिसमें बताया जाता है कि फिटकरी का पानी डालने से पौधे तेजी की तरह बढ़ते हैं और गमलों में 100 की जगह 200 फूल आने लगते हैं, लेकिन क्या यह सच में इतना चमत्कारिक है?

फिटकरी का पानी पौधों में डालने से क्या होता है?

असल में फिटकरी कोई सुपर-फूड या खाद नहीं है, बल्कि यह मिट्टी का सही पीएच बनाए रखने वाला और कीटाणु हटाने वाला उपाय है. इसका सही पौधों पर सही मात्रा में इस्तेमाल करने से फायदा होता है, लेकिन ज्यादा या गलत तरीके से डालने से पौधे को नुकसान भी पहुंच सकता है.

पौधों के लिए फिटकरी का उपयोग कैसे करें?

फिटकरी मिट्टी को हल्का अम्लीय बनाती है. कुछ पौधों के लिए यह बहुत अच्छी है, जैसे गुलाब, गुड़हल, ब्लू अपराजिता, हाइड्रेंजिया, साइट्रस और बेरीज़. जब मिट्टी का पीएच सही होता है, तो इन पौधों में फूल जल्दी बनते हैं, कलियां ज्यादा आती हैं और पत्तियां चमकदार दिखती हैं. इसके अलावा, फिटकरी में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी होते हैं. इसका मतलब यह है कि जड़ों में सड़न कम होती है, कीटाणु कम होते हैं और मिट्टी हल्की और साफ रहती है.

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इसके साथ ही फिटकरी जड़ों की मजबूती बढ़ाने और नमी पकड़ने की क्षमता भी बढ़ाती है, इससे पौधा स्वस्थ रहता है और फूल और फल अपने आप बढ़ जाते हैं. यही कारण है कि लोग कहते हैं कि फिटकरी डालने से फूल दोगुने हो गए. 

किन बातों को रखें ध्यान?

ध्यान रखें, फिटकरी कोई एनपीके वाली खाद नहीं है. इसलिए इसे ज्यादा डालने से पौधा जल सकता है और पोषण की कमी भी हो सकती है। हमेशा इसे खाद या वर्मी कम्पोस्ट के साथ डालें.

फिटकरी का पानी कैसे तैयार करें?

फिटकरी का पानी बनाने का आसान तरीका यह है कि 1 लीटर पानी में लगभग 2 ग्राम फिटकरी डालकर रातभर भिगो दें और अगले दिन इसे पौधों में डालें. इसे हर 20–25 दिन में एक बार इस्तेमाल करें. अगर स्प्रे करना हो तो 1 लीटर पानी में 1 ग्राम फिटकरी डालकर पत्तियों और मिट्टी पर हल्का छिड़काव करें, महीने में सिर्फ 1 बार, लेकिन मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पोथोस, एलोवेरा और सक्यूलेंट्स में कभी फिटकरी का पानी न डालें क्योंकि यह इन पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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