विज्ञापन

Guru Chandal Yog: कैसे बनता है गुरु चांडाल योग? किसको मिलते हैं अच्छे परिणाम, जानिए अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

Guru Chandal Yog: गुरु चांडाल योग तब बनता है जब कुंडली में बृहस्पति और राहु का संयोग होता है. पंचांग के अनुसार फिलहाल गुरु चांडाल योग बना हुआ है और यह 1 जून 2026 तक रहेगा.

Guru Chandal Yog: कैसे बनता है गुरु चांडाल योग? किसको मिलते हैं अच्छे परिणाम, जानिए अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
गुरु चांडाल योग
AI

Guru Chandal Yog Effect: ज्योतिष शास्त्र में गुरु (बृहस्पति ग्रह) को सबसे शुभ, ज्ञानवर्धक और भाग्य का ग्रह माना जाता है. यह ज्ञान, धर्म, संतान, धन, उच्च शिक्षा और वैवाहिक जीवन का कारक होता है. शास्त्रों के अनुसार, यदि कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत और शुभ हो, तो व्यक्ति बुद्धिमान, नैतिक, समझदार और सुखी जीवन जीता है. वहीं, कमजोर या अशुभ गुरु व्यक्ति के जीवन में असफलता, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है.  आज हम आपको गुरु चांडाल योग के बारे में बताने जा रहे हैं. यह योग तब बनता है जब कुंडली में बृहस्पति और राहु का संयोग होता है. पंचांग के अनुसार फिलहाल गुरु चांडाल योग बना हुआ है और यह 1 जून 2026 तक रहेगा. इसी कड़ी में आइए जानते हैं गुरु चांडाल योग के प्रभाव क्या होते हैं और इसके अशुभ परिणामों से बचने के क्या उपाय हैं...

यह भी पढ़ें: Chaitra Purnima 2026: पूर्णिमा कब है? 1 या 2 अप्रैल...यहां जानें सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

कैसे बनता है गुरु चांडाल योग?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली में गुरु ग्रह राहु या केतु के साथ किसी भाव में बैठा हो या दोनों एक-दूसरे पर दृष्टि डाल रहे हों, तो गुरु चांडाल योग बनता है. इस योग के कारण व्यक्ति को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, इसका प्रभाव ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है और हर किसी पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलता है.

किसे मिलते हैं गुरु चांडाल योग के शुभ परिणाम?

गुरु चांडाल योग के शुभ परिणाम कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करते हैं. आइए जानते हैं कब-कब गुरु चांडाल योग शुभ परिणाम देते हैं...

  • अगर किसी जातक की कुंडली में बृहस्पति उच्च राशि में स्थित हो, तो गुरु चांडाल योग शुभ फल देता है.
  • जब राहु और गुरु के साथ कोई अन्य ग्रह भी कुंडली में मौजूद हो, तब इस योग का नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है.
  • अगर गुरु अस्त या वक्री अवस्था में हो, तब भी कई बार यह योग अच्छे परिणाम दे सकता है.
  • जब कुंडली में गुरु केंद्र भाव का स्वामी होकर त्रिकोण भाव में राहु के साथ स्थित हो, तब गुरु चांडाल योग फलदायक माना जाता है.

जानिए अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

गुरु चांडाल योग के अशुभ परिणाम से बचने के लिए आप राशि अनुसार उपाय कर सकते हैं.

1. मेष राशि- एकादशी पर पंडित जी को पीले रंग की खाने की चीज का दान करें.
2. वृष राशि- पानी में लोबान डालकर स्नान करने से गुरु चांडाल योग के अशुभ परिणाम से बचा जा सकता है.
3. मिथुन राशि- रोजाना घर में फिटकरी के पानी से पोछा लगाएं.
4. कर्क राशि- रोजाना बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद करें और उनका मान-सम्मान करें.
5. सिंह राशि- गुरु चांडाल योग के अशुभ परिणाम से बचने के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.
6. कन्या राशि- गुरु चांडाल योग के अशुभ परिणाम से बचने के लिए घर में कपड़ों की साफ-सफाई खुद करें.
7. तुला राशि- रोज भगवान विष्णु और भोलेनाथ की श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना करें.
8. वश्चिक राशि- हर महीने पूर्णिमा पर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.
9. धनु राशि- हल्दी के पानी से स्नान करें और पीली खाने की चीजों का सेवन करें.
10. मकर राशि- गुरु चांडाल योग के अशुभ परिणाम से बचने के लिए शनिवार को सफाई कर्मी को खाने की चीजों का दान कर सकते हैं.
11. कुंभ राशि- जरूरमंदों को खाने की चीजों का दान करें.
12. मीन राशि- गुरु चांडाल योग के अशुभ परिणाम से बचने के लिए एकादशी पर पीपल का पेड़ लगा सकते हैं.

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com