
Putrada Ekadashi 2021: अगस्त का महीना त्योहारों महीना कहलाता है. सबसे ज्यादा त्योहार इसी महीने में आते हैं. चाहे वह सावन के सोमवार हो या फिर रक्षा बंधन या फिर एकादशी. वैसे सावन महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. एकादशी को पवित्रा एकादशी, श्रावण पुत्रदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से संतान सुख मिल सकता है. यही वजह है कि एकादशी का व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए की किया जाता है. एकादशी व्रत के नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए, तो व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं. यह व्रत साल में दो बार आता है, एक पौष माह में और दूसरी श्रावण माह में.

18 अगस्त को है - इस बार श्रावण पुत्रदा एकादशी 18 अगस्त 2021, बुधवार को है.
सुबह करें पूजन - जो इस दिन व्रत रख रहे हैं, तो सुबह स्नान कर लें. साफ वस्त्र धारण करें. श्री हरि विष्णु को प्रणाम करके दीपक प्रज्वलित करें. व्रत का संकल्प करें. धूप-दीप दें और विधिवत विष्णु पूजन करें. फलों व नैवेद्य का भोग लगाएं. अंत में श्रीहरि की आरती करें. विष्णु पूजा में तुलसी का प्रयोग अवश्य करें. दिन भर व्रत रहने के बाद शाम के समय श्रीहरि और मां लक्ष्मी का पूजन करें. व्रत कथा पढ़े या सुनें. भोग अर्पित करें. इस व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि में किया जाता है.
सही और शुभ मुहूर्त जान लें - एकादशी तिथि प्रारम्भ- 18 अगस्त 2021 को 03:20 एएम. एकादशी तिथि समाप्त- 19 अगस्त 2021 को 01:05 एएम
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