Annular solar eclipse: साल 2026 का पहला annular solar eclipse यानी ring of fire solar eclipse दुनिया के कई हिस्सों में दिखा. इस खास नजारे में चांद सूरज और धरती के बीच आ गया, लेकिन सूरज को पूरी तरह नहीं ढका. नतीजा, आसमान में एक चमकती आग की अंगूठी दिखाई दी.
क्यों बनती है आग की अंगूठी (Why Ring of Fire Happens)
जब चांद अपनी elliptical orbit में धरती से सबसे दूर यानी apogee के पास होता है, तब उसका आकार आसमान में छोटा दिखता है. इस बार चांद का apparent diameter सूरज के करीब 97 प्रतिशत जितना रहा, इसलिए वह सूरज को पूरी तरह कवर नहीं कर पाया और किनारों पर तेज रोशनी की रिंग बनी.

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यह annular solar eclipse 2026 दोपहर 3:27 PM IST से आंशिक रूप में शुरू हुआ. 5:14 PM IST पर अंटार्कटिका के ऊपर annularity शुरू हुआ. अधिकतम चरण 5:43 PM IST पर हुआ, जब करीब 92.7 प्रतिशत सूरज ढका. पूरा इवेंट 7:58 PM IST तक चला.
कहां दिखा यह ग्रहण (Where Will It Be Visible)
यह नजारा मुख्य रूप से अंटार्कटिका के बेहद संकरे इलाके में दिखा. चिली और अर्जेंटीना के दक्षिणी हिस्सों, दक्षिण अफ्रीका, मोजाम्बिक, मेडागास्कर और हिंद महासागर के कुछ द्वीपों में partial solar eclipse नजर आया. अनुमान है कि करीब 176 मिलियन लोग इसे आंशिक रूप से दिखा.
क्या भारत में दिखा (Will It Be Visible in India)
भारत में यह solar eclipse visible in India नहीं दिखा, क्योंकि यहां सूरज ढल चुका था. हालांकि TimeandDate जैसे प्लेटफॉर्म पर live streaming solar eclipse उपलब्ध रही. विशेषज्ञों की सलाह है कि ISO 12312-2 certified eclipse glasses के बिना सूरज को सीधे न देखें. यह Saros cycle 121 का हिस्सा है और 3 मार्च 2026 को total lunar eclipse भी होगा. यानी आसमान अगले साल रहस्यमय नजारों से भरा रहने वाला है.
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