तेजस्वी यादव ने पीएम पद के लिए नीतीश कुमार का किया समर्थन: 5 बड़ीं बातें

राजद नेता ने कहा कि हम देख पा रहे थे कि नीतीश जी बहुत असहज थे. बीजेपी उन पर थोपने की कोशिश कर रही थी.

तेजस्वी यादव ने पीएम पद के लिए नीतीश कुमार का किया समर्थन: 5 बड़ीं बातें

बिहार के उपमख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन के लिए यह एक पूर्व नियोजित कदम नहीं था

नई दिल्ली : बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गठबंधन करने का निर्णय अचानक और तुरंत मौके पर लिया गया फैसला था. साथ ही उन्होंने 2024 में प्रधान मंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के नाम को आगे बढ़ाया. साथ ही उन्होंने ईडी पर भी जोरदार हमला बोला. तेजस्वी यादव ने यह गठबंधन बिहार के लिए समय की जरूरत थी.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. तेजस्वी यादव ने कहा  कि नीतीश कुमार के पास अनुभव है. उनके पास प्रशासनिक अनुभव है. उनके पास सामाजिक अनुभव है. सिर्फ राज्यसभा को छोड़कर, वह सभी सदनों में रह चुके हैं. नीतीश जी केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. साथ ही राजद नेता ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी जी पीएम बन सकते हैं तो नीतीश जी क्यों नहीं? कोई भी बन सकता है पीएम, अगर नरेंद्र मोदी पीएम बन सकते हैं तो कोई भी पीएम बन सकता है.

  2. राजद नेता ने कहा कि हम देख पा रहे थे कि नीतीश जी बहुत असहज थे. बीजेपी उन पर थोपने की कोशिश कर रही थी. उनके चेहरे में देखा जा सकता था. जैसा कि आप देख सकते हैं, ललन सिंह जैसे लोगों ने कहा कि भाजपा उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही थी. बीजेपी ऐसा दूसरे राज्यों में करने की कोशिश कर भी रही थी.

  3. बिहार के उपमख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन के लिए यह एक पूर्व नियोजित कदम नहीं था. यह मौके पर था और स्वतःस्फूर्त था. हम राजनीतिक घटनाक्रम देख रहे थे. यह गठबंधन बिहार के लिए समय की जरूरत है.

  4. देश की राजनीति पर चर्चा करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दलों को एक साथ बैठकर रोडमैप बनाने की जरूरत है. भारत की जनता नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक चेहरा चाहती है.

  5. ईडी और सीबीआई पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि वे (प्रवर्तन निदेशालय) हमारे यहां आकर कार्यालय खोल सकते हैं. यह कोई समस्या नहीं है. मैं उन्हें आपके चैनल के माध्यम से एक संदेश देना चाहता हूं - मैं उन्हें निमंत्रण दूंगा. 'ईडी, सीबीआई, आयकर, कृपया आएं और जब तक चाहें तब तक रहें. आप दो महीने बाद छापेमारी क्यों करते हैं? जब तक चाहो यहीं रहो, कुछ नहीं होगा. वे अपना कर्तव्य निभाने के बजाय विपक्ष के पीछे भाग रहे हैं. वे बीजेपी के पार्टी सेल की तरह काम कर रहे हैं.'