
मुंबई के कमला मिल्स कंपाउंड में लगी भीषण आग से 15 लोगों की मौत हो गई जिसमें 11 महिलाएं भी शामिल हैं. मरने वालों में ज्यादातर की उम्र 20 से 30 साल है. जहां पर आग लगी है वहां कई कारपोरेट ऑफिस और रेस्ट्रोरेंट मौजूद हैं. दमकल विभाग को आग पर काबू पाने के लिए कम से कम 3 घंटे का समय लगा. मिली जानकारी के मुताबिक ज्यादातर मौतें रेस्ट्रोरेंट के आसपास हुई हैं जो कि 37 एकड़ तक फैला हुआ है.
हादसे से जुड़ीं खास बातें
कमला मिल्स कपाउंड में रात 12.30 बजे आग लगी थी. हादसे में 15 की मौत और 12 लोग घायल हुए चुके हैं.
घायलों को केईएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. कपाउंड के 2 रेस्ट्रोरेंट में आग लगी है.
हादसे के समय 50 लोग मौजूद थे. आग पर 2 घंटे से ज्यादा मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका. घटना जहां पर हुई है वहां कई कारपोरेट ऑफिस और चैनल मौजूद हैं. रेस्टरेंट मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है.
शिवसेना सांसद सुनील शिंदे भी घायलों के देखने अस्पताल पहुंचे और पूरी घटना की ठीक से जांच की मांग की है. उन्होंने रेस्ट्रोरेंट का लाइसेंस जारी करने पर भी सवाल किया. उन्होंने मीडिया से बातचीत में पूछा, किसने उनको लाइसेंस दिया. वह भी इस घटना के जिम्मेदार हैं.'
वहीं शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने सिविक बॉडी के आयुक्त से बात की है और बाद में उन्होंने ट्वीट किया कि ऐसी जगहों में आग से सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं इसकी जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए.
कमला मिल्स कंपाउंड में कई चैनलों के ऑफिस हैं जिनका प्रसारण बंद कर दिया गया है ताकि उनके उपकरणों को कोई नुकसान न हो.
यह मार्केट नाइटक्लबों और रेस्टोरेंट के लिए मशहूर है. यह करीब 37 एकड़ तक फैला हुआ है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक के आग लगने की वजह का पत नहीं लग पाया है. मामले की जांच शुरु कर दी है.
घटना के समय वहीं मौजूद डॉक्टर सुलभा केजी अरोड़ा ने बताया कि आग ने कुछ ही मिनटों में फैल गई. भगदड़ मच गई और किसी ने पीछे से उनको धक्का दे दिया. लोग उनके ऊपर से चढ़ कर भाग रहे थे. ऊपर की छत भी गिरने लगी थी.
उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि उस समय वह जिंदा रह पाएंगी या नहीं. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि वह अब तक की सबसे भयानक घटना में वह खुद को बचा पाई हैं.