विज्ञापन

Vasudeva Chaturthi 2026: कब रखा जाएगा चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी का व्रत? यहां जानिए सही डेट और शुभ मुहूर्त

Vasudeva Chaturthi 2026 Kab Hai: हिन्दू धर्म में चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी का पर्व बेहद खास और महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन गणेश जी की पूजा करने का विधान है. आइए जानते हैं, इस साल वासुदेव चतुर्थी कब मनाई जाएगी, सही तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है.

Vasudeva Chaturthi 2026: कब रखा जाएगा चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी का व्रत? यहां जानिए सही डेट और शुभ मुहूर्त
चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी 2026
Freepik

Chaitra Vasudev Vinayak Chaturthi Kab Hai: हिन्दू धर्म में चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी का पर्व बेहद खास और महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन गणेश जी की पूजा करने का विधान है. मान्यता है, कि जो भी व्यक्ति इस दिन श्रद्धा भाव से गणपति बप्पा की पूजा करता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवन की समस्याएं कम होती हैं. आइए जानते हैं, इस साल वासुदेव चतुर्थी कब मनाई जाएगी, सही तारीख और शुभ मुहूर्त क्या है. 

यह भी पढ़ें: Hanuman Chalisa Path: जय हनुमान ज्ञान गुन सागर... मंगलवार को करें हनुमान चालीसा का पाठ, बजरंगबली दूर करेंगे हर संकट

कब रखा जाएगा वासुदेव चतुर्थी का व्रत?

वासुदेव चतुर्थी को चैत्र वासुदेव विनायक चतुर्थी और मनोरथ चतुर्थी के नाम से भी जाता है. यह पर्व चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की तिथि की शुरुआत 21 मार्च को रात में 11 बजकर 56 मिनट पर होगी. वहीं, इसका समापन 22 मार्च को रात 9 बजकर 16 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए वासुदेव चतुर्थी का व्रत 22 मार्च 2026 को रखा जाएगा.

क्या है शुभ मुहूर्त?

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:48 बजे से 5:36 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 बजे से 3:19 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:32 बजे से 6:56 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 12:04 बजे से 12:51 बजे तक

Latest and Breaking News on NDTV

वासुदेव चतुर्थी पर करें गणेश जी की आरती

गणेश जी की आरती (Ganesh Aarti Lyrics in Hindi)

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एकदन्त, दयावन्त, चार भुजा धारी।
माथे पर तिलक सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

हार चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शम्भु सुतवारी।
कामना को पूरा करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com