व्रत में अक्सर लोग साबूदाना, आलू और मिठाई खाकर पेट तो भर लेते हैं, लेकिन शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता. यही वजह है कि कई लोगों को दिनभर कमजोरी, थकान और बार-बार भूख लगने लगती है. अगर फलाहारी थाली में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और विटामिन्स का सही संतुलन हो, तो व्रत के दौरान भी शरीर को पूरी ऊर्जा मिल सकती है. जानिए एक परफेक्ट फलाहारी थाली में क्या-क्या होना चाहिए.
व्रत के दौरान ज्यादातर लोग अपनी थाली में साबूदाना, आलू और कुछ मीठी चीजें रख लेते हैं. पेट तो भर जाता है, लेकिन शरीर को हर जरूरी पोषण नहीं मिल पाता. यही वजह है कि कई लोगों को व्रत के बीच ही थकान, कमजोरी या जल्दी भूख लगने लगती है. अगर फलाहारी थाली को थोड़ा संतुलित बना लिया जाए, तो एक ही प्लेट से प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स भी मिल सकते हैं. सवाल यह है कि एक अच्छी फलाहारी थाली में क्या-क्या होना चाहिए? आइए जानते हैं ऐसी थाली कैसी हो, जो स्वाद के साथ शरीर की जरूरत भी पूरी करे.
व्रत में बैलेंस्ड फलाहारी थाली क्यों जरूरी है?
फलाहारी थाली की शुरुआत मौसमी फलों से करें. सेब, अमरूद, पपीता, संतरा, नाशपाती या बेरी जैसे फल शरीर को विटामिन, मिनरल्स और भरपूर फायबर देते हैं. कोशिश करें कि फलों का जूस पीने की बजाय उन्हें पूरा खाएं.
फलाहारी थाली में सबसे पहले क्या शामिल करें?
व्रत में प्रोटीन की कमी सबसे जल्दी महसूस होती है. इसलिए थाली में एक कटोरी दही, छाछ या एक गिलास दूध जरूर रखें. अगर पनीर खाते हैं, तो उसकी थोड़ी-सी मात्रा भी अच्छा विकल्प हो सकती है. इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है.
Also Read: Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं कि कमजोरी न हो?
एक हेल्दी फलाहारी थाली में क्या होना चाहिए?
- मौसमी फल
- दही या दूध
- मखाना और मूंगफली
- बादाम या अखरोट
- साबूदाना/कुट्टू/राजगीरा
- खीरा और टमाटर
- पर्याप्त पानी या नारियल पानी
व्रत में प्रोटीन के लिए क्या खाएं?
मखाना और मूंगफली भी रखें : भुना हुआ मखाना, मूंगफली, बादाम, अखरोट और काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स शरीर को हेल्दी फैट, प्रोटीन और मिनरल्स देते हैं. इन्हें थोड़ी मात्रा में शामिल करना ही काफी रहता है.
साबूदाना, कुट्टू और राजगीरा में कौन बेहतर है?
साबूदाना, कुट्टू, राजगीरा या सिंघाड़े का आटा व्रत में ऊर्जा देने का अच्छा स्रोत हैं. हालांकि सिर्फ इन्हीं पर पूरी थाली न बनाएं. इन्हें दही, मूंगफली या दूसरी चीजों के साथ मिलाकर खाना ज्यादा संतुलित रहता है.
क्या व्रत में सब्जियां खाना फायदेमंद है?
खीरा, टमाटर, ककड़ी या उबला शकरकंद जैसी चीजें थाली में जरूर रखें. इससे फायबर बढ़ता है और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है.
व्रत के दौरान पानी और नारियल पानी क्यों जरूरी हैं?
व्रत के दौरान सिर्फ खाना ही नहीं, शरीर में पानी की कमी पूरी करना भी जरूरी है. दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें. तो नारियल पानी भी अच्छा विकल्प हो सकता है.
मौसमी फल, दही, मखाना, मूंगफली या कुछ बादाम, थोड़ा साबूदाना या कुट्टू की रोटी, साथ में खीरा और टमाटर. ऐसी थाली में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फायबर, हेल्दी फैट और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स का अच्छा संतुलन बन सकता है.
व्रत का मतलब सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर को सही पोषण देना भी है. अगर आपकी फलाहारी थाली में हर पोषक तत्व का संतुलन होगा, तो दिनभर ऊर्जा भी बनी रहेगी और बार-बार भूख लगने की संभावना भी कम होगी.
FAQ
व्रत में सबसे ज्यादा पोषण किस चीज से मिलता है?
दही, दूध, मखाना, ड्राई फ्रूट्स और मौसमी फल पोषण से भरपूर माने जाते हैं।
क्या व्रत में सिर्फ साबूदाना खाना सही है?
सिर्फ साबूदाना खाने से प्रोटीन और फाइबर की कमी हो सकती है। इसे अन्य पौष्टिक चीजों के साथ खाना बेहतर होता है।
व्रत में प्रोटीन के लिए क्या खाएं?
दही, दूध, पनीर, मखाना और मूंगफली अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
व्रत में बार-बार भूख क्यों लगती है?
कम प्रोटीन और कम फाइबर वाला भोजन जल्दी पच जाता है, जिससे भूख जल्दी लग सकती है।
क्या नारियल पानी व्रत में पी सकते हैं?
हां, नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति में मदद कर सकता है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं