सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इस महीने पड़ने वाले सोमवार का महत्व भी अन्य महीनों के सोमवार से अलग माना गया है. यही वजह है कि सावन सोमवार पर शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और श्रद्धालु व्रत रखकर जलाभिषेक करते हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, सावन और सोमवार का यह संयोग भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का शुभ अवसर माना जाता है.
सावन का महीना क्यों है खास
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय बताते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है. इस दौरान की गई पूजा, जप और जलाभिषेक का विशेष फल मिलने की मान्यता है. इसलिए भक्त पूरे महीने शिव साधना में लीन रहते हैं.
सोमवार का भगवान शिव से क्या संबंध है
धर्म शास्त्रों के अनुसार सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन शिव पूजा और व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है. जब यही सोमवार सावन में पड़ता है तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है.
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ज्योतिषीय दृष्टि से क्या है महत्व
पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, सोमवार का संबंध चंद्रमा से माना जाता है. भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्रमा धारण करते हैं. ऐसे में सावन सोमवार को शिव पूजा करने से मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है.
सावन सोमवार पर क्या करें
इस दिन सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर जल, गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करें. 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें और श्रद्धा के साथ व्रत रखें. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, सावन सोमवार पर सच्ची भक्ति और पवित्र भाव से की गई आराधना भगवान शिव की विशेष कृपा दिलाने वाली मानी जाती है.
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