भारतीय घरों में ब्रेकफास्ट से लेकर लंच और डिनर तक में रोटी, पराठे खाएं जाते हैं. लेकिन क्या आपके घर में आने वाला ब्रांडेड आटा वाकई पूरी तरह शुद्ध है? या फिर आप और आपका परिवार हर रोज अनजाने में पत्थर का बारीक डस्ट खा रहे हैं? हाल ही में हुए एक बड़े खुलासे ने किचन में इस्तेमाल होने वाले आटे की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
उत्तर प्रदेश की एक आटा फैक्ट्री का सच सामने आया, वह किसी के भी होश उड़ा सकता है. जिसमें ज्यादा मुनाफे के लिए गेहूं पीसते वक्त उसमें जानबूझकर भारी मात्रा में पत्थर की चक्की के घिसे हुए पत्थर या स्टोन डस्ट को मिलाया जाता है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह मिलावटी आटा किसी लोकल बोरी में नहीं, बल्कि देश की जानी-मानी ब्रांडेड कंपनियों के नाम और पैकेट में पैक होकर पूरे देश के बाजारों में बेचा जा रहा था. यानी आप जिस ब्रांड पर भरोसा करके महंगा आटा खरीदते हैं, उसमें भी शुद्धता की कोई गारंटी नहीं बची है.

कैसे पहचानें कि आटा असली है या मिलावटी? (Real And Fake Atta)
- एक गिलास पानी में एक चम्मच आटा डालें. अगर आटा असली होगा तो वह पानी के ऊपर या बीच में तैरेगा. अगर उसमें पत्थर का पाउडर या भारी मिलावट होगी, तो वह नीचे तली में बैठ जाएगा.
- थोड़ा सा आटा लें और उसमें नींबू का रस निचोड़ें. अगर आटे से बुलबुले या झाग निकलने लगे, तो समझ जाएं कि इसमें चौक, चूना या पत्थर का डस्ट मिलाया गया है.
- थोड़ा सा कच्चा आटा मुंह में रखकर चबाएं. अगर दांतों के बीच कटकटाहट या किचकिच महसूस हो, तो आटे में मिलावट पक्की है.
- असली आटा गूंथते वक्त पानी सोखता है और सॉफ्ट होता है. मिलावटी आटा पानी सही से नहीं सोखता और गूंथने के बाद बिखरने लगता है.
मिलावटी आटे से होने वाले नुकसान- (Nakli Atta Khane Ke Nuksan)
- आटे में मौजूद पत्थर के छोटे कण शरीर में जाकर जमा होने लगते हैं, जिससे किडनी स्टोन की समस्या सबसे तेजी से बढ़ती है.
- यह डस्ट आंतों की दीवारों में चिपक जाता है, जिससे पेट दर्द, कब्ज, अल्सर और आंतों में इन्फेक्शन हो सकता है.
- लगातार ऐसा आटा खाने से दांतों की परत कमजोर होने लगती है.
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