सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. वास्तु शास्त्र में घर के अंदर लगी तुलसी सिर्फ पूजा का पौधा नहीं, बल्कि सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का भी संकेत देती है. अगर सही देखभाल के बावजूद तुलसी का पौधा बार-बार सूख रहा है, तो इसे सामान्य बात मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने इसके संकेत और वास्तु उपाय बताए हैं.
बार-बार सूखती तुलसी क्या संकेत देती है?
पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, तुलसी का पौधा कई बार घर की नकारात्मक ऊर्जा को अपने ऊपर ले लेता है. लगातार मुरझाना या पत्तों का पीला पड़ना वास्तु दोष, आर्थिक परेशानियों या बुध ग्रह की कमजोर स्थिति का संकेत माना जाता है. कुछ मान्यताओं में इसे पितृ दोष से भी जोड़ा जाता है.
तुलसी लगाने की सही दिशा
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में लगाना शुभ माना जाता है. दक्षिण दिशा में तुलसी रखने से बचना चाहिए. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
यह भी पढ़ें: Ravi Pradosh Vrat 2026: आज है रवि प्रदोष व्रत, जानें इसकी पूजा और उपवास का क्या मिलता है फल
गमले का रंग और साफ-सफाई भी जरूरी
पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि तुलसी के लिए सफेद या नीले रंग का गमला शुभ माना जाता है. पौधे के आसपास हमेशा साफ-सफाई रखें और वहां जूते-चप्पल या झाड़ू न रखें.
सूख जाए तो क्या करें?
पूरी तरह सूख चुकी तुलसी को कूड़े में नहीं फेंकना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार, उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें और उसी स्थान पर नया तुलसी का पौधा लगाएं. साथ ही रविवार, एकादशी, अमावस्या और ग्रहण के दिन तुलसी में जल अर्पित करने और पत्ते तोड़ने से बचें.
यह भी पढ़ें: Shani Puja Rules: सूर्यपुत्र शनिदेव की पूजा करते समय महिलाओं को रखनी ये विशेष सावधानियां
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं