
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख़ खान ने सेंसर बोर्ड द्वारा कुछ आपत्तिजनक या गालियों वाले शब्दों पर प्रतिबंध लगाने पर थोड़ी आपत्ति जताई है, साथ ही शाहरुख़ ने सेंसर बोर्ड को सुझाव भी दिए हैं।
सेंसर बोर्ड ने कुछ गालियों और अभद्र शब्दों की लिस्ट जारी कर ऐसे शब्दों पर फिल्मों में प्रतिबंध लगाने को कहा था, जिससे न सिर्फ शाहरुख़ खान, बल्कि करीब-करीब पूरा बॉलीवुड और यहां तक कि सेंसर बोर्ड के कुछ सदस्य भी सहमत नहीं थे।
मुंबई में हुए एक प्रमोशनल इवेंट में शाहरुख़ ने कहा कि, जहां तक भाषा और फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन की बात है, ये सब आधारित होता है अलग-अलग फिल्मों पर, लेकिन मेरे नज़रिये से हर चीज़ या हर फ़िल्म के लिए एक ही पैमाना नहीं होना चाहिए और सभी फिल्मों के लिए एक लिस्ट जारी करना सही नहीं है।
शाहरुख़ ने लगे हाथो सेंसर बोर्ड को सुझाव भी दे दिया और कहा कि 'सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट की कटेगरी बढ़ानी चाहिए, जिसमें 'यू/ए' और 'ए' के अलावा Parental Guidence यानी माता-पिता के साथ फ़िल्म देखना, Non Parental Guidence यानी बिना माता-पिता के साथ फ़िल्म देखने जी इजाज़त, Strictly Adult यानी 18 से कम आयु को किसी भी कीमत पर फ़िल्म न दिखाएं, वगैरह-वगैरह।'
इधर ख़बरों के अनुसार शाहरुख़ की सेंसर बोर्ड पर इस टिपणी से पहले सेंसर बोर्ड ने अपनी एनुअल मीटिंग में गालियों और अभद्र शब्दों की इस लिस्ट पर फिलहाल रोक लगा दी है और बाद में इस लिस्ट पर फैसले को कहा है, क्योंकि न सिर्फ बॉलीवुड, बल्कि सेंसर बोर्ड के कई सदस्य इस लिस्ट से सहमत नहीं थे।
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