फाल्गुन मास की अमावस्या पर आज 17 फरवरी 2026, मंगलवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण प्रारंभ हो चुका है. यह ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) है, जिसे आमतौर पर ‘रिंग ऑफ फायर' कहा जाता है. इस दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता और सूर्य की बाहरी परतें जलते हुए छल्ले की तरह नजर आती हैं. ज्योतिष के अनुसार यह सूर्य ग्रहण भारत में भले ही न नजर आएगा, लेकिन इसका प्रभाव अंटार्कटिका, दक्षिणी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे स्थानों पर बना रहेगा क्योंकि यह इन सभी जगहों पर दृश्यमान रहेगा.
ग्रहण का समय
शुरुआत: दोपहर 3:26 बजे
मध्यकाल: शाम 5:42 बजे
समापन: शाम 7:52 बजे
भारत में दिखाई नहीं देगा ग्रहण
ज्योतिषाचार्य कृष्ण गोपाल मिश्र के अनुसार यह सूर्य ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा. यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा.
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भारत में लोग आज पूजा-पाठ, श्राद्ध और अन्य धार्मिक कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं, क्योंकि ग्रहण का प्रभाव यहां प्रत्यक्ष रूप से नहीं पड़ेगा.
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें?
- मंत्रोच्चार, नाम जप और ध्यान करना शुभ माना जाता है.
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और घर में गंगाजल का छिड़काव करें.
- भोजन को दूषित होने से बचाने के लिए ग्रहण से पहले खाने में तुलसी का पत्ता रखें.
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें?
- गर्भवती महिलाओं को सुई‑धागा, कैंची, या तेज उपकरणों का उपयोग नहीं करना चाहिए.
- भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करें.
- कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचें.
किस राशि और नक्षत्र में लगेगा सूर्य ग्रहण?
यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है. ज्योतिषीय दृष्टि से यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ग्रहण के दौरान कर्क लग्न उदित रहेगा और कई ग्रह अष्टम भाव में एकत्रित होंगे, जिसे शुभ नहीं माना जाता. ज्योतिषियों का अनुमान है कि इसका सीधा प्रभाव पश्चिमी देशों पर दिखाई दे सकता है. वहां अत्यधिक वर्षा, तूफान या प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति बन सकती है.
Surya Grahan 2026 LIVE: कब-कब और कैसा दिखाई देता है सूर्य ग्रहण, जानें सभी स्थितियां

- पूर्ण सूर्य ग्रहण स्थिति: चन्द्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है. पृथ्वी पर चन्द्रमा की गहरी छाया पड़ती है. जिससे दिन में अंधेरा जैसा वातावरण और जिससे सूर्य का बाहरी प्रकाश दिखाई देता है. जो बहुत कम क्षेत्र में दिखाई देता है. जिससे चंद्रमा के पीछे चारों ओर प्रकाश का फैलाव दिखता है.
- आंशिक सूर्य ग्रहण स्थिति: चन्द्रमा सूर्य का केवल कुछ भाग ढकता है. जिससे पृथ्वी पर हल्की छाया पड़ती है. जिससे सूर्य कटा हुआ दिखाई देता है. जिसका प्रकाश बड़े क्षेत्र में दिखाई देता है.
- कंकणाकृति सूर्य ग्रहण: चन्द्रमा पृथ्वी से दूर होने के कारण छोटा दिखाई देता है. जिससे सूर्य पूरी तरह नहीं ढकता. जिससे सूर्य के चारों ओर चमकता छल्ला दिखाई देता है. इसी को "चमकता छल्ला" (Ring of Fire) कहा जाता है.
- मिश्रित सूर्य ग्रहण: पृथ्वी के कुछ भाग में पूर्ण ग्रहण अर्थात कुछ भाग में कंकणाकृति ग्रहण बनता है. यह स्थिति बहुत ही दुर्लभ होता है.
Surya Grahan 2026 LIVE: कब-कब और कैसा दिखाई देता है सूर्य ग्रहण, जानें सभी स्थितियां

- पूर्ण सूर्य ग्रहण स्थिति: चन्द्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है. पृथ्वी पर चन्द्रमा की गहरी छाया पड़ती है. जिससे दिन में अंधेरा जैसा वातावरण और जिससे सूर्य का बाहरी प्रकाश दिखाई देता है. जो बहुत कम क्षेत्र में दिखाई देता है. जिससे चंद्रमा के पीछे चारों ओर प्रकाश का फैलाव दिखता है.
- आंशिक सूर्य ग्रहण स्थिति: चन्द्रमा सूर्य का केवल कुछ भाग ढकता है. जिससे पृथ्वी पर हल्की छाया पड़ती है. जिससे सूर्य कटा हुआ दिखाई देता है. जिसका प्रकाश बड़े क्षेत्र में दिखाई देता है.
- कंकणाकृति सूर्य ग्रहण: चन्द्रमा पृथ्वी से दूर होने के कारण छोटा दिखाई देता है. जिससे सूर्य पूरी तरह नहीं ढकता. जिससे सूर्य के चारों ओर चमकता छल्ला दिखाई देता है. इसी को "चमकता छल्ला" (Ring of Fire) कहा जाता है.
- मिश्रित सूर्य ग्रहण: पृथ्वी के कुछ भाग में पूर्ण ग्रहण अर्थात कुछ भाग में कंकणाकृति ग्रहण बनता है. यह स्थिति बहुत ही दुर्लभ होता है.
Surya Grahan 2026 LIVE: सूर्य ग्रहण से तुला राशि की बढ़ेगी ताकत और धर्म-कर्म में लगेगा मन

Solar Eclipse 2026 Impact On Libra Zodiac Sign: साल का पहला सूर्य ग्रहण तुला राशि के लिए गुडलक का काम करेगा. हालांकि पंचम भाव में ग्रहण की स्थिति थोड़ा भावनात्मक उद्वेग को वृद्धि करेगा और घर में किसी वृद्ध या फिर कहें माता की सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं, लेकिन पंचम भाव में बुध शुक्र काफी सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करेंगे. तुला राशि वाले जातक किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए उत्साहपूर्वक प्रयासरत भी रहेंगे. उनके भीतर धार्मिक अनुष्ठान करने की इच्छाएं जागृत होंगी. तुला राशि वाले प्रथम पूजनीय गणेश जी की आराधना करें. आपके लिए यह समय बड़ा ही अनुकूल समय कहा जाएगा.
Surya Grahan 2026 LIVE: सूर्य ग्रहण किसे कहते हैं? जानें क्या कहता है इसे लेकर ज्योतिष शास्त्र

What is Solar Eclipse : जाने-माने ज्योतिषी पं. कृष्ण गोपाल मिश्र के अनुसार ग्रहण एक खगोलीय घटना है. जब चन्द्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पूरी तरह या आंशिक रूप से नहीं पहुंच पाता, तब सूर्य ग्रहण बनता है. यह केवल अमावस्या के दिन ही संभव है. ग्रहण तभी बनेगा जब चन्द्रमा अपने कक्षीय नोड (Rahu-Ketu बिन्दु) के पास होगा, क्योंकि चन्द्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से लगभग 5° झुकी हुई होती है. चन्द्रमा अपने कक्षीय नोड (Rahu-Ketu बिन्दु) के पास होता है तभी अमावस्या के समय चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में एक सीधी रेखा में आ जाता है, जिससे सूर्य पूरी तरह पूरी ढक जाता है. इस खगोलीय स्थिति को सूर्य ग्रहण कहते हैं.
Surya Grahan 2026 LIVE: साल के पहले सूर्य ग्रहण की हो गई शुरुआत, जानें कब पहुंचेगा चरम पर और कब होगा समाप्त

Solar Eclipse 2026 Start Now: आज फाल्गुन मास की अमावस्या पर साल के पहले सूर्य ग्रहण की शुरुआत हो गई है. ज्योतिष के अनुसार यह सूर्य ग्रहण भारत में भले ही न नजर आएगा, लेकिन इसका प्रभाव अंटार्कटिका, दक्षिणी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे स्थानों पर बना रहेगा क्योंकि यह इन सभी जगहों पर दृश्यमान रहेगा.
साल का पहला सूर्य ग्रहण वलयाकार या आग के गोले की तरह होगा, जिसे फायर ऑफ रिंग भी कहा जा सकता है. सूर्य ग्रहण के मध्य में ऐसी स्थिति इसलिए बनेगी क्योंकि चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाएगा. यानि चारों तरफ सूर्य का थोड़ा भाग खुला रहेगा. यही कारण है कि आज ग्रहण के दौरान सूर्य एक कंगन की तरह या एक आग के छल्ले की तरह दिखाई देगा.
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण कन्या राशि वालों की सेहत पर कुछ ऐसा डालेगा असर

Solar Eclipse 2026 Impact On Virgo Zodiac Sign: साल का पहला सूर्य ग्रहण कन्या राशि की सेहत की दृष्टि से अच्छा नहीं कहा जा सकता है. कन्या राशि वालों के छठे घर में ग्रहण की स्थिति उत्पन्न हो रही है. जिसके कारण इस राशि से जुड़े लोगों को सेहत से सेबंधित दिक्कतें हो सकती हैं. कन्या राशि के लोगों को शारीरिक एवं मानसिक परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखना होगा. मुख्य रूप से कोल्ड सेंसटिविटी एवं उदर विकार की समस्या को भूल कर भी इग्नोर न करें और समय पर इलाज कराएं. सप्तम का शनि निश्चित तौर कन्या राशि के जातकों के लिए एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर रहा है. यह इनके उत्साह को बरकरार रखने में मदद करेगा. कन्या राशि वालों को सूर्य ग्रहण के दोष से बचने के लिए शनि के बीज मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का अधिक से अधिक माला जप करना चाहिए.
Surya Grahan 2026 LIVE: सूर्य ग्रहण का किन राशियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

Surya Grahan Ka Rashiyon Par Prabhav live: जाने-माने ज्योतिषाचार्य पं. कृष्ण गोपाल मिश्र के अनुसार भारत में नहीं दिखने के कारण इसका लोगों पर इसका विशेष प्रभाव तो नहीं पड़ेगा लेकिन कुंभ राशि में सूर्य, चंद्रमा, राहु, बुध और शुक्र पूर्व-दक्षिण दिशा से पश्चिमोत्तर दिशा की ओर तेज हवा, वर्षा तूफान जैसे स्थिति उत्पन्न कर सकता है। यह सूर्य ग्रहण जिन क्षेत्र में दृश्यमान रहेगा, वहां पर छोटे-मोटे प्राकृतिक असंतुलन होने की आशंका बनी रहेगी। इन देशों के मार्केट में भी उतार-चढ़ाव की स्थिति रह सकती है।
ज्योतिषाचार्य का दावा है कि आज 17 फरवरी 2026 से लेकर 28 फरवरी 2026 के बीच में इस ग्रहण का बड़ा दुष्प्रभाव या प्राकृतिक असंतुलन इन क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी की आवश्यकता रहेगी। पं. कृष्ण गोपाल मिश्र के अनुसार सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव कर्क, वृश्चिक, धनु और मीन राशि पर पड़ सकता है। इसमें भी कर्क और मीन राशि वालों को विशेष सावधानी रखनी होगी। ग्रहण के दोष से बचने के लिए इन्हें आज बृहस्पति के बीज मंत्र का अधिक से अधिक जप करना चाहिए।
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के कारण सिंह राशि की सेहत से लेकर संबंधों तक कुछ ऐसा रहेगा हाल

Solar Eclipse 2026 Impact On Leo Zodiac Sign: ज्योतिष में सिंह को सूर्य की राशि माना जाता है. साल का पहला सूर्य ग्रहण इस राशि के लिए थोड़ा प्रतिकूल स्थिति पैदा करने जा रहा है. ज्योतिष के अनुसार सिंह राशि के सप्तम भाव में ग्रहण की स्थिति उत्पन्न हो रही है. ऐसे में सिंह राशि के जातकों को पारिवारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. सूर्य ग्रहण के प्रभाव के चलते इस राशि के लोग भावनात्मक रूप से थोड़ा परेशान हो सकते हैं.
हालांकि ग्यारहवें भाव का बृहस्पति आपके विवेक को जागृत रखेगा. जिससे चीजों को संभालने में आपको मदद मिलेगी, लेकिन बात करें सेहत की तो आपको मौसमी बीमारी को लेकर सतर्क रहना होगा. साथ ही साथ खानपान में भी परहेज की जरूरत रहेगी, अन्यथा आपको शारीरिक कष्ट झेलना पड़ सकता है. सिंह राशि के जातकों के लिए बृहस्पति के बीज मंत्र ॐ बृं बृहस्पते नमः का प्रतिदिन एक माला जप लाभदायी साबित होगा.
Surya Grahan 2026 LIVE: सूर्य ग्रहण को लेकर देश ही नहीं विदेश में भी जुड़ी हैं कई मान्यताएं

Surya Grahan 2026 Myths and facts: सूर्य ग्रहण को लेकर सनातन परंपरा में जहां समुद्र मंथन की कथा आती है और ग्रहण के पीछे राहु और केतु के द्वारा सूर्य का ग्रास होना बताया जाता है, वहीं पड़ोसी मुल्क चीन में ड्रैगन द्वारा सूर्य को निगलने की घटना से जोड़कर देखा जाता है, जबकि वियतना में सूर्य को बड़े मेढक द्वारा खाने की मान्यता से सूर्य ग्रहण को जोड़कर देखते हैं. यदि बात करें ग्रीक मान्यता की तो उसके अनुसार सूर्य ग्रहण की खगोलीय घटना के पीछे सूर्य का नाराज होना है. इन सबके बीच अहम बात ये कि आज भी सूर्य ग्रहण को लेकर तमाम तरह के मिथक और मान्यताएं लगातार बनी हुई हैं.
बहरहाल, इन सभी के बीच भारतीय ज्योतिष ग्रहण जहां 12 राशियों पर सीधा प्रभाव डालते हुए व्यक्ति विशेष पर आर्थिक, शारीरिक, मानसिक आदि प्रभाव डालता है तो वहीं विज्ञान इसे खगोलीय घटना मानते हुए खुली आंखों से देखने को मना करता है क्योंकि इससे आंखों को नुकसान होने का खतरा बना रहता है.
Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण से कर्क राशि वालों के लिए क्या मिलता है संकेत?

Solar Eclipse 2026 Impact On Cancer Zodiac Sign: साल का पहला सूर्य ग्रहण कर्क राशि के जातकों को जीवन में तमाम चीजों को लेकर सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है. ज्योतिष के अनुसार कर्क राशि के लिए ग्रहण की स्थिति अष्टम भाव में बन रही है और यह घर-परिवार से जुड़े मामलों में थोड़ा तनाव दे सकती है. साथ ही साथ सूर्य ग्रहण का प्रभाव आपकी सेहत पर भी देखने को मिल सकता है.
कर्क राशि के जातकों को आने वाले समय में वाहन सावधानी के साथ चलाने की जरूरत रहेगी. इसी प्रकार इस राशि से जुड़े लोगों को दूसरों के साथ विनम्रता से बात-व्यवहार करने की जरूरत रहेगी. जीवनसाथी की भावनाओं की कद्र करें तथा अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देते हुए उन चीजों से परहेज करें जो आपको नुकसान पहुंचाती है. कर्क राशि के लिए उच्च का मंगल काफी सहयोगी है. ऐसे में इस राशि के लोगों को मंगल के बीज मंत्र ॐ अं अंगारकाय नमः का 108 बार जप करें.
Surya Grahan 2026:सूर्य ग्रहण के समय बीमार और बच्चों के लिए क्या कहता है नियम?

Solar Eclipse Rules for Kids and patient: सनातन परंपरा में जिस सूर्य ग्रहण की घटना को बेहद अशुभ मानते हुए उसे न सिर्फ देखने की मनाही है, बल्कि उससे जुड़े कुछेक नियमों का पालन करने का भी निर्देश है. जैसे किसी भी व्यक्ति को सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए. इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही है. ग्रहण के दौरान सोना भी उचित नहीं माना जाता है.
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह नियम बच्चों और बूढ़ों पर भी लागू होता है. हिंदू मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दौरान बीमार और बच्चों को कुछेक चीजों के लिए कुछेक उपायों के साथ छूट दी गई है. मसलन यदि कोई बच्चा है तो उसे तुलसी दल मिले हुए भोजन को करने की छूट प्रदान की गई है. इसी प्रकार बीमार व्यक्ति को दवा के सेवन या सोने के लिए कोई मनाही नहीं है.
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण से आखिर मिथुन राशि की कौन सी बढ़ सकती हैं मुश्किलें?

Solar Eclipse 2026 Impact On Gemini Zodiac Sign: साल का पहला सूर्य ग्रहण मिथुन राशि के लिए मिलेजुले फल देने वाला कहा जाएगा. राशि में स्थित बृहस्पति और भाग्य स्थान पर बुध शुक्र और सूर्य की युति बड़े राजयोग का सूचक है. कुछ अच्छे संदेश आपको मिल सकते हैं, लेकिन अष्टम का मंगल आपको अपने अग्रेशन पर थोड़ा सा कंट्रोल करने की चेतावनी दे रहा है. इस दौरान हल्की-फुल्की चोट लगने की आशंका रहेगी. ऐसे में सावधान रहें. बाहर की चीजों को खाने-पीने से बचें क्योंकि बृहस्पति और मंगल का षडाष्टक योग कोई उदर विकार या छोटा-मोटा संक्रमण कर सकता है, इसलिए ग्रहण के दिन आपको फलों का सेवन करना आपे लिए उचित कहा जाएगा.
Surya Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब पड़ेगा?

Second Surya Grahan 2026 Date: आज साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं नजर आएगा लेकिन क्या आगे आने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान रहेगा. यह कब लगेगा? जाने-माने ज्योतिषाचार्य डॉ. आर. पी. जोशी के अनुसार साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार को पड़ेगा. खास बात ये कि आने वाला सूर्य ग्रहण भी भारत में नहीं नजर आएगा. यह ग्रहण भी अमेरिका और दक्षिणी पेसिफिक में ही दिखाई देगा.
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में आखिर किन चीजों के दान से होता है कल्याण

Surya Grahan 2026 Daan Samagri: हिंदू मान्यता के अनुसार जीवन से जुड़े सभी प्रकार के दोष को दूर करने और उससे बचने के लिए दान को सबसे उत्तम उपाय माना गया है. यही कारण है कि सूर्य ग्रहण के दौरान स्नान के साथ दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति की बात कही जाती है. हिंदू मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान किस चीज का दान करने से किस फल चीज की प्राप्ति होती है, आइए इसे विस्तार से जानते हैं —
- चने का दान : सूर्य ग्रहण के बाद चना का दान करने से कुंडली का बृहस्पति मजबूत होता है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
- गेहूं का दान : सूर्य ग्रहण के गेहूं का दान करने से करियर-कारोबर में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और उसमें मनचाही प्रगति और लाभ की प्राप्ति होती है.
- लाल वस्त्र का दान : सूर्य ग्रहण के दिन लाल वस्त्र का दान करने से व्यक्ति का आत्मबल और आत्मविश्वास मजबूत होता है.
- गुड़ का दान : सूर्य ग्रहण के दिन गुड़ का दान करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और संचित धन में वृद्धि होती है.
- तांबे के बर्तन का दान : सूर्य ग्रहण वाले दिन तांबे का बर्तन दान करने से सूर्य देव अत्यधि प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को सुख-सौभाग्य और आरोग्य प्रदान करते हैं.
Surya Grahan 2025 Rituals: सूर्य ग्रहण शुरू होने से लेकर खत्म होने तक करने चाहिए ये 3 काम

Surya grahan 2025 3 Important Rituals: सनातन परंपरा में किसी भी सूर्य ग्रहण के प्रारंभ होने से लेकर उसके खत्म होने के बाद तक के लिए कुछेक जरूरी काम बताए गये हैं, जिसे करने पर व्यक्ति को इस ग्रहण से जुड़े दोष प्रभावित नहीं करते हैं. जिन स्थानों पर आज का यह सूर्य ग्रहण दृश्यमान है, वहां पर रहने वाले सनातनी लोगों को ग्रहण के दोष से बचने और पुण्यफल पाने के लिए सबसे पहले तो सूतक का नियम मानना चाहिए. इसी प्रकार जब सूर्य ग्रणह का स्पर्श हो तो सबसे पहले स्नान करना चाहिए.
इसके बाद जब सूर्य ग्रहण का मध्य आए तो उस दौरान व्यक्ति को अपने आराध्य देवी-देवता या फिर अपने गुरु का मंत्र जप करना चाहिए. वहीं जब यह ग्रहण समाप्त हो जाए तो किसी जलतीर्थ पर जाकर स्नान और दान करना चाहिए. यदि आप किसी नदी, सरोवर या समुद्र जैसे जल तीर्थ पर न जा पाएं तो अपने घर में नहाने के पानी में गंगाजल निकाल कर स्नान कर सकते हैं. स्नान के बाद दान की जाने वाली वस्तु,अन्न या धन को निकाल कर रख लें और जब बाहर निकलें तो जरूरतमंद व्यक्ति को उसे दान कर दें.
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण दिलाएगा वृषभ राशि को बड़ी सफलता लेकिन भावनाओं पर रखना होगा काबू

Surya Grahan 2026 impact on Taurus zodiac sign: साल का पहला सूर्य ग्रहण वृषभ राशि वालों के लिए सुखद स्थिति को लेकर आ रहा है. वृषभ राशि वालों के लिए पराक्रम भाव में ग्रहण की स्थिति कार्यक्षेत्र में थोड़ी-बहुत कठिनाइयों का भले आभास कराती हों, लेकिन पंचमेश बुध और लग्नेश शुक्र एक साथ पराक्रम भाव में होना, एक बड़ा राजयोग बनता है, क्योंकि सार्वभौमिक रूप से सूर्य जो स्वयं पराक्रम का स्वामी है वह भी दशम भाव में मजबूत स्थिति पर है. साथ में नवम भाव में उच्च का मंगल आपके उत्साह को बनाए रखेगा. इसलिए आपका ग्रहण का यह समय अच्छा गुजरने वाला है. कोई अच्छी सफलता हासिल कर सकते हैं बस इस बात का ध्यान देने की भावनाओं में बह करके कोई निर्णय न ले .
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान आखिर किन नियमों की नहीं करनी चाहिए अनदेखी?

Surya Grahan 2026 Rules and rituals: सूर्य ग्रहण को लेकर न सिर्फ धर्मशास्त्र बल्कि ज्योतिष भी कुछेक नियमों का पालन करने का निर्देश देता है. जैसे सूर्य ग्रहण वाले दिन 12 घंटे पहले सूतक लग जाता है और इससे जुड़े नियम सभी सनातनी लोगों को मानने होते हैं. हालांकि इन नियमों को लेकर बालक, वृद्ध और रोगी व्यक्ति को इन नियमों में कुछ ढील होती है. सूर्य ग्रहण के दौरान जहां उसे देखना सख्त मना होता है, वहीं इस दौरान बाल, नाखून आदि कटवाने की भी मनाही होती है. सूर्य ग्रहण के दौरान सोना या स्त्री प्रसंग भी मना है.
अगर बात करें धर्म-कर्म से गतिविधियों की तो सूर्य ग्रहण का सूतक लगने से पहले सभी मंदिरों के पट बंद कर दिये जाते हैं और मूर्ति या फिर कहें देवस्थान का स्पर्श नहीं किया जाता है. हालांकि सूर्य ग्रहण के दौरान देवी-देवताओं के लिए मंत्र जप और उनके चिंतन-मनन की कोई मनाही नहीं होती है, बल्कि ऐसा करना बेहद शुभ और सिद्धप्रद माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार अगर कोई व्यक्ति सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण दौरान अपने आरध्य देवी-देवता का एक माला जप करता है तो उसे 100 माला जप के बराबर पुण्यफल प्राप्त होता है.
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण को लेकर क्या कहता है धर्म शास्त्र? जानें इसकी पौराणिक कथा

Surya Grahan 2026 Story: हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को पौराणिक काल की समुद्र मंथन की घटना से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि जब समुद्र मंथन से अमृत कलश निकला तो उसके लिए देवता और दैत्य आपस में लड़ने लगे. जब लड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ने लगी तो भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार लेकर उन्हें इस बात के लिए राजी किया कि वे दोनों को आधा-आधा अमृत बांट देंगे. मान्यता है कि उन्होंने सबसे पहले देवताओं को अमृत देना प्रारंभ किया, लेकिन इसी बीच दैत्यों की तरफ से स्वरभानु नाम का दैत्य देवताओं की टोली में जाकर बैठ गया और उसे अमृत पी लिया.
यह बात जैसे ही भगवान विष्णु को पता चली तो उन्होंने अपने चक्र से उसका सिर काट दिया. मान्यता है कि भगवान विष्णु द्वारा स्वरभानु पर चक्र चलाए जाने से पहले वह अमृत का पान कर चुका था. यही कारण है कि उसकी मृत्यु नहीं हुई और उसका सिर अलग होने के बाद राहु और धड़ केतु के नाम से जाना गया. मान्यता है कि यही राहु और केतु अमावस्या और पूर्णिमा पर सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण का बड़ा कारण बनते हैं.
Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण मेष राशि का बढ़ाएगा खर्च और मानसिक तनाव

Surya Grahan 2026 impact on Aries zodiac sign: साल का पहला सूर्य मेष राशि के लिए थोड़ा प्रतिकूल कहा जाएगा. मेष राशि वालों के लिए ग्रहण की दृष्टि से एकादश भाव में ग्रहण की स्थिति बन रही है जो थोड़ा सा अवरोध को उत्पन्न करता है. हालांकि अच्छी बात यह है कि सूर्य का मंगल के नक्षत्र में होना और मंगल का दशम भाव में स्वयं अपने नक्षत्र में होने से आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी. अलबत्ता एकादशेष शनि का द्वादश में होना खर्च में वृद्धि करते हुए आपके तनाव को बढ़ा सकता है.
उपाय: सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए मेष राशि के लिए देवगुरु बृहस्पति की साधना-आराधना अत्यंत ही फलदायी होगी। बृहस्पति के बीज मंत्र का जप करना आपकेलिए काफी हितकर होगा, क्योंकि तृतीय भाव का बृहस्पति का नवम दृष्टि एक आदर्श भाव पर है.
ग्रहण का समय
शुरुआत: दोपहर 3:26 बजे
मध्यकाल: शाम 5:42 बजे
समापन: शाम 7:52 बजे
Surya Grahan 2026 LIVE: भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण
साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. हालांकि, इसका प्रभाव अंटार्कटिका, दक्षिणी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जाएं सक्रिय मानी जाती हैं. कहा जाता है कि भले ही ग्रहण भारत में न दिखे, लेकिन इस दौरान सूर्य की किरणों का प्रभाव कहीं‑कहीं नकारात्मक रूप से महसूस किया जा सकता है. ऐसे में कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है.