विज्ञापन

Gupt Navratri 2026: आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि शुरू, जानिए क्यों होती है देवी के दस स्वरूपों की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त

Ashadha Gupt Navratri 2026: आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है और यह 23 जुलाई तक मनाई जाएगी. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय से जानिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और देवी के दस स्वरूपों की पूजा का महत्व और विधि.

Gupt Navratri 2026: आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि शुरू, जानिए क्यों होती है देवी के दस स्वरूपों की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त
आज से शुरू हो रही है आषाढ़ गुप्त नवरात्रि
ndtv

हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन आषाढ़ और माघ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि सामान्य नवरात्रि से अलग मानी जाती है. यह पर्व मुख्य रूप से साधना, तंत्र-मंत्र और देवी की उपासना के लिए जाना जाता है. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में आदिशक्ति के दस स्वरूपों की आराधना होती है. इस वर्ष आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आज (15 जुलाई) से शुरू हो गई है और यह 23 जुलाई 2026 तक चलेगी.

कब से कब तक रहेगी गुप्त नवरात्रि

पंडित कौशल पांडेय बताते हैं कि पंचांग के अनुसार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई 2026 तक चलेगी. इस दौरान साधक विशेष मंत्र-जाप, साधना और देवी उपासना करते हैं.

देवी के दस स्वरूपों की होती है पूजा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के दस स्वरूपों की पूजा की जाती है. इसमें मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां काली, मां तारा देव, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां मांतगी और मां कमला देवी की पूजा-अर्चना होती है. इन स्वरूपों की साधना को विशेष फलदायी माना जाता है.

यह भी पढ़ें: Vastu Tips: भूलकर भी इस्तेमाल न करें दूसरों की ये 7 चीजें, जीवन में बढ़ जाएंगी समस्याएं, आर्थिक तंगी कर सकती है परेशान

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई को सुबह 11:42 बजे शुरू होकर 15 जुलाई को सुबह 8:20 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार 15 जुलाई को सुबह 6:03 बजे से घटस्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा.

ऐसे करें पूजा

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और लाल या पीले वस्त्र बिछाकर कलश स्थापित करें. आम के पत्ते और नारियल रखकर अखंड दीप जलाएं. इसके बाद मां दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और अंत में आरती कर देवी से सुख-समृद्धि की कामना करें.

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल में सावन के लिए बड़ी तैयारी, मंदिर जाने वाले भक्तों पर हेलीकॉप्टर से होगी फूलों की बारिश, जानिए जरूरी जानकारी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gupt Navratri, Gupt Navratri 2026
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com