Mauni Amavasya 2025: हिन्दू धर्म में अमावस्या (amavasya) तिथि को स्नान, दान और पूजा पाठ के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या (mauni amavasya) कहा जाता है. कई जगहों पर इसे माघी अमावस्या भी कहा जाता है. मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. कहा जाता है कि इस दिन मौन व्रत रखा जाता है और इसी कारण इस अमावस्या का नाम मौनी अमावस्या पड़ा है. चलिए जानते हैं कि 2025 में मौनी अमावस्या कब (mauni Amavasya date) है और इसका क्या महत्व है.
Mahakumbh mela 2025 : महाकुंभ 2025 के दौरान कब कौन सा पर्व है, यहां जानिए उनकी तिथियां और महत्व
-
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
2025 में माघ माह की अमावस्या 29 जनवरी को पड़ रही है. हिंदू पंचांग के अनुसार 28 जनवरी को सायंकाल में 7 बजकर 35 मिनट पर अमावस्या तिथि आरंभ हो रही है. इसका समापन 29 जनवरी सायंकाल में 6 बजकर 5 मिनट पर हो रहा है. उदया तिथि के अनुसार देखा जाए तो अमावस्या की पूजा और व्रत आदि 29 जनवरी को रखे जाएंगे. इसी दिन प्रयागराज में लग रहे महाकुंभ में तीसरा शाही स्नान भी होगा. कहते हैं कि मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसलिए हर साल मौनी अमावस्या पर लाखों लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और फिर सूर्यदेव को जल अर्पित करते हैं. इस दिन संगम तट पर गंगा यमुना और सरस्वती के संगम स्थल पर स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ती है.
मौनी अमावस्या व्रत और पूजा - Mauni Amavasya vrat and pujaमौनी अमावस्या पर भगवान विष्णु के निमित्त व्रत किया जाता है. मान्यता है कि जो जातक इस दिन पूरे दिन का मौन धारण करता है, उसे सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिल जाती है. इस दिन सूर्योदय से लेकर व्रत के उद्यापन तक जातक को मौन धारण करना होता है. मौनी अमावस्या पर अगर आप गंगा स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो घर में ही नहाने के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. इसके बाद सूर्यदेव को तिल मिला जल अर्पित करने से पितर शांत और प्रसन्न होते हैं. इस दिन मांसाहारी और तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए. इस दिन दान पुण्य करने से कई पीढ़ियों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.
माना जाता है कि अमावस्या की सभी तिथियों में से मौनी अमावस्या को बेहद उत्तम माना गया है. इस खास अवसर पर मौन रहना शुभ होता है. मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करना फलदायी होता है. इस दिन श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है इसके अलावा दान भी किया जाता है. माना जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन दान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं