Gupt Navratri 2026 Goddess Durga Puja Mantra: सनातन परंपरा में नवरात्रि के 9 पावन दिन 9 दिव्य शक्तियों के मिलन के दिन माने गये हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि के इन 9 दिनों में देवी दुर्गा के दिव्य स्वरूपों का पूरा आशीर्वाद बरसता है. यही कारण है कि शक्ति की साधना करने वाला प्रत्येक साधक आषाढ़ मास में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए पूरे 9 दिनों तक तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ, आदि के जरिए मां भगवती को प्रसन्न करने का प्रयास करता है. यदि आप भी आज से प्रारंभ होने जा रही आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की विशेष साधना करने जा रहे हैं तो आपको उनकी कृपा बरसाने वाला मंत्र और महाउपाय जरूर जानना चाहिए.
1. मां काली

हिंदू मान्यता के अनुसार जब देवी दुर्गा का युद्ध महिषासुर नामक राक्षस से हो रहा था, तब माता के अत्यधिक क्रोधित होने पर उनके मस्तक से 10 भुजाओं वाली मां काली का प्राकट्य हुआ था. गुप्त नवरात्रि में मां काली को प्रसन्न करके उनसे मनचाहा वर पाने के लिए साधक को 'ॐ क्रीं कालिके स्वाहा' या फिर 'ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा' मत्र का जप करना चाहिए.
2. मां तारा
मां तारा को तंत्र शक्ति के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के मृत शरीर को भंग किया तो उसका एक हिस्सा पश्चिम बंगाल में जहां पर गिरा, वहां पर मां तारा का पावन पीठ बना. आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में मां तारा को प्रसन्न करने के लिए साधक को 'ॐ त्रीं ह्रीं, ह्रूं, ह्रीं, हुं फट्' मंत्र का जप करना चाहिए.
3. मां त्रिपुर सुंदरी

हिंदू मान्यता के अनुसार मां त्रिपुर सुंदरी ने अपने अनुपम सौंदर्य से दैत्यों को अपने वश में कर लिया था. माता के इस पावन स्वरूप मो पूर्णता की देवी माना जाता है. मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा का पुण्यफल पाने के लिए साधक को गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन 'ॐ ऐं ह्रीं श्रीं महा त्रिपुर सुन्दरी नमः' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
4. मां भुवनेश्वरी
हिंदू धर्म में मां भुवनेश्वरी को पूरे ब्रह्मांड की माता माना जाता है. जिनकी साधना करने पर साधक को वैभव, लक्ष्मी और ज्ञान की प्राप्ति होती है. मां भुवनेश्वरी की कृपा पाने के लिए साधक को गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन विधि-विधान से पूजा करते हुए 'ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं भुवनेश्वर्यै नमः' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
5. मां छिन्नमस्ता

हिंदू मान्यता के अनुसार मां छिन्नमस्ता का स्वरूप विकराल है, जिन्होंने अपनी दो सखियों जया और विजया की भूख को शांत करने के लिए स्वयं का सिर काट दिया था. आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि पर मां छिन्नमस्ता को मनाने के लिए साधक को उनकी पूजा के दौरान विशेष रूप से 'ह्रीं क्लीं श्रीं ऐं हूं फट्' मंत्र का जप करना चाहिए.
6. मां भैरवी
आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के छठवें दिन मां भैरवी की पूजा का विधान है जो कि साधक की साधना को सफल करके उसे सुख-सौभाग्य प्रदान करती हैं. मां भैरवी की कृपा पाने के लिए साधक को पूजा के दौरान 'ॐ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा' मंत्र का जप करना चाहिए.
7. मां धूमावती
गुप्त नवरात्रि के दौरान पूजी जाने वाली 10 महाविद्या में मां धूमावती को दुःख और वैराग्य की की देवी माना जाता है. मां धूमावती का आशीर्वाद पाने के लिए साधक को गुप्त नवरात्रि के सातवें दिन 'धूं धूमावती स्वाहा' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
8. मां बगलामुखी

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि में पूजी जाने वाली 10 महाविद्या में मां बगलामुखी को सभी प्रकार के ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का नाश करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है. मां बगलामुखी से मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए साधक को गुप्त नवरात्रि के आठवें दिन 'ॐ ह्लीं क्लीं ह्लीं बगलामुखि ठः ठः' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
9. मां मातंगी और मां कमला
गुप्त नवरात्रि के नौंवे दिन दो महाविद्या मां मातंगी और मां कमला की विशेष पूजा एक साथ की जाती है. हिंदू मान्यता के अनुसार मां मातंगी को प्रसन्न करने के लिए सााधक को 'ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा' और मां कमला को मनाने के लिए 'नमः कमलवासिन्यै स्वाहा' मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए. गुप्त नवरात्रि में मां मातंगी की पूजा करने पर साधक के ज्ञान, वाणी और सम्मोहन शक्ति में वृद्धि होती है तो वहीं मां कमला की पूजा से साधक को धन-धान्य, सुख-वैभव आदि की प्राप्ति होती है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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